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बस्ती: पांच करोड़ का इंतजार, कब होगा राजकीय छात्रावासों का जीर्णोद्धार
Mon, 13 Feb 2023 12:15 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Mon, 13 Feb 2023 12:15 AM IST
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शहर के सिविल लाइन्स स्थित राजकीय छात्रावास
पांच करोड़ का इंतजार, कब होगा राजकीय छात्रावासों का जीर्णोद्धार
- पांच महीने पहले प्रभारी मंत्री के निर्देश पर जिला समाज कल्याण अधिकारी ने यूपी सिडको को सौंपी थी मरम्मत की जिम्मेदारी
राजकीय अनुसूचित जाति के छात्रावासों का भेजा गया है पांच करोड़ का स्टीमेट
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जिले के पांच राजकीय अनुसूचित जाति के छात्रावासों को नए कलेवर में चमकाने का काम अधूरा पड़ा हुआ है। जबकि इसके लिए पांच महीने पहले जिले के प्रभारी मंत्री रवींद्र जायसवाल के निर्देश पर जिला समाज कल्याण अधिकारी श्रीप्रकाश पांडेय ने यूपी सिडको यानी कि समाज कल्याण निर्माण निगम के अधिशासी अभियंता सत्यप्रकाश सिंह के जरिए शासन को तकरीबन पांच करोड़ रुपये का स्टीमेट भिजवा दिया था। इसी पांच करोड़ के इंतजार में इन छात्रावासों का जीर्णोद्धार अधर में है।
लगभग पांच महीने पहले 23 अगस्त 2022 को प्रभारी मंत्री रवींद्र जायसवाल ने महिला पीजी कॉलेज व सिविल लाइन स्थित अनुसूचित जाति के राजकीय छात्रावासों का निरीक्षण किया था। इस मौके पर इसमें रहने वाले छात्रों ने छात्रावासों में सीलन, लीकेज, जलजमाव, सुविधाओं के अभाव व भवन संबंधी समस्याओं के बारे में शिकायत की थी। मंत्री ने इसके लिए जिला समाज कल्याण अधिकारी श्रीप्रकाश पांडेय को जर्जर भवनों की मरम्मत करवाने व जरूरी सुविधाओं को तत्काल उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था। जिला समाज कल्याण अधिकारी ने 24 अगस्त को ही इसके लिए कार्यदायी संस्था यूपी सिडको के अधिशासी अभियंता सत्यप्रकाश सिंह को पत्र लिखकर आगणन उपलब्ध कराने को कहा था और एक्सईएन सिंह की टीम ने सर्वे का कार्य पूरा करवाकर स्टीमेट शासन को भेज दिया था। बावजूद इसके अभी तक शासन स्तर से मंजूरी न मिलने के कारण इन छात्रावासों का जीर्णोद्धार नहीं हो सका।
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इन छात्रावासों का होना है कायाकल्प
मंडल मुख्यालय के सिविल लाइन स्थित दो राजकीय अनुसूचित जाति के पुरुष छात्रावासों का निर्माण वर्ष 1985-86 में हुआ था। वहीं राजकीय महिला महाविद्यालय कंपनीबाग स्थित महिला छात्रावास का निर्माण 1990-91 में हुआ था। इसके अलावा बभनान के महिला छात्रावास का निर्माण 2001-02 में व गौर के पुरुष छात्रावास का निर्माण 1995-96 में हुआ था। इन सभी छात्रावासों को लंबे समय से मरम्मत की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।
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छात्रावासों में लगेंगे आरओ प्लांट, बिछेगी इंटरलॉकिंग
यूपी सिडको के इंजीनियरों के मुताबिक इन छात्रावासों में सीलन व लीकेज की समस्या दूर की जाएगी और जलनिकासी के इंतजाम के अलावा इंटरलॉकिंग ईंट बिछाई जाएगी। वहीं पेयजल के लिए आरओ प्लांट व पानी की टंकी का इंतजाम किया जाएगा। वहीं सभी छात्रावासों को सोलर लाइट से संतृप्त करने की योजना बनाई गई है।
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शासन को भेजा जा चुका है प्रस्ताव
यूपी सिडको के अधिशासी अभियंता सत्यप्रकाश सिंह ने बताया कि राजकीय अनुसूचित जाति छात्रावासों के जीर्णोद्धार के लिए स्टीमेट शासन को भेजा जा चुका है और स्वीकृति का इंतजार किया जा रहा है। मंजूरी मिलते ही निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
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- पांच महीने पहले प्रभारी मंत्री के निर्देश पर जिला समाज कल्याण अधिकारी ने यूपी सिडको को सौंपी थी मरम्मत की जिम्मेदारी
राजकीय अनुसूचित जाति के छात्रावासों का भेजा गया है पांच करोड़ का स्टीमेट
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जिले के पांच राजकीय अनुसूचित जाति के छात्रावासों को नए कलेवर में चमकाने का काम अधूरा पड़ा हुआ है। जबकि इसके लिए पांच महीने पहले जिले के प्रभारी मंत्री रवींद्र जायसवाल के निर्देश पर जिला समाज कल्याण अधिकारी श्रीप्रकाश पांडेय ने यूपी सिडको यानी कि समाज कल्याण निर्माण निगम के अधिशासी अभियंता सत्यप्रकाश सिंह के जरिए शासन को तकरीबन पांच करोड़ रुपये का स्टीमेट भिजवा दिया था। इसी पांच करोड़ के इंतजार में इन छात्रावासों का जीर्णोद्धार अधर में है।
लगभग पांच महीने पहले 23 अगस्त 2022 को प्रभारी मंत्री रवींद्र जायसवाल ने महिला पीजी कॉलेज व सिविल लाइन स्थित अनुसूचित जाति के राजकीय छात्रावासों का निरीक्षण किया था। इस मौके पर इसमें रहने वाले छात्रों ने छात्रावासों में सीलन, लीकेज, जलजमाव, सुविधाओं के अभाव व भवन संबंधी समस्याओं के बारे में शिकायत की थी। मंत्री ने इसके लिए जिला समाज कल्याण अधिकारी श्रीप्रकाश पांडेय को जर्जर भवनों की मरम्मत करवाने व जरूरी सुविधाओं को तत्काल उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था। जिला समाज कल्याण अधिकारी ने 24 अगस्त को ही इसके लिए कार्यदायी संस्था यूपी सिडको के अधिशासी अभियंता सत्यप्रकाश सिंह को पत्र लिखकर आगणन उपलब्ध कराने को कहा था और एक्सईएन सिंह की टीम ने सर्वे का कार्य पूरा करवाकर स्टीमेट शासन को भेज दिया था। बावजूद इसके अभी तक शासन स्तर से मंजूरी न मिलने के कारण इन छात्रावासों का जीर्णोद्धार नहीं हो सका।
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इन छात्रावासों का होना है कायाकल्प
मंडल मुख्यालय के सिविल लाइन स्थित दो राजकीय अनुसूचित जाति के पुरुष छात्रावासों का निर्माण वर्ष 1985-86 में हुआ था। वहीं राजकीय महिला महाविद्यालय कंपनीबाग स्थित महिला छात्रावास का निर्माण 1990-91 में हुआ था। इसके अलावा बभनान के महिला छात्रावास का निर्माण 2001-02 में व गौर के पुरुष छात्रावास का निर्माण 1995-96 में हुआ था। इन सभी छात्रावासों को लंबे समय से मरम्मत की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।
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छात्रावासों में लगेंगे आरओ प्लांट, बिछेगी इंटरलॉकिंग
यूपी सिडको के इंजीनियरों के मुताबिक इन छात्रावासों में सीलन व लीकेज की समस्या दूर की जाएगी और जलनिकासी के इंतजाम के अलावा इंटरलॉकिंग ईंट बिछाई जाएगी। वहीं पेयजल के लिए आरओ प्लांट व पानी की टंकी का इंतजाम किया जाएगा। वहीं सभी छात्रावासों को सोलर लाइट से संतृप्त करने की योजना बनाई गई है।
शासन को भेजा जा चुका है प्रस्ताव
यूपी सिडको के अधिशासी अभियंता सत्यप्रकाश सिंह ने बताया कि राजकीय अनुसूचित जाति छात्रावासों के जीर्णोद्धार के लिए स्टीमेट शासन को भेजा जा चुका है और स्वीकृति का इंतजार किया जा रहा है। मंजूरी मिलते ही निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।