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हर सीट पर लगेंगी 14-14 टेबल, तैनात रहेंगे सुपरवाइजर
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विधानसभा चुनाव में मतदान खत्म होने के बाद अब प्रशासन मतगणना की तैयारी में जुट गया है। विधानसभावार पड़े मतों की 10 मार्च को होने वाली तीनों सीटों की मतगणना के लिए 14-14 टेबल लगाए जाएंगे। मंगलवार को कर्मचारी इसकी तैयारी में जुटे रहे। जिला निर्वाचन अधिकारी आर्यका अखौरी ने भी स्ट्रांग रूम और गणना स्थल का जायजा लिया। तीनों रिटर्निंग अफसरों को दिशा-निर्देश भी दिए।
जिले के तीनों विधानसभा क्षेत्रों में सात मार्च को मतदान हो गया। 10 मार्च को होने वाली मतगणना के लिए प्रशासन व पुलिस संग राजनीतिक दलों ने भी तैयारी तेज कर दी है। प्रशासन स्तर पर मतगणना का खाका लगभग तैयार कर लिया गया है। हर विधानसभा में 14-14 टेबलों पर मतों की गिनती होगी। यानी एक राउंड में 14 ईवीएम की गिनती होगी। विधानसभावार जितने भी बूथ हैं, उसी के अनुसार निर्धारित चक्र में गणना पूरी कर ली जाएगी। अनुमान जताया गया कि 32 से 33 चक्रों में मतगणना पूरी होगी। प्रत्येक टेबल के लिए प्रत्याशियों के एक-एक एजेंट बनाए जाएंगे। प्रशासन की तरफ से प्रत्येक प्रत्याशी के लिए कुल 17 एजेंट बनाने की अनुमति दी गई है। इनमें से 14 एजेंट टेबल पर तो पोस्टल बैलट, खानपान सेवा व वीवी पैट मशीन से निकलने वाली पर्ची की जांच के लिए एक-एक एजेंट को पास जारी किए गए हैं। मुख्य विकास अधिकारी भानु प्रताप सिंह ने बताया कि शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष मतगणना के लिए प्रशासन की ओर से मुकम्मल व्यवस्था की गई है। हर विधानसभा में 14 टेबल लगाए जाएंगे। इसके अलावा आरओ व एआरओ के लिए एक-एक टेबल लगेंगे। एक टेबल पर वीवीपैट की पर्चियों की गिनती होगी। कुल 17 टेबल की व्यवस्था की गई है। उप जिला निर्वाचन अधिकारी शैलेंद्र मिश्र ने बताया कि मतगणना के दौरान पंडाल में निर्धारित कर्मचारी ही जा सकेंगे। एक टेबल पर एक माइक्रो ऑब्जर्बर, एक सुपरवाइजर, एक गणनाकर्मी और एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी मौजूद रहेगा। जिन कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी, वही पंडाल के अंदर जा सकेंगे। प्रत्याशी और एजेंट बाहर रहेंगे। सभी मतगणना की हर टेबल पर नजर रख सकेंगे। मतगणना के दौरान सीसीटीवी कैमरे तो लगे ही रहेंगे, साथ ही वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी। हर राउंड की मतगणना के रिजल्ट एजेंटों, प्रत्याशियों को नोट कराए जाएंगे। मतगणना के दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी चाक चौबंद रहेगी। उधर, कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित स्ट्रांग रूम की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। ईवीएम और वीवीपैट की सुरक्षा के लिए केंद्रीय पुलिस बल की तैनाती की गई है। इसके लिए तीन सुरक्षा घेरा बनाए गए हैं। इस सुरक्षा घेरे में केंद्रीय पुलिस बल के साथ ही पीएसी एवं सिविल पुलिस के जवान तैनात हैं। इसके अलावा ड्यूटी पर तैनात अधिकारी नियमित रूप से स्ट्रांग रूम का निरीक्षण कर रहे हैं। निगरानी के लिए केंद्रीय पुलिस बल, पीएसी और सिविल पुलिस के जवानों की तैनाती विधानसभावार की गई है। स्ट्रांग रूम के बाहर केंद्रीय पुलिस के जवानों को तैनात किया गया है। अपर पुलिस अधीक्षक राजेश भारती ने बताया कि सुरक्षाकर्मियों की आठ-आठ घंटे की तीन शिफ्ट में ड्यूटी लगाई गई है।
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जिले के तीनों विधानसभा क्षेत्रों में सात मार्च को मतदान हो गया। 10 मार्च को होने वाली मतगणना के लिए प्रशासन व पुलिस संग राजनीतिक दलों ने भी तैयारी तेज कर दी है। प्रशासन स्तर पर मतगणना का खाका लगभग तैयार कर लिया गया है। हर विधानसभा में 14-14 टेबलों पर मतों की गिनती होगी। यानी एक राउंड में 14 ईवीएम की गिनती होगी। विधानसभावार जितने भी बूथ हैं, उसी के अनुसार निर्धारित चक्र में गणना पूरी कर ली जाएगी। अनुमान जताया गया कि 32 से 33 चक्रों में मतगणना पूरी होगी। प्रत्येक टेबल के लिए प्रत्याशियों के एक-एक एजेंट बनाए जाएंगे। प्रशासन की तरफ से प्रत्येक प्रत्याशी के लिए कुल 17 एजेंट बनाने की अनुमति दी गई है। इनमें से 14 एजेंट टेबल पर तो पोस्टल बैलट, खानपान सेवा व वीवी पैट मशीन से निकलने वाली पर्ची की जांच के लिए एक-एक एजेंट को पास जारी किए गए हैं। मुख्य विकास अधिकारी भानु प्रताप सिंह ने बताया कि शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष मतगणना के लिए प्रशासन की ओर से मुकम्मल व्यवस्था की गई है। हर विधानसभा में 14 टेबल लगाए जाएंगे। इसके अलावा आरओ व एआरओ के लिए एक-एक टेबल लगेंगे। एक टेबल पर वीवीपैट की पर्चियों की गिनती होगी। कुल 17 टेबल की व्यवस्था की गई है। उप जिला निर्वाचन अधिकारी शैलेंद्र मिश्र ने बताया कि मतगणना के दौरान पंडाल में निर्धारित कर्मचारी ही जा सकेंगे। एक टेबल पर एक माइक्रो ऑब्जर्बर, एक सुपरवाइजर, एक गणनाकर्मी और एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी मौजूद रहेगा। जिन कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी, वही पंडाल के अंदर जा सकेंगे। प्रत्याशी और एजेंट बाहर रहेंगे। सभी मतगणना की हर टेबल पर नजर रख सकेंगे। मतगणना के दौरान सीसीटीवी कैमरे तो लगे ही रहेंगे, साथ ही वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी। हर राउंड की मतगणना के रिजल्ट एजेंटों, प्रत्याशियों को नोट कराए जाएंगे। मतगणना के दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी चाक चौबंद रहेगी। उधर, कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित स्ट्रांग रूम की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। ईवीएम और वीवीपैट की सुरक्षा के लिए केंद्रीय पुलिस बल की तैनाती की गई है। इसके लिए तीन सुरक्षा घेरा बनाए गए हैं। इस सुरक्षा घेरे में केंद्रीय पुलिस बल के साथ ही पीएसी एवं सिविल पुलिस के जवान तैनात हैं। इसके अलावा ड्यूटी पर तैनात अधिकारी नियमित रूप से स्ट्रांग रूम का निरीक्षण कर रहे हैं। निगरानी के लिए केंद्रीय पुलिस बल, पीएसी और सिविल पुलिस के जवानों की तैनाती विधानसभावार की गई है। स्ट्रांग रूम के बाहर केंद्रीय पुलिस के जवानों को तैनात किया गया है। अपर पुलिस अधीक्षक राजेश भारती ने बताया कि सुरक्षाकर्मियों की आठ-आठ घंटे की तीन शिफ्ट में ड्यूटी लगाई गई है।
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