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प्रशासन से अधिवक्ताओं की वार्ता विफल
Updated Fri, 07 Dec 2018 12:18 AM IST
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ज्ञानपुर। तहसील में अधिवक्ता और लेखपालों के बीच हुई मारपीट के मामले में बृहस्पतिवार को डीएम से वार्ता विफल हो गई। डीएम ने जांच में दोषी मिलने पर कार्रवाई का आश्वासन दिया, जबकि अधिवक्ता निलंबन को लेकर अड़े है। प्रकरण में शुक्रवार को अधिवक्ता आंदोलन को तेज कर सकते हैं।
तीन दिन पूर्व ज्ञानपुर तहसील में मऊरामशाला के अधिवक्ता और दो लेखपालों, एक खबर नवीस के बीच मारपीट हो गई थी। इस प्रकरण में दोनों पक्षों की ओर से एक दूसरे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। विवाद को लेकर लेखपाल जहां कार्य बहिष्कार कर रहे हैं, वहीं अधिवक्ता कार्य से विरत रहकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। बृहस्पतिवार को डीएम राजेंद्र प्रसाद ने अधिवक्ताओं को वार्ता के लिए बुलाया था। करीब एक घंटे तक हुई वार्ता सफल नहीं हो सकी। अधिवक्ता दोनों लेखपालों के निलंबन को लेकर अड़े हुए थे। डीएम से मांग की गई कि अधिवक्ता से मारपीट करने वाले दोनों लेखपालों को निलंबित किया जाए। डीएम राजेंद्र प्र्रसाद ने कहा कि मामले की जांच चल रही है। जांच में जो दोषी मिलेगा, उस पर कार्रवाई की जाएगी। उधर अधिवक्ता कार्य से विरत रहकर डीएम से वार्ता के लिए गए थे। डिबाए के पूर्व अध्यक्ष तेज बहादुर यादव ने कहा कि उनकी मांगों को अनसुना किया जा रहा है। प्रशासनिक अफसर दोनों लेखपालों का पक्ष ले रहे हैं। शुक्रवार को प्रशासन के खिलाफ चक्काजाम किया जाएगा।
धर्मेन्द्र पाल/पंकज चौबे
तीन दिन पूर्व ज्ञानपुर तहसील में मऊरामशाला के अधिवक्ता और दो लेखपालों, एक खबर नवीस के बीच मारपीट हो गई थी। इस प्रकरण में दोनों पक्षों की ओर से एक दूसरे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। विवाद को लेकर लेखपाल जहां कार्य बहिष्कार कर रहे हैं, वहीं अधिवक्ता कार्य से विरत रहकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। बृहस्पतिवार को डीएम राजेंद्र प्रसाद ने अधिवक्ताओं को वार्ता के लिए बुलाया था। करीब एक घंटे तक हुई वार्ता सफल नहीं हो सकी। अधिवक्ता दोनों लेखपालों के निलंबन को लेकर अड़े हुए थे। डीएम से मांग की गई कि अधिवक्ता से मारपीट करने वाले दोनों लेखपालों को निलंबित किया जाए। डीएम राजेंद्र प्र्रसाद ने कहा कि मामले की जांच चल रही है। जांच में जो दोषी मिलेगा, उस पर कार्रवाई की जाएगी। उधर अधिवक्ता कार्य से विरत रहकर डीएम से वार्ता के लिए गए थे। डिबाए के पूर्व अध्यक्ष तेज बहादुर यादव ने कहा कि उनकी मांगों को अनसुना किया जा रहा है। प्रशासनिक अफसर दोनों लेखपालों का पक्ष ले रहे हैं। शुक्रवार को प्रशासन के खिलाफ चक्काजाम किया जाएगा।
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धर्मेन्द्र पाल/पंकज चौबे