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Basti News: गूगल मैप देखकर चले...तलाशते रहे बराती
Wed, 27 Nov 2024 12:56 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Wed, 27 Nov 2024 12:56 AM IST
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बस्ती। यदि आप गूगल मैप के सहारे गंतव्य पर पहुंचना चाहते हैं तोे आप रास्ता भटक सकते हैं। गूगल मैप में क्रॉस मैपिंग की वजह से कई बार गंतव्य की जगह कहीं और पहुंचा दे रहा है। अनजान लोगों को भटकना पड़ रहा है। अक्सर मोड़ या फ्लाई ओवर के बाद यू-टर्न पर गूगल मैप गलत राह बताकर लोगों को उलझा दे रहा है।
अनजान जगहों पर बरात करने आए लोग गूगल मैप के चक्कर में आजकल खूब भटक रहे हैं। वह अपने शुभचिंतकों की जगह दूसरों की बरात में पहुंच जा रहे हैं।
टेक्नोलॉजी का जमाना है और ज्यादातर शहर के बराती गांवाें में जाने के लिए गूगल मैप का सहारा ले रहे हैं। लेकिन, कई बार गूगल मैप गलत या लंबी दूरी का रास्ता बता दे रहा है। किसी को पांच किमी जाने के लिए 15 किमी की दूरी तय करनी पड़ रही है तो किसी को सटीक लोकेशन पर न ले जाकर आसपास के गांवों में उलझा दे रहा है। रात के समय अक्सर ग्रामीण क्षेत्र में सन्नाटा होने की वजह से लोग रास्ता भी नहीं पूछ पा रहे हैं। बराती राम उजागिर के साथ ही ऐसा ही मामला हुआ। गूगल के बताए रास्ते पर चलकर वह भटक गए। रास्ते में पेट्रोल ही खत्म हो गया। बाद में उन्हें एक परिचित को फोन करके बुलाना पड़ा। तब समस्या का निदान हुआ। नगर बाजार के राम जनक ने बताया कि उन्हें हनुमानगंज के निकट एक गांव में बरात जाना था। रात में वह चार- पांच लोगों के साथ गूगल मैप पर बरात का पता डालकर चल दिए। उन्हें संबंधित लोकेशन से पांच से छह किमी की दूरी में खूब भटकना पड़ा। बाद में एक घर में कुछ लोग जागते हुए मिले उनसे रास्ता पूछने के बाद बरात में पहुंच पाए। लगभग दो घंटे का समय बर्बाद हुआ।
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अनजान जगहों पर बरात करने आए लोग गूगल मैप के चक्कर में आजकल खूब भटक रहे हैं। वह अपने शुभचिंतकों की जगह दूसरों की बरात में पहुंच जा रहे हैं।
टेक्नोलॉजी का जमाना है और ज्यादातर शहर के बराती गांवाें में जाने के लिए गूगल मैप का सहारा ले रहे हैं। लेकिन, कई बार गूगल मैप गलत या लंबी दूरी का रास्ता बता दे रहा है। किसी को पांच किमी जाने के लिए 15 किमी की दूरी तय करनी पड़ रही है तो किसी को सटीक लोकेशन पर न ले जाकर आसपास के गांवों में उलझा दे रहा है। रात के समय अक्सर ग्रामीण क्षेत्र में सन्नाटा होने की वजह से लोग रास्ता भी नहीं पूछ पा रहे हैं। बराती राम उजागिर के साथ ही ऐसा ही मामला हुआ। गूगल के बताए रास्ते पर चलकर वह भटक गए। रास्ते में पेट्रोल ही खत्म हो गया। बाद में उन्हें एक परिचित को फोन करके बुलाना पड़ा। तब समस्या का निदान हुआ। नगर बाजार के राम जनक ने बताया कि उन्हें हनुमानगंज के निकट एक गांव में बरात जाना था। रात में वह चार- पांच लोगों के साथ गूगल मैप पर बरात का पता डालकर चल दिए। उन्हें संबंधित लोकेशन से पांच से छह किमी की दूरी में खूब भटकना पड़ा। बाद में एक घर में कुछ लोग जागते हुए मिले उनसे रास्ता पूछने के बाद बरात में पहुंच पाए। लगभग दो घंटे का समय बर्बाद हुआ।
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