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Basti News: रोडवेज बस से सफर में सता रही खिड़कियों से आ रही हवा
Sun, 22 Dec 2024 12:21 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sun, 22 Dec 2024 12:21 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। सुबह-शाम या रात के वक्त 10 साल से अधिक उम्र पूरी कर चुकी रोडवेजे बसों में यात्रा करना कठिन हो गया है। टूटी खिड़की और गायब शीशों की वजह से ठंडी हवा बस में सीधे आ रही है। यात्रा के दौरान लोग ठंड से कांप रहे हैं। वर्तमान में डिपो के पास 30 बसें 10 वर्ष की अवधि पूरी कर चुकी हैं या 13 लाख किमी से अधिक दूरी तय कर ली है।
ठंड से पहले रोडवेज डिपो अपनी पुरानी बसों की मरम्मत नहीं करा पाया। ज्यों- ज्यों ठंड बढ़ रही है इन बसों में यात्रा करना मुश्किल हो रहा है। खटारा बसों को बस्ती-बांसी, बस्ती- डुमरियागंज, बस्ती-मेंहदावल, बस्ती-दुबौलिया, बस्ती-नंदौर आदि रूटों पर चलाया जा रहा है। यह बसें अक्सर सुबह-शाम ही इन रूटों पर दौड़ाई जा रही है। क्योंकि इन्हीं दोनों वक्त जिला एवं मंडल मुख्यालय पर आने-जाने वालों की संख्या अधिक रहती है।
लोकल रूट की अधिकतर बसों की स्थिति दयनीय हो चुकी है। खिड़कियों के शीशे टूटे हुए हैं। कुछ बसों के दरवाजे भी ठीक से बंद नहीं होते। ऐसे में यात्रियों को सफर के दौरान ठंड हवा से सामना करना पड़ रहा है। यात्रा के दौरान लोगों को साल और कंबल ओढ़कर बैठना पड़ रहा है। रुधौली से आए दिनेश ने बताया कि सुबह रोडवेज डिपो की बस से बस्ती आने के दौरान अंदर हवा आ रही थी। किसी तरह बदन ढककर सफर पूरा किया।
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पुराने वाहनों पर फाग लाइट और रिफलेक्टर भी नहीं ः कोहरे में सुरक्षित यात्रा के लिए जरूरी इंतजाम भी डिपो की पुरानी बसों में नहीं है। एक दर्जन बसों में फाग लाइट की व्यवस्था नहीं है। बैक लाइट और रिफलेक्टर भी नहीं लगाए गए हैं। एक चालक ने बताया कि फाग लाइट एवं बैक लाइट न होने की वजह से रात के समय बस नहीं चलाते हैं। ज
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बस्ती। सुबह-शाम या रात के वक्त 10 साल से अधिक उम्र पूरी कर चुकी रोडवेजे बसों में यात्रा करना कठिन हो गया है। टूटी खिड़की और गायब शीशों की वजह से ठंडी हवा बस में सीधे आ रही है। यात्रा के दौरान लोग ठंड से कांप रहे हैं। वर्तमान में डिपो के पास 30 बसें 10 वर्ष की अवधि पूरी कर चुकी हैं या 13 लाख किमी से अधिक दूरी तय कर ली है।
ठंड से पहले रोडवेज डिपो अपनी पुरानी बसों की मरम्मत नहीं करा पाया। ज्यों- ज्यों ठंड बढ़ रही है इन बसों में यात्रा करना मुश्किल हो रहा है। खटारा बसों को बस्ती-बांसी, बस्ती- डुमरियागंज, बस्ती-मेंहदावल, बस्ती-दुबौलिया, बस्ती-नंदौर आदि रूटों पर चलाया जा रहा है। यह बसें अक्सर सुबह-शाम ही इन रूटों पर दौड़ाई जा रही है। क्योंकि इन्हीं दोनों वक्त जिला एवं मंडल मुख्यालय पर आने-जाने वालों की संख्या अधिक रहती है।
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लोकल रूट की अधिकतर बसों की स्थिति दयनीय हो चुकी है। खिड़कियों के शीशे टूटे हुए हैं। कुछ बसों के दरवाजे भी ठीक से बंद नहीं होते। ऐसे में यात्रियों को सफर के दौरान ठंड हवा से सामना करना पड़ रहा है। यात्रा के दौरान लोगों को साल और कंबल ओढ़कर बैठना पड़ रहा है। रुधौली से आए दिनेश ने बताया कि सुबह रोडवेज डिपो की बस से बस्ती आने के दौरान अंदर हवा आ रही थी। किसी तरह बदन ढककर सफर पूरा किया।
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पुराने वाहनों पर फाग लाइट और रिफलेक्टर भी नहीं ः कोहरे में सुरक्षित यात्रा के लिए जरूरी इंतजाम भी डिपो की पुरानी बसों में नहीं है। एक दर्जन बसों में फाग लाइट की व्यवस्था नहीं है। बैक लाइट और रिफलेक्टर भी नहीं लगाए गए हैं। एक चालक ने बताया कि फाग लाइट एवं बैक लाइट न होने की वजह से रात के समय बस नहीं चलाते हैं। ज