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एक्सरे मशीन लगी नहीं पर तकनीशियन तैनात
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एक्सरे मशीन लगी नहीं पर तकनीशियन तैनात
जिले की दस सीएचसी में तीन वर्षों से ऐसा हाल
बिना काम हर माह खर्च हो रहे पांच लाख रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जिले की 10 सीएचसी में एक्सरे मशीन नहीं है, लेकिन मशीन चलाने के लिए टेक्नीशियन की तैनाती की गई है। बिना काम ही इन टेक्नीशियन पर हर माह करीब पांच लाख रुपये वेतन पर खर्च हो रहा है। यह स्थिति पिछले तीन वर्षों से है। उधर, इन सीएचसी में इलाज कराने आने वाले लोग एक्सरे के लिए भटकते हैं। निजी केंद्रों से महंगा एक्सरे कराते हैं।
जनपद की कप्तानगंज, हर्रैया, गौर, साऊघाट, मरवटिया, मुंडेरवा, भानपुर, परशुरामपुर, विक्रमजोत, बहादुरपुर, कुदरहा, कलवारी, दुबौलिया, सल्टौआ सहित कुल 10 सीएचसी को साल 2019 में अपग्रेड किया गया है। इसी समय इनमें एक्सरे टेक्नीशियन की तैनाती की गई। बताया गया कि जल्द ही इन सीएचसी में एक्सरे मशीनें आ जाएंगी, लेकिन तीन साल बाद भी ऐसा हो नहीं पाया। इसका खामियाजा जहां आम जनता को महंगा एक्सरे कराकर भुगतना पड़ रहा है, वहीं सरकार को हर माह बिना काम किए पांच लाख रुपये वेतन देना पड़ रहा है। जिले में कुल 14 सीएचसी हैं, जिनमें से हर्रैया, (बनकटी) मुंडेरवा, कुदरहा और रुधौली में एक्सरे मशीन हैं। डीएम प्रियंका निरंजन का कहना है कि अब मामला संज्ञान में आ गया है। जहां तकनीशियन की जरूरत होगी, वहां तैनाती की जाएगी। इनकी तैनाती कैसे की गई है। इसे देखा जाएगा।
------
नियमानुसार सीएचसी में एक्सरे तकनीशियन के पद सृजित हैं। इन पर तैनाती शासनादेश के क्रम में की गई थी। धीरे-धीरे सीएचसी को सुसज्जित किया जा रहा है। इस क्रम में एक्सरे मशीन भी स्थापित होगी, फिर तकनीशियन जरूरत पड़ेगी। सभी सेंटरों के लिए एक्सरे मशीन की मांग शासन से की गई है।
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- डॉ. जय सिंह, प्रभारी सीएमओ
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जिले की दस सीएचसी में तीन वर्षों से ऐसा हाल
बिना काम हर माह खर्च हो रहे पांच लाख रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जिले की 10 सीएचसी में एक्सरे मशीन नहीं है, लेकिन मशीन चलाने के लिए टेक्नीशियन की तैनाती की गई है। बिना काम ही इन टेक्नीशियन पर हर माह करीब पांच लाख रुपये वेतन पर खर्च हो रहा है। यह स्थिति पिछले तीन वर्षों से है। उधर, इन सीएचसी में इलाज कराने आने वाले लोग एक्सरे के लिए भटकते हैं। निजी केंद्रों से महंगा एक्सरे कराते हैं।
जनपद की कप्तानगंज, हर्रैया, गौर, साऊघाट, मरवटिया, मुंडेरवा, भानपुर, परशुरामपुर, विक्रमजोत, बहादुरपुर, कुदरहा, कलवारी, दुबौलिया, सल्टौआ सहित कुल 10 सीएचसी को साल 2019 में अपग्रेड किया गया है। इसी समय इनमें एक्सरे टेक्नीशियन की तैनाती की गई। बताया गया कि जल्द ही इन सीएचसी में एक्सरे मशीनें आ जाएंगी, लेकिन तीन साल बाद भी ऐसा हो नहीं पाया। इसका खामियाजा जहां आम जनता को महंगा एक्सरे कराकर भुगतना पड़ रहा है, वहीं सरकार को हर माह बिना काम किए पांच लाख रुपये वेतन देना पड़ रहा है। जिले में कुल 14 सीएचसी हैं, जिनमें से हर्रैया, (बनकटी) मुंडेरवा, कुदरहा और रुधौली में एक्सरे मशीन हैं। डीएम प्रियंका निरंजन का कहना है कि अब मामला संज्ञान में आ गया है। जहां तकनीशियन की जरूरत होगी, वहां तैनाती की जाएगी। इनकी तैनाती कैसे की गई है। इसे देखा जाएगा।
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नियमानुसार सीएचसी में एक्सरे तकनीशियन के पद सृजित हैं। इन पर तैनाती शासनादेश के क्रम में की गई थी। धीरे-धीरे सीएचसी को सुसज्जित किया जा रहा है। इस क्रम में एक्सरे मशीन भी स्थापित होगी, फिर तकनीशियन जरूरत पड़ेगी। सभी सेंटरों के लिए एक्सरे मशीन की मांग शासन से की गई है।
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- डॉ. जय सिंह, प्रभारी सीएमओ