फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   Unseasonal rains again wrote about the destruction of crops

Basti News: बेमौसम बारिश ने फिर लिखी फसलों की बर्बादी की इबारत

Wed, 22 Mar 2023 12:42 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Wed, 22 Mar 2023 12:42 AM IST
विज्ञापन
Unseasonal rains again wrote about the destruction of crops
बस्ती। बेमौसम बारिश ने लगातार दूसरे दिन भी फसलों की बर्बादी की नई इबारत लिख दी। शहर से लेकर पूरे जिले में देरशाम तेज हवा के साथ हुई बारिश ने खेत में तैयार और अधपकी फसलों को चौपट कर दिया। शहर के भी गली मोहल्लों में कीचड़ और पानी भर गया। जिससे लोगों को आने-जाने में कठिनाई हुई। मौसम के तेवर से सबसे ज्यादा किसानों में मायूसी देखी जा रही है। उनकी सरसों की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है।
विज्ञापन

रविवार रात से ही रुक-रुक कर कभी बूंदाबांदी तो कभी हल्की बारिश होती रही। सोमवार तक मगर गनीमत थी कि तेज हवा नहीं चली। मंगलवार को सुबह बादल घिरे थे लेकिन दोपहर के बाद आसमान साफ हो गया था। ऐसा लगने लगा था कि पश्चिमी विक्षोभ का क्षेपक समाप्त हो गया है। मगर देरशाम अचानक फिर घने बादल छा गए। तेज हवा के साथ करीब 20 मिनट तक बारिश होती रही। सोनहा, भानपुर, रुधौली, बभनान, परशुरामपुर, कलवारी, कप्तानगंज, नगर बाजार, कलवारी, बनकटी, दुबौला , सिकंदरपुर, बनकटी सहित अन्य प्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्र में तेज बारिश और उससे होने वाले नुकसान की सूचना दी है। सभी का कहना है कि उनके क्षेत्र के खेतों में सरसों और गेहूं की फसल खेत में गिर गई है। तेज हवा के कारण आम के बौर को भी नुकसान हुआ है।
विज्ञापन

--------------
अभी नहीं खत्म हुआ क्षेपक - आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रोद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या के मौसम विज्ञानी डॉ. अमरनाथ मिश्र ने बताया कि अभी पश्चिमी विक्षोभ का क्षेपक खत्म नहीं हुआ है। अगले 24 घंटे तक पूर्वी उत्तर प्रदेश में हल्के बादल छाए रहने की संभावना है। हालांकि तेज बारिश होने के अब आसार नहीं हैं। औसत तापमान सामान्य के आसपास रह सकता है। वातावरण में भरपूर नमी बरकरार है।
विज्ञापन
विज्ञापन

---
उत्पादन पर पड़ेगा बुरा असर
- कृषि विज्ञान केंद्र बंजरिया के फसल सुरक्षा विज्ञानी डॉ. प्रेमशंकर ने बताया कि फसलों को गिर जाने से उत्पादन पर काफी असर पड़ेगा। जो दाने नहीं पके हैं वह सूख जाएंगे। जो पक गए हैं,वे बदरंग हो जाएंगे। सरसों की फसल के गिरने से उसने दाने झड़ जाएंगे। जिससे किसानों को काफी नुकसान होगा। किसानों को चाहिए कि कटी हुई सरसों की फसल को जितनी जल्दी हो सके,खेत से निकालकर सूखे स्थान पर फैला दें।

---
निकालने पड़े हाफ स्वेटर
- पिछले 20 दिनों से लगातार तापमान बढ़ने के कारण लोगों ने गर्म कपड़ों को आलमारी में रख दिया था। लेकिन मंगलवार को सिहरन होने पर फिर से हाफ स्वेटर और कंबल निकालने पड़े। मंगलवार को सुबह अधिकतम तापमान 26 और न्यूनतम 15 डिग्री सेल्सियस रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed