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राष्ट्रीय लोक अदालत में निपटे 1702
Updated Sun, 09 Dec 2018 12:08 AM IST
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ज्ञानपुर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से शनिवार को दीवानी न्यायालय परिसर में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में 1702 वादों का निस्तारण किया गया। साथ ही आपराधिक मामलों में एक लाख 23 हजार 960 रुपये अर्थदंड वसूल किया गया। मोटर दुर्घटना के मामलों में आश्रितों और घायलों को 36 लाख 40 हजार रुपये क्षतिपूर्ति के रूप में दिए गए, जबकि बैंकों के प्री-लिटिगेशन मामलों में दो करोड़ 24 लाख 47 हजार समझौता राशि मुकर्रर की गई।
जिला जज ने मोटर दुर्घटना के 10 मामलों का निस्तारण किया। साथ ही प्रतिकर के रूप में 10 लाख 90 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति दिलवाई। इसके अलावा दो आपराधिक मामलों का निस्तारण किया। अपर जिला जज प्रथम संजय कुमार डे ने बिजली के 55 वादों की सुनवाई की। इस दौरान 50500 अर्थदंड लगाकर मामलों को निस्तारित किया। परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश प्रभाकर राव ने वैवाहिक दो मामलों का निस्तारण किया। अपर जिला जज द्वितीय मृदुल कुमार मिश्र ने सिविल के तीन और आपराधिक के दो वादों का निस्तारण किया। अपर जिला जज फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम अशोक कुमार दुबे ने आपराधिक और मोटर दुर्घटना के एक-एक मामलों का निस्तारण किया। फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय संजीव कुमार सिंह ने मोटर दुर्घटना के 30 का निस्तारण करते हुए 15 लाख रुपये प्रतिकर निर्धारित किया।
सीजेएम रामकरन यादव ने 102 आपराधिक मामलों का निस्तारण किया। इसी तरह सिविल जज सीनियर डिवीजन रघुबर सिंह ने व्यावहारिक वाद के तीन, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चंद्रमोहन मिश्र ने आपराधिक के 108, आशुतोष कुमार द्वितीय ने दीवानी के 12 मामलों का निपटारा किया। इसी तरह जेएम प्रथम पवन कुमार, जेएम द्वितीय दीपक नाथ सरस्वती, अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन प्रथम अभिनव यादव और द्वितीय प्रभाष कुमार त्रिपाठी और तीनों तहसीलों के एसडीएम, तहसीलदार आदि ने भी विभिन्न वादों का निस्तारण किया। वादों से लगभग ढाई हजार लोग लाभान्वित हुए। इससे पूर्व जिला जज नसीर अहमद ने सरस्वती प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्जवलन के साथ कार्यक्रम का उद्घाटन करने के बाद सिविल जज सीनियर डिवीजन रघुबर सिंह को राष्ट्रीय लोक अदालत का नोडल अधिकारी नियुक्त किया। साथ ही बैंक के एनपीए खातों के बैंक लोन रिकवरी के मामलों के निस्तारण के लिए एक लोक अदालत पीठ का गठन करते हुए परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश प्रभाकर राव को उसका अध्यक्ष नियुक्त किया। इस मौके पर बड़ी संख्या में न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता और वादी-प्रतिवादी मौजूद रहे।
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जिला जज ने मोटर दुर्घटना के 10 मामलों का निस्तारण किया। साथ ही प्रतिकर के रूप में 10 लाख 90 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति दिलवाई। इसके अलावा दो आपराधिक मामलों का निस्तारण किया। अपर जिला जज प्रथम संजय कुमार डे ने बिजली के 55 वादों की सुनवाई की। इस दौरान 50500 अर्थदंड लगाकर मामलों को निस्तारित किया। परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश प्रभाकर राव ने वैवाहिक दो मामलों का निस्तारण किया। अपर जिला जज द्वितीय मृदुल कुमार मिश्र ने सिविल के तीन और आपराधिक के दो वादों का निस्तारण किया। अपर जिला जज फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम अशोक कुमार दुबे ने आपराधिक और मोटर दुर्घटना के एक-एक मामलों का निस्तारण किया। फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय संजीव कुमार सिंह ने मोटर दुर्घटना के 30 का निस्तारण करते हुए 15 लाख रुपये प्रतिकर निर्धारित किया।
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सीजेएम रामकरन यादव ने 102 आपराधिक मामलों का निस्तारण किया। इसी तरह सिविल जज सीनियर डिवीजन रघुबर सिंह ने व्यावहारिक वाद के तीन, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चंद्रमोहन मिश्र ने आपराधिक के 108, आशुतोष कुमार द्वितीय ने दीवानी के 12 मामलों का निपटारा किया। इसी तरह जेएम प्रथम पवन कुमार, जेएम द्वितीय दीपक नाथ सरस्वती, अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन प्रथम अभिनव यादव और द्वितीय प्रभाष कुमार त्रिपाठी और तीनों तहसीलों के एसडीएम, तहसीलदार आदि ने भी विभिन्न वादों का निस्तारण किया। वादों से लगभग ढाई हजार लोग लाभान्वित हुए। इससे पूर्व जिला जज नसीर अहमद ने सरस्वती प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्जवलन के साथ कार्यक्रम का उद्घाटन करने के बाद सिविल जज सीनियर डिवीजन रघुबर सिंह को राष्ट्रीय लोक अदालत का नोडल अधिकारी नियुक्त किया। साथ ही बैंक के एनपीए खातों के बैंक लोन रिकवरी के मामलों के निस्तारण के लिए एक लोक अदालत पीठ का गठन करते हुए परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश प्रभाकर राव को उसका अध्यक्ष नियुक्त किया। इस मौके पर बड़ी संख्या में न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता और वादी-प्रतिवादी मौजूद रहे।
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