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14 भवनों पर चला बुलडोजर
अमर उजाला ब्यूरो /ज्ञानपुर
Updated Sun, 04 Dec 2016 11:10 PM IST
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जंगीगंज के मेलौना गांव में मकान को गिराता जेसीबी।
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गोपीगंज थानाक्षेत्र के मैलोना गांव में तालाब के किनारे बने 14 भवनों पर बुलडोजर चला। इससे इलाके में खलबली मच गई। करीब तीन से चार घंटे तक चले अभियान के दौरान अफरातफरी का माहौल रहा। भारी फोर्स की मौजूदगी होने से कोई विरोध नहीं कर सका। आशियाना टूटने से 14 दलित परिवार के 50 से अधिक लोग खुले आसमान के नीचे आ गए।
मैलोना गांव स्थित तालाब के किनारे चार से पांच दशक पूर्व दलित बस्ती के लोग मकान बनवाकर रह रहे थे। तीन दिन पूर्व प्रशासनिक अधिकारियों ने नोटिस जारी कर चिन्हांकन किया था। रविवार को एसडीएम ज्ञानपुर केशवनाथ गुप्ता, सीओ श्यामशंकर पांडेय के नेतृत्व में भारी संख्या में पुलिस फोर्स मैलोना गांव में पहुंच गई। जेसीबी संग पहुंचे अफसरों को देखकर खलबली मच गई।
प्रशासन ने इस दौरान जेसीबी से शारदा प्रसाद गौतम, प्रेमचंद गौतम, चंद्रकेश कुमार गौतम, दिनेश कुमार, आशीष गौतम, शेषमणि गौतम, लालमणी गौतम, बलवंता गौतम, पंचलाल गौतम, छविनाथ, रविशंकर गौतम के कच्चे और पक्के मकान को गिराया गया।
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आंखों के सामने आशियाना टूटने से महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। दलितों ने आरोप लगाया कि उन्हें पूर्व में पट्टा आवंटित किया गया था, जिसके तहत वहां घर बनाकर रह रहे थे, लेकिन प्रशासन ने उन्हें कहीं का नहीं छोड़ा। घर टूटने से उनका पूरा परिवार खुले आसमान के नीचे जीवन-यापन के लिए विवश हो गया है। वहीं एसडीएम ज्ञानपुर केशवनाथ ने कहा कि हाईकोर्ट के निर्देश पर कार्रवाई की गई है। पट्टा आवंटन होता तो कोई कार्रवाई नहीं की जाती।
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मैलोना गांव स्थित तालाब के किनारे चार से पांच दशक पूर्व दलित बस्ती के लोग मकान बनवाकर रह रहे थे। तीन दिन पूर्व प्रशासनिक अधिकारियों ने नोटिस जारी कर चिन्हांकन किया था। रविवार को एसडीएम ज्ञानपुर केशवनाथ गुप्ता, सीओ श्यामशंकर पांडेय के नेतृत्व में भारी संख्या में पुलिस फोर्स मैलोना गांव में पहुंच गई। जेसीबी संग पहुंचे अफसरों को देखकर खलबली मच गई।
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प्रशासन ने इस दौरान जेसीबी से शारदा प्रसाद गौतम, प्रेमचंद गौतम, चंद्रकेश कुमार गौतम, दिनेश कुमार, आशीष गौतम, शेषमणि गौतम, लालमणी गौतम, बलवंता गौतम, पंचलाल गौतम, छविनाथ, रविशंकर गौतम के कच्चे और पक्के मकान को गिराया गया।
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आंखों के सामने आशियाना टूटने से महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। दलितों ने आरोप लगाया कि उन्हें पूर्व में पट्टा आवंटित किया गया था, जिसके तहत वहां घर बनाकर रह रहे थे, लेकिन प्रशासन ने उन्हें कहीं का नहीं छोड़ा। घर टूटने से उनका पूरा परिवार खुले आसमान के नीचे जीवन-यापन के लिए विवश हो गया है। वहीं एसडीएम ज्ञानपुर केशवनाथ ने कहा कि हाईकोर्ट के निर्देश पर कार्रवाई की गई है। पट्टा आवंटन होता तो कोई कार्रवाई नहीं की जाती।