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जिंदा थी तो भटकाया, मौत के बाद लगाया इंजेक्शन
ब्यूरो अमर उजाला/ बस्ती
Updated Sun, 12 Feb 2017 10:54 PM IST
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बस्ती के कैली अस्पताल में शायरा बानो के मौत पर दुखी परिजन।
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ओपेक चिकित्सालय कैली में हद दर्जे की लापरवाही सामने आई है। मरीज की तबीयत रात में बिगड़ी और मौत हो गई। तीमारदारों की गुहार जिम्मेदार अनसुनी करते रहे। रविवार सुबह एक नर्स ने लाश को बगैर देखे इंजेक्शन भी लगा दिया। तीमारदारों के हंगामे और बगैर पोस्टमार्टम कराए लाश घर ले जाने के बाद मामला शांत हुआ।
चिकित्सक व पैरा मेडिकल स्टॉाफ को केवल मरीज के तीमारदार की जेब ज्यादा से ज्यादा हल्की करने से मतलब है। इसी की बानगी देखने को मिली मिनी पीजीआई कहे जाने वाले ओपेक चिकित्सालय कैली में। जहां बनकटी ब्लॉक के खोरिया गांव निवासी मोहम्मद इश्हाक अपनी 35 वर्षीय पत्नी सायरा बानो का इलाज कराने आए थे। परिवार वालों ने बताया कि 10 फरवरी को सायरा बानो के सीने व पेट में अचानक दर्द होने लगा। दवा आदि देने के बाद जब उसकी स्थिति नहीं संभली तो उसे लेकर ओपेक चिकित्सालय कैली पहुंच गए। यहां उसे रात में ही महिला वार्ड में भर्ती कर लिया गया। 11 फरवरी को दिन भर मरीज दर्द से परेशान रही, मगर चिकित्सक आए और औपचारिकता निभा कर चले गए।
सायरा बानो के भाई मोहम्मद अली ने बताया कि शनिवार रात में तबियत अचानक फिर खराब होने लगी तो चिकित्सक के घर जाकर सारी बात बताई। चिकित्सक ने नर्स से मिलने की सलाह दे दी। जब नर्स से बात की गई तो उसने पल्ला झाड़ चिकित्सक के पास जाने को कहा। इस बीच सायरा दर्द से तड़पती रही, मगर उसे देखने की जहमत न तो चिकित्सक ने उठाई और न नर्स ने ही। दर्द से तड़पते हुए भोर में सवा चार बजे उसकी मौत हो गई। मृतका के भाई के अनुसार सुबह आठ बजे अचानक एक नर्स वहां पहुंची और जब तक परिजन कुछ समझते तब तक नर्स ने मृतका के शरीर में इंजेक्शन लगा दिया और फिर बिना कुछ पूछे चली गई।
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अस्पताल की व्यवस्था को कोसते हुए मृतका के भाई मोहम्मद अली ने कहा कि इस मामले में हम लोग चिकित्सक व नर्स की लापरवाही के खिलाफ कार्रवाई के लिए विभाग के आला अफसरों को लिखेंगे ही साथ ही इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए भी संबंधित जगहों पर अर्जी देंगे।
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चिकित्सक व पैरा मेडिकल स्टॉाफ को केवल मरीज के तीमारदार की जेब ज्यादा से ज्यादा हल्की करने से मतलब है। इसी की बानगी देखने को मिली मिनी पीजीआई कहे जाने वाले ओपेक चिकित्सालय कैली में। जहां बनकटी ब्लॉक के खोरिया गांव निवासी मोहम्मद इश्हाक अपनी 35 वर्षीय पत्नी सायरा बानो का इलाज कराने आए थे। परिवार वालों ने बताया कि 10 फरवरी को सायरा बानो के सीने व पेट में अचानक दर्द होने लगा। दवा आदि देने के बाद जब उसकी स्थिति नहीं संभली तो उसे लेकर ओपेक चिकित्सालय कैली पहुंच गए। यहां उसे रात में ही महिला वार्ड में भर्ती कर लिया गया। 11 फरवरी को दिन भर मरीज दर्द से परेशान रही, मगर चिकित्सक आए और औपचारिकता निभा कर चले गए।
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सायरा बानो के भाई मोहम्मद अली ने बताया कि शनिवार रात में तबियत अचानक फिर खराब होने लगी तो चिकित्सक के घर जाकर सारी बात बताई। चिकित्सक ने नर्स से मिलने की सलाह दे दी। जब नर्स से बात की गई तो उसने पल्ला झाड़ चिकित्सक के पास जाने को कहा। इस बीच सायरा दर्द से तड़पती रही, मगर उसे देखने की जहमत न तो चिकित्सक ने उठाई और न नर्स ने ही। दर्द से तड़पते हुए भोर में सवा चार बजे उसकी मौत हो गई। मृतका के भाई के अनुसार सुबह आठ बजे अचानक एक नर्स वहां पहुंची और जब तक परिजन कुछ समझते तब तक नर्स ने मृतका के शरीर में इंजेक्शन लगा दिया और फिर बिना कुछ पूछे चली गई।
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अस्पताल की व्यवस्था को कोसते हुए मृतका के भाई मोहम्मद अली ने कहा कि इस मामले में हम लोग चिकित्सक व नर्स की लापरवाही के खिलाफ कार्रवाई के लिए विभाग के आला अफसरों को लिखेंगे ही साथ ही इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए भी संबंधित जगहों पर अर्जी देंगे।