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छुट्टा पशुओं से त्रस्त किसानों ने की सड़क जाम
Updated Sat, 15 Dec 2018 11:52 PM IST
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गोपीगंज। छुट्टा पशुओं से त्रस्त किसानों का गुस्सा शनिवार को फूट पड़ा। नाराज किसानों ने गोपपुर गांव के समीप गोपीगंज-मिर्जापुर मार्ग जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान छुट्टा पशुओं की समस्या को लेकर प्रशासनिक रवैये के खिलाफ नारेबाजी की। किसानों ने कहा कि पशुओं के खुर तले मिट्टी में मिल रही किसानों की गाढ़ी कमाई। जाम लगने से वाहनों और यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
गोपपुर में लामबंद होकर सड़क पर उतरे ग्रामीणों ने कहा कि नीलगाय की समस्या से परेशान किसानों को अब छुट्टा पशुओं के आतंक ने सांसत में डाल दिया है। झुंड के झुंड छुट्टा पशु जिस खेत में लगते हैं, वहां फसल का सफाया कर देते हैं। आरोप लगाया कि इस समस्या को लेकर जिला प्रशासन शिथिल पड़ गया है, जबकि किसानों की गाढ़ी कमाई पशुओं के खुर तले मिट्टी में मिल रही है। गोपीगंज-मिर्जापुर रोडझ् पर प्रदर्शन के चलते सड़क पर जाम लग गया। आवागमन बंद होने से सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि छुट्टा पशुओं के आतंक से किसानों के सामने भुखमरी का संकट उत्पन्न हो जा रहा है। उन्होंने नारेबाजी करते हुए इस समस्या के समाधान की मांग की। गौरतलब है कि गोपपुर और आसपास के क्षेत्रों में इन दिनों सैकड़ों की संख्या में पशु किसानों के खेतों में घुसकर फसलों को बर्बाद कर दे रहे हैं। इससे किसान त्रस्त हो गए हैं। किसानों ने बताया कि इन दिनों गेहूं और सरसों के खेतों में छुट्टा पशु पहुंचकर पूरी फसल नष्ट कर दे रहे हैं। किसानों ने आरोप लगाया कि कई बार जिला प्रशासन से गुहार लगाई गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। किसानों ने जिला प्रशासन से मांग की कि छुट्टा पशुओं को अविलंब अन्यत्र ले जाया जाए। प्रदर्शन करने वालों में मुख्य रूप से अखिलेश यादव, ज्वाला प्रसाद यादव, अंबुज तिवारी, नीरज मिश्रा, रीता देवी, मालती देवी, कुंती देवी, जितेंद्र बहादुर सिंह, श्याम बिहारी गौतम, लालजी गौतम, जोखन दास गौतम, श्यामलाल, मुंडन पाल, अंशु यादव, धारी आदि लोग शामिल रहे।
गोपपुर में लामबंद होकर सड़क पर उतरे ग्रामीणों ने कहा कि नीलगाय की समस्या से परेशान किसानों को अब छुट्टा पशुओं के आतंक ने सांसत में डाल दिया है। झुंड के झुंड छुट्टा पशु जिस खेत में लगते हैं, वहां फसल का सफाया कर देते हैं। आरोप लगाया कि इस समस्या को लेकर जिला प्रशासन शिथिल पड़ गया है, जबकि किसानों की गाढ़ी कमाई पशुओं के खुर तले मिट्टी में मिल रही है। गोपीगंज-मिर्जापुर रोडझ् पर प्रदर्शन के चलते सड़क पर जाम लग गया। आवागमन बंद होने से सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि छुट्टा पशुओं के आतंक से किसानों के सामने भुखमरी का संकट उत्पन्न हो जा रहा है। उन्होंने नारेबाजी करते हुए इस समस्या के समाधान की मांग की। गौरतलब है कि गोपपुर और आसपास के क्षेत्रों में इन दिनों सैकड़ों की संख्या में पशु किसानों के खेतों में घुसकर फसलों को बर्बाद कर दे रहे हैं। इससे किसान त्रस्त हो गए हैं। किसानों ने बताया कि इन दिनों गेहूं और सरसों के खेतों में छुट्टा पशु पहुंचकर पूरी फसल नष्ट कर दे रहे हैं। किसानों ने आरोप लगाया कि कई बार जिला प्रशासन से गुहार लगाई गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। किसानों ने जिला प्रशासन से मांग की कि छुट्टा पशुओं को अविलंब अन्यत्र ले जाया जाए। प्रदर्शन करने वालों में मुख्य रूप से अखिलेश यादव, ज्वाला प्रसाद यादव, अंबुज तिवारी, नीरज मिश्रा, रीता देवी, मालती देवी, कुंती देवी, जितेंद्र बहादुर सिंह, श्याम बिहारी गौतम, लालजी गौतम, जोखन दास गौतम, श्यामलाल, मुंडन पाल, अंशु यादव, धारी आदि लोग शामिल रहे।
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