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बर्खास्त प्रधान से होगी वसूली
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गौर ब्लाक की ग्राम पंचायत कलिगढ़ा का मामला, डीएम ने जारी किया आदेश
एजेंसी- संवाद सूत्र
गौर। ब्लॉक के कलिगढ़ा की बर्खास्त ग्राम प्रधान इसलावती सिंह से गबन की गई सरकारी धनराशि की वसूली होगी। इस संबंध में डीएम ने आदेश जारी किया है।
कलिगढ़ा ग्राम पंचायत में पूर्व में तैनात सचिव ने 17 जुलाई 2019 को एडीओ पंचायत गौर को प्रार्थना पत्र दिया था। इसमें कहा था कि स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अंतर्गत ग्राम पंचायत के ग्राम निधि-छह खाते से विभिन्न तिथियों में 13.80 लाख और ग्राम निधि प्रथम खाते से 2.34 लाख आहरित हुए हैं। दोनों ग्राम निधियों के चेक बुक सचिव के पास सुरक्षित हैं। एडीओ पंचायत राम सुभाष चौधरी ने जांच की तो पाया कि प्रधान इसलावती सिंह ने सचिव के कूटचरित हस्ताक्षर बनाकर बैंक से चेक बुक जारी कराई। जिसे प्रधान की पुत्री ने प्राप्त किया। इसी चेक बुक से प्रधान ने धनराशि को खाते से आहरित करके गबन किया।
एडीओ पंचायत की जांच आख्या के अनुसार दिसंबर 2019 में प्रधान के खिलाफ कप्तानगंज थाने में गबन के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया। जनवरी 2020 में पंचायत राज विभाग की ओर से प्रधान को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया। स्पष्टीकरण स्वीकार योग्य न पाए जाने पर डीएम ने जुलाई 2020 में प्रधान को बर्खास्त कर दिया। एडीओ पंचायत राम सुभाष चौधरी ने बताया कि गबन के आरोप में बर्खास्त प्रधान इसलावती सिंह को गबन मामले में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। इससे माना गया कि समस्त आरोप स्वीकार हैं। इस आधार पर उनसे कुल 16.14 लाख रुपये की वसूली भू राजस्व के बकाये की तरह किए जाने आदेश डीएम की ओर से जारी किया गया है।
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गौर। ब्लॉक के कलिगढ़ा की बर्खास्त ग्राम प्रधान इसलावती सिंह से गबन की गई सरकारी धनराशि की वसूली होगी। इस संबंध में डीएम ने आदेश जारी किया है।
कलिगढ़ा ग्राम पंचायत में पूर्व में तैनात सचिव ने 17 जुलाई 2019 को एडीओ पंचायत गौर को प्रार्थना पत्र दिया था। इसमें कहा था कि स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अंतर्गत ग्राम पंचायत के ग्राम निधि-छह खाते से विभिन्न तिथियों में 13.80 लाख और ग्राम निधि प्रथम खाते से 2.34 लाख आहरित हुए हैं। दोनों ग्राम निधियों के चेक बुक सचिव के पास सुरक्षित हैं। एडीओ पंचायत राम सुभाष चौधरी ने जांच की तो पाया कि प्रधान इसलावती सिंह ने सचिव के कूटचरित हस्ताक्षर बनाकर बैंक से चेक बुक जारी कराई। जिसे प्रधान की पुत्री ने प्राप्त किया। इसी चेक बुक से प्रधान ने धनराशि को खाते से आहरित करके गबन किया।
एडीओ पंचायत की जांच आख्या के अनुसार दिसंबर 2019 में प्रधान के खिलाफ कप्तानगंज थाने में गबन के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया। जनवरी 2020 में पंचायत राज विभाग की ओर से प्रधान को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया। स्पष्टीकरण स्वीकार योग्य न पाए जाने पर डीएम ने जुलाई 2020 में प्रधान को बर्खास्त कर दिया। एडीओ पंचायत राम सुभाष चौधरी ने बताया कि गबन के आरोप में बर्खास्त प्रधान इसलावती सिंह को गबन मामले में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। इससे माना गया कि समस्त आरोप स्वीकार हैं। इस आधार पर उनसे कुल 16.14 लाख रुपये की वसूली भू राजस्व के बकाये की तरह किए जाने आदेश डीएम की ओर से जारी किया गया है।
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