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जयरामपुर पहुंची पशुपालन विभाग की टीम
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ज्ञानपुर। औराई विकास खंड के जयरामपुर गांव में आखिरकार सोमवार को पशुपालन विभाग की टीम पहुंची। सीवीओ के नेतृत्व में पहुंची टीम ने बीमार मवेशियों का टीकाकरण किया। कई महत्वपूर्ण वैक्सीन न होने से विभाग की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
एक सप्ताह से औराई क्षेत्र के जयरापुर गांव में अज्ञात बीमारी की चपेट में आकर अब तक दर्जन भर से अधिक पशुओं की मौत हो चुकी है। कई बार शिकायत के बाद भी विभाग की ओर से पहल नहीं की गई, लेकिन सोमवार को मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ.जेपी सिंह के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम गांव पहुंची। टीम में शामिल रहे वरिष्ठ चिकित्सक डा.जेडी सिंह ने बताया कि मच्छरजनित बीमारी मौत का कारण बन रही है। जहरीले मच्छर पशुओं को अपना निशाना बनाकर बीमारी का बढ़ावा दे रहे हैं। बचाव के लिए पालकों को सुबह-शाम धुआं करने एवं साफ-सफाई वाले स्थान पर पशुओं को रखने का निर्देश दिया। वहीं गांव में खुरपका-मुंहपका का टीकाकरण भी कराया गया। उन्होंने बताया कि गंदगी के बीच पनपने वाले मच्छरों से परस्क्यूट ट्रिपोना सोमेएसीन नामक बीमारी बहुत ही घातक होती है। बचाव के लिए ट्राईक्वीन और एंट्रीसाइस वैक्सीन महंगी होने के कारण अस्पतालों में उपलब्ध नहीं रहती। यही स्थिति एंटी रैबीज वैक्सीन की बनी है।
एक सप्ताह से औराई क्षेत्र के जयरापुर गांव में अज्ञात बीमारी की चपेट में आकर अब तक दर्जन भर से अधिक पशुओं की मौत हो चुकी है। कई बार शिकायत के बाद भी विभाग की ओर से पहल नहीं की गई, लेकिन सोमवार को मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ.जेपी सिंह के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम गांव पहुंची। टीम में शामिल रहे वरिष्ठ चिकित्सक डा.जेडी सिंह ने बताया कि मच्छरजनित बीमारी मौत का कारण बन रही है। जहरीले मच्छर पशुओं को अपना निशाना बनाकर बीमारी का बढ़ावा दे रहे हैं। बचाव के लिए पालकों को सुबह-शाम धुआं करने एवं साफ-सफाई वाले स्थान पर पशुओं को रखने का निर्देश दिया। वहीं गांव में खुरपका-मुंहपका का टीकाकरण भी कराया गया। उन्होंने बताया कि गंदगी के बीच पनपने वाले मच्छरों से परस्क्यूट ट्रिपोना सोमेएसीन नामक बीमारी बहुत ही घातक होती है। बचाव के लिए ट्राईक्वीन और एंट्रीसाइस वैक्सीन महंगी होने के कारण अस्पतालों में उपलब्ध नहीं रहती। यही स्थिति एंटी रैबीज वैक्सीन की बनी है।
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