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Basti News: चित्रकारी के हुनर से चंद्रप्रकाश प्रतिभा को दे रहे धार
Tue, 18 Jul 2023 11:38 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Tue, 18 Jul 2023 11:38 PM IST
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चित्रकारी करता कलाकार चंद्रप्काश
गौर/बस्ती। प्रतिभा किसी की मोहताज नहीं होती। बस जरूरत है उसे निखारने की। मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के बल पर चित्रकला के क्षेत्र में हुनरमंद हाथों से प्रदेश सहित अन्य राज्यों में नाम रोशन करने वाले चंद्रप्रकाश चौधरी 12 वर्षों से चित्रों में रंग भर रहे हैं।
चित्रकारी की बदौलत वे राष्ट्रीय स्तर सहित कई सम्मान हासिल कर चुके हैं। चित्रों के इस जादूगर की एक और खूबी है कि वह इंटर तक के कला प्रेमी बच्चों को निशुल्क शिक्षा देते हैं।
गौर के बैदोलिया अजायब गांव के किसान रामदुलारे चौधरी के बेटे चंद्रप्रकाश चौधरी पूर्व माध्यमिक विद्यालय महादेवा में अनुदेशक हैं। बचपन से चित्रकला के प्रेमी को पिता के हाथों बनाई मिट्टी की मूर्तियों से कला क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली। गांव के प्राथमिक विद्यालय से शिक्षा ग्रहण करने के बाद इंटर की शिक्षा गनेशपुर इंटर कॉलेज से पास की। उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने साकेत पीजी कॉलेज अयोध्या को चुना।
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उन्होंने राज्य ललित कला अकादमी लखनऊ, प्राचीन कला केंद्र चंडीगढ़ से चित्रकला का अध्ययन एवं प्रशिक्षण प्राप्त किया। वर्ष 2011 में चंद्रप्रकाश ने पहली बार एकल चित्रकला प्रदर्शनी का आयोजन कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। चंद्रप्रकाश अलीगढ़ मुस्लिम विश्व विद्यालय, सुल्तानपुर, अयोध्या, गोंडा, मनवर महोत्सव आदि कार्यक्रमों में चित्रकला का प्रदर्शन कर कई कीर्तिमान स्थापित कर चुके हैं।
वर्ष 2012 में राज्य स्तरीय चित्रकला प्रदर्शनी का आयोजन आंबेडकर नगर जिले के देव इंद्रावती पीजी कॉलेज कटेहरी में हुआ था। जहां इन्हें फर्स्ट एंड लास्ट नामक चित्रकृति के लिए सुप्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय चित्रकार किशन सोनी ने सम्मानित किया। वर्ष 2014 में इसी कॉलेज में राष्ट्रीय स्तर पर चित्रकला प्रदर्शनी के आयोजन में चंद्रप्रकाश को बेहतर कलाकृति के लिए प्रोफ़ेसर चित्रलेखा सिंह ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। तीन जनवरी 2021 को गोंडा में सावित्री बाई फुले सम्मान मिला। 14 फरवरी को गोंडा में नेशनल पीस अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।
17 मार्च को प्रेरणा ज्ञान समारोह में प्रेरक शिक्षक सम्मान मिला। पांच सितंबर को गोंडा में आयोजित राष्ट्रीय शैक्षिक संगोष्ठी में राधाकृष्णन सम्मान मिला। 12 जनवरी 2022 को गोंडा में स्वामी विवेकानंद सम्मान से सम्मानित किया गया, जबकि 6 फरवरी 2022 को बिहार के पटना मेंं आयोजित पर्यावरण उत्सव सम्मान से नवाजा गया। इसके अलावा 25 जनवरी 2023 को गोंडा में राष्ट्र गौरव सम्मान प्राप्त हुआ।
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अब तक एक हजार चित्रों में भर चुके हैं रंग
चंद्रप्रकाश बताते हैं कि वर्ष 2011 से शुरू किए चित्रकारी हुनर के माध्यम से उन्होंने पहली बार विख्यात गायक मोहम्मद रफी का चित्र बनाया था।अब तक उन्होंने भारत के प्रथम राष्ट्रपति, प्रथम प्रधानमंत्री एवं उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री से लेकर वर्तमान मुख्यमंत्री तक, परमवीर चक्र विजेता से सभी सम्मानित एवं भारत रत्न प्राप्त नोबेल पुरस्कार प्राप्त विजेता के अलावा जिले के अमर शहीद, राजा शिव गुलाम सिंह, राजा उदय प्रताप सिंह, राजा जालिम सिंह, महारानी तलांश कुंवरि व कई अन्य महापुरुषों के चित्रकारी कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
कला के साथ बहुमुखी प्रतिभा के धनी चंद्रप्रकाश वर्तमान समय में नशा मुक्त अभियान, कन्या भ्रूण हत्या पर अंकुश लगाना एवं युवाओं में बढ़ती हुई आत्महत्या की प्रवृति को रोकने एवं एक श्लोकी रामायण के लिए चित्रकारी के माध्यम से समाज में एक नया संदेश देने का कार्य कर रहे हैं।
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चित्रकारी की बदौलत वे राष्ट्रीय स्तर सहित कई सम्मान हासिल कर चुके हैं। चित्रों के इस जादूगर की एक और खूबी है कि वह इंटर तक के कला प्रेमी बच्चों को निशुल्क शिक्षा देते हैं।
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गौर के बैदोलिया अजायब गांव के किसान रामदुलारे चौधरी के बेटे चंद्रप्रकाश चौधरी पूर्व माध्यमिक विद्यालय महादेवा में अनुदेशक हैं। बचपन से चित्रकला के प्रेमी को पिता के हाथों बनाई मिट्टी की मूर्तियों से कला क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली। गांव के प्राथमिक विद्यालय से शिक्षा ग्रहण करने के बाद इंटर की शिक्षा गनेशपुर इंटर कॉलेज से पास की। उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने साकेत पीजी कॉलेज अयोध्या को चुना।
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उन्होंने राज्य ललित कला अकादमी लखनऊ, प्राचीन कला केंद्र चंडीगढ़ से चित्रकला का अध्ययन एवं प्रशिक्षण प्राप्त किया। वर्ष 2011 में चंद्रप्रकाश ने पहली बार एकल चित्रकला प्रदर्शनी का आयोजन कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। चंद्रप्रकाश अलीगढ़ मुस्लिम विश्व विद्यालय, सुल्तानपुर, अयोध्या, गोंडा, मनवर महोत्सव आदि कार्यक्रमों में चित्रकला का प्रदर्शन कर कई कीर्तिमान स्थापित कर चुके हैं।
वर्ष 2012 में राज्य स्तरीय चित्रकला प्रदर्शनी का आयोजन आंबेडकर नगर जिले के देव इंद्रावती पीजी कॉलेज कटेहरी में हुआ था। जहां इन्हें फर्स्ट एंड लास्ट नामक चित्रकृति के लिए सुप्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय चित्रकार किशन सोनी ने सम्मानित किया। वर्ष 2014 में इसी कॉलेज में राष्ट्रीय स्तर पर चित्रकला प्रदर्शनी के आयोजन में चंद्रप्रकाश को बेहतर कलाकृति के लिए प्रोफ़ेसर चित्रलेखा सिंह ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। तीन जनवरी 2021 को गोंडा में सावित्री बाई फुले सम्मान मिला। 14 फरवरी को गोंडा में नेशनल पीस अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।
17 मार्च को प्रेरणा ज्ञान समारोह में प्रेरक शिक्षक सम्मान मिला। पांच सितंबर को गोंडा में आयोजित राष्ट्रीय शैक्षिक संगोष्ठी में राधाकृष्णन सम्मान मिला। 12 जनवरी 2022 को गोंडा में स्वामी विवेकानंद सम्मान से सम्मानित किया गया, जबकि 6 फरवरी 2022 को बिहार के पटना मेंं आयोजित पर्यावरण उत्सव सम्मान से नवाजा गया। इसके अलावा 25 जनवरी 2023 को गोंडा में राष्ट्र गौरव सम्मान प्राप्त हुआ।
अब तक एक हजार चित्रों में भर चुके हैं रंग
चंद्रप्रकाश बताते हैं कि वर्ष 2011 से शुरू किए चित्रकारी हुनर के माध्यम से उन्होंने पहली बार विख्यात गायक मोहम्मद रफी का चित्र बनाया था।अब तक उन्होंने भारत के प्रथम राष्ट्रपति, प्रथम प्रधानमंत्री एवं उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री से लेकर वर्तमान मुख्यमंत्री तक, परमवीर चक्र विजेता से सभी सम्मानित एवं भारत रत्न प्राप्त नोबेल पुरस्कार प्राप्त विजेता के अलावा जिले के अमर शहीद, राजा शिव गुलाम सिंह, राजा उदय प्रताप सिंह, राजा जालिम सिंह, महारानी तलांश कुंवरि व कई अन्य महापुरुषों के चित्रकारी कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
कला के साथ बहुमुखी प्रतिभा के धनी चंद्रप्रकाश वर्तमान समय में नशा मुक्त अभियान, कन्या भ्रूण हत्या पर अंकुश लगाना एवं युवाओं में बढ़ती हुई आत्महत्या की प्रवृति को रोकने एवं एक श्लोकी रामायण के लिए चित्रकारी के माध्यम से समाज में एक नया संदेश देने का कार्य कर रहे हैं।