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चाचा से मिली बैडमिंटन खेलने की सीख तनीषा को म्यांमार तक पहुंचाया
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चाचा की सीख ने बैडमिंटन में बनाया हुनरमंद : तनीषा
बस्ती। कप्तानगंज ब्लॉक के खोभा निवासी तनीषा सिंह बैडमिंटन की मशहूर खिलाड़ी हैं। उन्होंने बताया कि चाचा की सीख ने उन्हें बैडमिंटन में हुनरमंद बनाया है। एक ओर जहां म्यांमार तक पहुंचने में सफलता मिली वहीं, हाल ही में उन्हें आगरा के एकलव्य स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित विजय शर्मा मेमोरियल यूपी ईस्ट जोन बैडमिंटन सेलेक्शन टूर्नामेंट में खिताब जीतने में कामयाबी मिली। आधा दर्जन से अधिक प्रतियोगिताएं जीत चुकीं तनीषा का सपना देश का ओलंपिक में प्रतिनिधित्व करना है। तनीषा को बैडमिंटन की पहली सीख उनके चाचा अमितेश सिंह से मिली। अमितेश खुद बैडमिंटन चैंपियन रहे हैं।
तनीषा के पिता योगेश सिंह ने बताया कि तनीषा को बैडमिंटन का प्रारंभिक प्रशिक्षण अमर शहीद सत्यवान सिंह क्रीड़ा स्टेडियम में मिला। मंगलवार को अपने गांव पहुंचीं तनीषा सिंह ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि बचपन में चाचा को बैडमिंटन खेलता देख प्रेरणा मिली। तब यह नहीं पता था कि एक दिन बैडमिंटन जिंदगी का हिस्सा बन जाएगा। शुरुआत में इसे लेकर मन में तमाम प्रश्न उठते थे कि भविष्य क्या होगा। लेकिन, जब जूनियर प्रतियोगिता में जीत मिली तो लगा की मानों हौसले को पंख लग गए हों।
उन्होंने बताया कि मेरे लिए प्रतियोगिता जीतना व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को स्थापित करने से बड़ा है देश के लिए आजीवन खेलते रहना है। उन्होंने युवाओं को संदेश दिया कि आकर्षण की दुनिया स्थायी नहीं होती है। कुछ ऐसा करने का प्रयास करें कि आप लोगों के आकर्षण का केंद्र बनें।
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तेजी से बढ़ रही हैं तनीषा की उपब्धियां
तनीषा बताती हैं कि 2018 में अंडर-19 नेशनल चैंपियनशिप बंगलूरू में जीतने के बाद कॅरियर में तमाम उपलब्धियां हासिल हुईं। बताती हैं कि 2018 में ही म्यांमार में आयोजित एशियन बैडमिंटन चैंपियनशिप में जीत मिली। इसके बाद ऑल इंडिया चैंपियनशिप पटना में सिल्वर मेडल, ऑल इंडिया सब जूनियर हैदराबाद में भी मेडल मिला। खेलो इंडिया के तहत 2020 में अंडर-17 में आल चैंपियनशिप इंफाल मणिपुर में मेडल मिला। चालू वर्ष के मार्च में झारखंड प्रांत के दुमका में तीन दिवसीय ईस्ट जोन सीनियर महिला बैडमिंटन टूर्नामेंट में खिताब जीता। हाल ही में चार दिन पहले आगरा के एकलव्य स्पोर्ट्स स्टेडियम में विजय शर्मा मेमोरियल ईस्ट जोन बैडमिंटन में खिताब जीता है। अब वे बंगलूरू में प्रशिक्षण लेने जा रही हैं।
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बस्ती। कप्तानगंज ब्लॉक के खोभा निवासी तनीषा सिंह बैडमिंटन की मशहूर खिलाड़ी हैं। उन्होंने बताया कि चाचा की सीख ने उन्हें बैडमिंटन में हुनरमंद बनाया है। एक ओर जहां म्यांमार तक पहुंचने में सफलता मिली वहीं, हाल ही में उन्हें आगरा के एकलव्य स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित विजय शर्मा मेमोरियल यूपी ईस्ट जोन बैडमिंटन सेलेक्शन टूर्नामेंट में खिताब जीतने में कामयाबी मिली। आधा दर्जन से अधिक प्रतियोगिताएं जीत चुकीं तनीषा का सपना देश का ओलंपिक में प्रतिनिधित्व करना है। तनीषा को बैडमिंटन की पहली सीख उनके चाचा अमितेश सिंह से मिली। अमितेश खुद बैडमिंटन चैंपियन रहे हैं।
तनीषा के पिता योगेश सिंह ने बताया कि तनीषा को बैडमिंटन का प्रारंभिक प्रशिक्षण अमर शहीद सत्यवान सिंह क्रीड़ा स्टेडियम में मिला। मंगलवार को अपने गांव पहुंचीं तनीषा सिंह ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि बचपन में चाचा को बैडमिंटन खेलता देख प्रेरणा मिली। तब यह नहीं पता था कि एक दिन बैडमिंटन जिंदगी का हिस्सा बन जाएगा। शुरुआत में इसे लेकर मन में तमाम प्रश्न उठते थे कि भविष्य क्या होगा। लेकिन, जब जूनियर प्रतियोगिता में जीत मिली तो लगा की मानों हौसले को पंख लग गए हों।
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उन्होंने बताया कि मेरे लिए प्रतियोगिता जीतना व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को स्थापित करने से बड़ा है देश के लिए आजीवन खेलते रहना है। उन्होंने युवाओं को संदेश दिया कि आकर्षण की दुनिया स्थायी नहीं होती है। कुछ ऐसा करने का प्रयास करें कि आप लोगों के आकर्षण का केंद्र बनें।
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तेजी से बढ़ रही हैं तनीषा की उपब्धियां
तनीषा बताती हैं कि 2018 में अंडर-19 नेशनल चैंपियनशिप बंगलूरू में जीतने के बाद कॅरियर में तमाम उपलब्धियां हासिल हुईं। बताती हैं कि 2018 में ही म्यांमार में आयोजित एशियन बैडमिंटन चैंपियनशिप में जीत मिली। इसके बाद ऑल इंडिया चैंपियनशिप पटना में सिल्वर मेडल, ऑल इंडिया सब जूनियर हैदराबाद में भी मेडल मिला। खेलो इंडिया के तहत 2020 में अंडर-17 में आल चैंपियनशिप इंफाल मणिपुर में मेडल मिला। चालू वर्ष के मार्च में झारखंड प्रांत के दुमका में तीन दिवसीय ईस्ट जोन सीनियर महिला बैडमिंटन टूर्नामेंट में खिताब जीता। हाल ही में चार दिन पहले आगरा के एकलव्य स्पोर्ट्स स्टेडियम में विजय शर्मा मेमोरियल ईस्ट जोन बैडमिंटन में खिताब जीता है। अब वे बंगलूरू में प्रशिक्षण लेने जा रही हैं।