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लापरवाही में लटका राशन कार्डों का सत्यापन
Updated Fri, 07 Jul 2017 12:47 AM IST
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ज्ञानपुर (भदोही)। जिले में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत जारी राशन कार्डों की सूची सत्यापन के लिए समय सीमा 30 जून समाप्त चुकी है लेकिन कार्डों की सूची का सत्यापन नहीं हो सका। समय सीमा समाप्त हो गई लेकिन कार्डों का सत्यापन आधा भी नहीं हो सका है। ऐसे में इन कार्डों का सत्यापन होने में जुलाई भी बीत सकता है।
जिले में अंत्योदय और पात्र गृहस्थी के करीब तीन लाख राशन कार्ड जारी किए गए हैं। इसमें 38 हजार अंत्योदय और ढाई लाख से अधिक पात्र गृहस्थी के कार्डधारक हैं। शासन से मई में ही राशन कार्ड सूची के सत्यापन के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए थे। जरूरी आंकड़े लेकर जून के पहले पखवारे तक सत्यापन कार्य पूर्ण कर लेना था। इसके बाद नई सूची बनाकर उसको अपलोड कर ऑनलाइन करना था। इसके लिए 30 जून तक की तिथि तय थी। लेकिन सत्यापित सूची को ऑनलाइन होने के बजाए 30 जून तक 25 फीसदी कार्डों का सत्यापन तक नहीं हो सका। लेखपाल, नलकूप ऑपरेटर, आंगनबाड़ी आदि कर्मियों ने जमकर लेटलतीफी की। अब जुलाई के प्रथम सप्ताह में सत्यापन में तेजी आई है, जो कि अब तक महज 50 फीसदी के करीब पहुंची है। सत्यापन पर गंवई राजनीति का असर भी पड़ रहा है। वहीं, लेखपाल कई हलकों की जिम्मेदारी होने का हवाला देकर भाग रहे हैं। ऐसे में कार्डों का सत्यापन समय से पूरा तो नहीं हो सका लेकिन एक माह बाद भी संभव नहीं लगता।
50 फीसदी से अधिक राशन कार्डों का सत्यापन हो गया है। जुलाई में शेष कार्य पूरे हो जाएंगे। देर होने पर बताया कि कई विभाग के कर्मी लगे हैं, उनकी भी व्यस्तता के चलते देर हुई। - संजय पांडेय, जिलापूर्ति अधिकारी
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जिले में अंत्योदय और पात्र गृहस्थी के करीब तीन लाख राशन कार्ड जारी किए गए हैं। इसमें 38 हजार अंत्योदय और ढाई लाख से अधिक पात्र गृहस्थी के कार्डधारक हैं। शासन से मई में ही राशन कार्ड सूची के सत्यापन के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए थे। जरूरी आंकड़े लेकर जून के पहले पखवारे तक सत्यापन कार्य पूर्ण कर लेना था। इसके बाद नई सूची बनाकर उसको अपलोड कर ऑनलाइन करना था। इसके लिए 30 जून तक की तिथि तय थी। लेकिन सत्यापित सूची को ऑनलाइन होने के बजाए 30 जून तक 25 फीसदी कार्डों का सत्यापन तक नहीं हो सका। लेखपाल, नलकूप ऑपरेटर, आंगनबाड़ी आदि कर्मियों ने जमकर लेटलतीफी की। अब जुलाई के प्रथम सप्ताह में सत्यापन में तेजी आई है, जो कि अब तक महज 50 फीसदी के करीब पहुंची है। सत्यापन पर गंवई राजनीति का असर भी पड़ रहा है। वहीं, लेखपाल कई हलकों की जिम्मेदारी होने का हवाला देकर भाग रहे हैं। ऐसे में कार्डों का सत्यापन समय से पूरा तो नहीं हो सका लेकिन एक माह बाद भी संभव नहीं लगता।
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50 फीसदी से अधिक राशन कार्डों का सत्यापन हो गया है। जुलाई में शेष कार्य पूरे हो जाएंगे। देर होने पर बताया कि कई विभाग के कर्मी लगे हैं, उनकी भी व्यस्तता के चलते देर हुई। - संजय पांडेय, जिलापूर्ति अधिकारी
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