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पेड़ों की अंधाधुंध कटाई से बढ़ा पर्यावरण संकट
Updated Mon, 05 Jun 2017 01:27 AM IST
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ज्ञानपुर। यह बताने की जरूरत नहीं कि पर्यावरण के लिए पेड़-पौधों का होना कितना जरूरी है। पेड़-पौधे हरियाली कायम कर पर्यावरण को संतुलित करते हैं। जो मानव स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होते हैं। पर मानव ही वर्तमान में पर्यावरण का दुश्मन बन बैठा है। जिले के पर्यावरण पर नजर डाले तो यहां केवल 0.1 फीसदी वन क्षेत्र है। तमाम प्रयास के बाद भी इस आंकड़े में बढ़ोतरी नहीं हो सकी। जिले में हर साल 70 से 80 हजार पौधे लगाए जाते हैं। पिछले वर्ष 88 हजार पौधे लगाए गए थे। 15 सालों में लगभग 10 लाख पौधे लगाए गए, लेकिन धरातल पर गिनती के पौधे ही बचे। अव्वल तो देखरेख ऊपर से सुरक्षा की समुचित व्यवस्था न होने के चलते पौधे खत्म होते गए। इस वर्ष की बरसात के मद्देनजर 99 हजार पौधे लगाने की तैयारी है। पौधों के न बचने की सूरत में पर्यावरण संरक्षण की मुहिम को तगड़ा झटका लगता नजर आ रहा है। वन विभाग ने इस साल जुलाई में 82 हेक्टेयर में 99 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। लेकिन, यह कितना सफल हो पाता है, यह देखने वाली बात होगी।
दूसरी ओर हरे पेड़ों की कटाई पर भी कारगर रोक नहीं है। वन विभाग भले ही दावा करे कि हरे पेड़ों की कटाई बंद है। पर यह पूरी तरह सत्य नहीं है। पुलिस और विभाग की मिलीभगत से पेड़ों की कटाई बदस्तूर जारी है। खास बात यह कि पौधों को बड़े पैमाने पर रोपित करके रिकार्ड तो बनाया जाता है। लेकिन, रिकार्ड के मुकाबले उसकी सुरक्षा को लेकर एक फीसदी भी संजीदगी नहीं दिखाई जाती। इससे पौधों को उगाने और उसको लगवाने में खर्च मेहनत और धन बेकार हो जाता है। इस बार वन विभाग ने पौधों की सुरक्षा के लिए लगभग एक लाख ट्री गॉर्ड बनवाने की तैयारी की है।
इनसेट
वन विभाग का कार्य पौधे लगवाकर पर्यावरण संरक्षित करना है। पौधे लगवाने के बाद उनकी सुरक्षा के लिए संबंधित विभागों का सहयोग नहीं मिल पाता। न ही वन विभाग के पास ही पर्याप्त स्टॉफ है। इस साल 82 हेक्टेयर में 99 हजार पौधे लगवाने का लक्ष्य है। यदि ये पौधे सुरक्षित रहे तो जिले में पर्यावरण संरक्षण की मुहिम को बल मिलेगा।
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केके पांडेय, प्रभागीय वनाधिकारी
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दूसरी ओर हरे पेड़ों की कटाई पर भी कारगर रोक नहीं है। वन विभाग भले ही दावा करे कि हरे पेड़ों की कटाई बंद है। पर यह पूरी तरह सत्य नहीं है। पुलिस और विभाग की मिलीभगत से पेड़ों की कटाई बदस्तूर जारी है। खास बात यह कि पौधों को बड़े पैमाने पर रोपित करके रिकार्ड तो बनाया जाता है। लेकिन, रिकार्ड के मुकाबले उसकी सुरक्षा को लेकर एक फीसदी भी संजीदगी नहीं दिखाई जाती। इससे पौधों को उगाने और उसको लगवाने में खर्च मेहनत और धन बेकार हो जाता है। इस बार वन विभाग ने पौधों की सुरक्षा के लिए लगभग एक लाख ट्री गॉर्ड बनवाने की तैयारी की है।
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वन विभाग का कार्य पौधे लगवाकर पर्यावरण संरक्षित करना है। पौधे लगवाने के बाद उनकी सुरक्षा के लिए संबंधित विभागों का सहयोग नहीं मिल पाता। न ही वन विभाग के पास ही पर्याप्त स्टॉफ है। इस साल 82 हेक्टेयर में 99 हजार पौधे लगवाने का लक्ष्य है। यदि ये पौधे सुरक्षित रहे तो जिले में पर्यावरण संरक्षण की मुहिम को बल मिलेगा।
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केके पांडेय, प्रभागीय वनाधिकारी