{"_id":"5ce19e9ebdec22070460b5ab","slug":"101558290078-bhadohi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हर दल में भितरघात,परिणाम को लेकर अटकीं सांसे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हर दल में भितरघात,परिणाम को लेकर अटकीं सांसे
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जंगीगंज। छठवें चरण में संपन्न चुनाव के बाद मतगणना को लेकर चुनावी बहस नगरीय क्षेत्रों से लेकर तटवर्ती अंचल तक जोर पकड़ लिया है। चुनाव में गठबंधन और भाजपा प्रत्याशी में कांटे की टक्कर होने की बात हर कोई कर रहा पर जीत किसकी होगी इसको लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। दलों में हुए भितरघात को लेकर सभी का सांसे अटकी हुई हैं।
छठवें चरण में 12 मई को जिले में मतदान हुआ। लोकसभा चुनाव में कुल 12 प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में कैद हो चुकी है। इसमें मुख्य दलों से भाजपा से रमेश बिंद, गठबंधन से रंगनाथ मिश्रा और कांग्रेस से बाहुबली सांसद रमाकांत यादव संग अन्य प्रत्याशी मैदान में हैं। मतदान के बाद ही चुनावी चर्चा तेज हो चुकी है। कोई गठबंधन तो कोई भाजपा की जीत की बात कर रहा है। ज्यादातर लोगों की नजर में मुकाबला कांटे का है। जो वोटरों को साध लिया होगा उसी की जीत तय मान रहे हैं। 23 मई को मतगणना के साथ ही किसके सिर पर सेहरा बंधेगा उसी दिन तय हो जाएगा। कांटे के मुकाबले में कोई हार-जीत का अंतर काफी कम तो कोई इतिहास रचने का शतप्रतिशत दावा जुबानी जंग तक सीमित हो रही है। भदोही लोकसभा क्षेत्र का गठन वर्ष 2009 में हुआ था। प्रथम बार हुए चुनाव में हाथी ने चिंघाड़ भरी थी और प्रत्याशी रहे पं.गोरखनाथ पांडेय सदन में पहुंचे थे। सपा के छोटेलाल बिंद दूसरे स्थान पर रहे। वर्ष 2014 के चुनाव में भाजपा के वीरेंद्र सिंह मस्त बाजी मार कर संसद पहुंचे। बसपा के राकेशधर त्रिपाठी दूसरे स्थान पर रह कर संतोष किया था। अब 2019 में चुनाव किस करवट बैठा है यह मतगणना के बाद ही स्पष्ट होगा।
विज्ञापन
छठवें चरण में 12 मई को जिले में मतदान हुआ। लोकसभा चुनाव में कुल 12 प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में कैद हो चुकी है। इसमें मुख्य दलों से भाजपा से रमेश बिंद, गठबंधन से रंगनाथ मिश्रा और कांग्रेस से बाहुबली सांसद रमाकांत यादव संग अन्य प्रत्याशी मैदान में हैं। मतदान के बाद ही चुनावी चर्चा तेज हो चुकी है। कोई गठबंधन तो कोई भाजपा की जीत की बात कर रहा है। ज्यादातर लोगों की नजर में मुकाबला कांटे का है। जो वोटरों को साध लिया होगा उसी की जीत तय मान रहे हैं। 23 मई को मतगणना के साथ ही किसके सिर पर सेहरा बंधेगा उसी दिन तय हो जाएगा। कांटे के मुकाबले में कोई हार-जीत का अंतर काफी कम तो कोई इतिहास रचने का शतप्रतिशत दावा जुबानी जंग तक सीमित हो रही है। भदोही लोकसभा क्षेत्र का गठन वर्ष 2009 में हुआ था। प्रथम बार हुए चुनाव में हाथी ने चिंघाड़ भरी थी और प्रत्याशी रहे पं.गोरखनाथ पांडेय सदन में पहुंचे थे। सपा के छोटेलाल बिंद दूसरे स्थान पर रहे। वर्ष 2014 के चुनाव में भाजपा के वीरेंद्र सिंह मस्त बाजी मार कर संसद पहुंचे। बसपा के राकेशधर त्रिपाठी दूसरे स्थान पर रह कर संतोष किया था। अब 2019 में चुनाव किस करवट बैठा है यह मतगणना के बाद ही स्पष्ट होगा।
विज्ञापन