बस्ती: किशोर की मौत पर हंगामा, पुलिस ने भांजीं लाठियां, चार घंटे तक ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
मारपीट में सनी के गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद पुलिस ने एनसीआर दर्ज किया। इससे उसके परिवार वालों में असंतोष था। उन लोगों का आरोप है कि पुलिस एनसीआर दर्ज कर मामले को निपटा देना चाहती थी। परिवार के लोग बार-बार आरोपियों की गिरफ्तारी व धारा बढ़ाने की मांग करते रहे थे, लेकिन पुलिस नजरअंदाज करती रही।
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बस्ती जिले के खजांची पुर गांव में एक माह पहले हुई मारपीट में घायल किशोर की लखनऊ के केजीएमसी में मौत के बाद बृहस्पतिवार को कस्बे में जमकर हंगामा हुआ। परिवार के लोगों ने ग्रामीणों के साथ दुबौलिया थाने से करीब 50 मीटर दूर राम जानकी मार्ग पर शव रखकर प्रदर्शन करने लगे। नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
करीब चार घंटे मान-मनौव्वल से कोई नतीजा नहीं निकला तो पुलिस ने लाठियां भांजकर शव को कब्जे में ले लिया। इस दौरान भीड़ की तरफ से पुलिस पर ईंट-पत्थर भी फेंके गए। एक महिला आरक्षी की अंगुली में चोट लग गई। करीब तीन घंटे 50 मिनट के बाद राम जानकी मार्ग पर आवागमन बहाल हो सका। एसपी आशीष श्रीवास्तव का कहना है कि पहले से दर्ज मुकदमे की धारा को तरमीम करआरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
उन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। आरोप है कि सात अगस्त को गांव में बाइक का हॉर्न बजाने पर खजांची पुर के 14 वर्षीय सनी पुत्र पूर्णमासी को गांव के हरि गोविंद, मंटू, अंशु व श्यामजी ने मारपीट कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। दुबौलिया पुलिस ने सनी की मां सुमित्रा देवी की तहरीर पर चार लोगों पर मारपीट, धमकी, अपशब्द कहने आदि धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।
परिवार के लोग गंभीर हालत में सनी को कप्तानगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टर ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया था। जिला अस्पताल से भी डॉक्टर ने उसे केजीएमसी लखनऊ रेफर कर दिया। पुलिस का कहना है कि 20 अगस्त को उक्त मुकदमे में धारा 308 बढ़ा दी गई थी।
घटना के एक महीने बाद बुधवार रात सनी की मौत हो गई। परिवार के लोग शव लेकर घर पहुंचे। उसके घर पहुंची पुलिस शव को कब्जे में लेने की बात करने लगी तो परिवार व गांव के लोगों की पुलिस से नोकझोंक शुरू हो गई। ग्रामीणों ने सुबह करीब 10 बजे शव लेकर राम जानकी मार्ग पर पहुंच गए। शव को चारपाई पर रखकर पन्नी तानकर, बेंच व बल्ली लगाकर मार्ग को अवरुद्ध कर दिया। नारेबाजी होते देख पुलिस के हाथ पांव फूलने लगे।
कप्तानगंज, कलवारी, नगर थाने की फोर्स लेकर कलवारी के सीओ विनय चौहान मौके पर पहुंचे। सीओ और नायब तहसीलदार ने लोगों को समझाने की भरसक कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी। परिवार के लोग मौके पर एसपी व डीएम को बुलाने की मांग करने लगे। करीब एक बजे हर्रैया की एसडीएम अमृतपाल कौर ने लोगों को समझाने की कोशिश की। दोपहर 1:40 बजे पुलिस ने लाठियां भांजते हुए भीड़ को दौड़ा लिया। शव पोस्टमार्टम ले जाते वक्त छीना झपटी में एक महिला सिपाही के अंगुली में चोट आई।
कलवारी से परिवर्तित करना पड़ा मार्ग
सुबह 10 बजे से दुबौलिया में जाम लगने की वजह से राम जानकी मार्ग पर आवाजाही ठप हो गई थी। वाहनों का काफिला लंबा लगाने के बाद पुलिस को कलवारी से दुबौलिया की तरफ जाने वाले वाहनों को वाया फुटहिया डायवर्ट करना पड़ा।
पुलिस गंभीर होती तो नहीं बढ़ती बात
मारपीट में सनी के गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद पुलिस ने एनसीआर दर्ज किया। इससे उसके परिवार वालों में असंतोष था। उन लोगों का आरोप है कि पुलिस एनसीआर दर्ज कर मामले को निपटा देना चाहती थी। परिवार के लोग बार-बार आरोपियों की गिरफ्तारी व धारा बढ़ाने की मांग करते रहे थे, लेकिन पुलिस नजरअंदाज करती रही।
चंदा लेकर कराना पड़ा इलाज
बताया जाता है कि सनी के परिवार वालों की माली हालत काफी खराब है। उसके इलाज के लिए परिवार वालों को चंदा मांगना पड़ा। लोगों के अनुसार अगल-बगल के गांव से भी चंदे के रूप में रुपये लेकर उसकी दवा हुई।