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कालीपट्टी बांधकर शिक्षकों ने किया प्रदर्शन
Updated Wed, 06 Sep 2017 12:58 AM IST
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कालीपट्टी बांधकर शिक्षकों ने किया प्रदर्शन
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ज्ञानपुर (भदोही)।
प्रदेश कैबिनेट के निर्णय से नाराज शिक्षामित्रों ने मंगलवार को शिक्षामित्र संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले कालीपट्टी बांधकर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनकी मांग पूर्ण करने की मांग की। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एडीएम को सौंपा।
संगठन के जिलाध्यक्ष क्रांतिमान शुक्ला ने कहा कि 25 जुलाई को सर्वोच्च न्यायालय ने सहायक अध्यापक पद पर समायोजित शिक्षामित्रों का समायोजन निरस्त कर दिया। इससे 17 वर्षों से बेसिक शिक्षा में अध्यापक कार्य कर रहे शिक्षामित्रों का भविष्य अंधकारमय हो गया है। अपने भविष्य को बचाने के लिए शिक्षामित्रों ने 15 दिनों तक जिले में जबकि तीन दिन लखनऊ में सत्याग्रह आंदोलन चलाया। मुख्यमंत्री महोदय ने दो बार सचिव के माध्यम से बातचीत कर आश्वासन दिया कि उनके साथ सरकार रहेगी। गत दिनों कैबिनेट की बैठक में उन्हें 11 माह का मानदेय 10 हजार रुपये की दर से देने का निर्णय लिया, जिसका शिक्षामित्र बहिष्कार करेंगे। शिक्षामित्रों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन में मांग की कि उन्हें स्थायी करते हुए 12 माह का सम्माजनक वेतन दिया जाए अन्यथा वह प्रदेश स्तर पर वृहद आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। प्रदर्शन में राकेश यादव, वंदना पांडेय, कंचन मौर्य, सुषमा देवी मौर्य, उर्मिला देवी, सतीश, श्याम बहादुर, सुनीता मौर्य, अरविंद पांडेय, अनीता, गुंजन शुक्ला, विनोद यादव, हीरामणि, अरविंद पांडेय, विनोद कुमार यादव, नागेंद्र तिवारी समेत कई लोग मौजूद रहे।
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प्रदेश कैबिनेट के निर्णय से नाराज शिक्षामित्रों ने मंगलवार को शिक्षामित्र संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले कालीपट्टी बांधकर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनकी मांग पूर्ण करने की मांग की। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एडीएम को सौंपा।
संगठन के जिलाध्यक्ष क्रांतिमान शुक्ला ने कहा कि 25 जुलाई को सर्वोच्च न्यायालय ने सहायक अध्यापक पद पर समायोजित शिक्षामित्रों का समायोजन निरस्त कर दिया। इससे 17 वर्षों से बेसिक शिक्षा में अध्यापक कार्य कर रहे शिक्षामित्रों का भविष्य अंधकारमय हो गया है। अपने भविष्य को बचाने के लिए शिक्षामित्रों ने 15 दिनों तक जिले में जबकि तीन दिन लखनऊ में सत्याग्रह आंदोलन चलाया। मुख्यमंत्री महोदय ने दो बार सचिव के माध्यम से बातचीत कर आश्वासन दिया कि उनके साथ सरकार रहेगी। गत दिनों कैबिनेट की बैठक में उन्हें 11 माह का मानदेय 10 हजार रुपये की दर से देने का निर्णय लिया, जिसका शिक्षामित्र बहिष्कार करेंगे। शिक्षामित्रों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन में मांग की कि उन्हें स्थायी करते हुए 12 माह का सम्माजनक वेतन दिया जाए अन्यथा वह प्रदेश स्तर पर वृहद आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। प्रदर्शन में राकेश यादव, वंदना पांडेय, कंचन मौर्य, सुषमा देवी मौर्य, उर्मिला देवी, सतीश, श्याम बहादुर, सुनीता मौर्य, अरविंद पांडेय, अनीता, गुंजन शुक्ला, विनोद यादव, हीरामणि, अरविंद पांडेय, विनोद कुमार यादव, नागेंद्र तिवारी समेत कई लोग मौजूद रहे।
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