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दो बेटियों ने प्रदेश में बजाया डंका
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 16 May 2016 12:32 AM IST
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दिशा केसरवानी
- फोटो : अमर उजाला
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हर्रैया/बस्ती। बस्ती की दो बेटियों ने यूपी बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षा में तीसरा और चौथा स्थान प्राप्त कर जिले का गौरव बढ़ाया है। तृतीय स्थान हासिल करने वाली दिशा केसरवानी का सपना इंजीनियर बनने का तो चौथा स्थान हासिल करने वाली प्रगति त्रिपाठी का सपना डाक्टर बनने का है। दिशा हाजी मोहम्मद अमीन इंटर कालेज हर्रैया तो प्रगति गजाधर सिंह अंगद सिंह एकेडमी हर्रैया बस्ती की छात्रा हैं।
तीसरा स्थान पाने वाली दिशा केसरवानी पुत्री मोहित केसरवानी को हाईस्कूल में 97.83 प्रतिशत अंक मिले हैं। 600 पूर्णांक में 587 अंक पाने वाली दिशा केसरवानी के पिता मोहित केसरवानी की हर्रैया कस्बे के अंजहिया बाजार में कपड़े की दुकान है। प्रतिदिन 15 से 16 घंटे की पढ़ाई करने वाली दिशा का लक्ष्य इंटर में भी ऐसी ही कामयाबी हासिल कर इंजीनियर बनने की है। उसका पसंदीदा विषय गणित है, जिसमें उसे 99 नंबर मिले हैं। स्कूल से आने के बाद कई शिफ्ट में रात 11 बजे तक पढ़ाई करने वाली दिशा सुबह साढ़े पांच बजे जगकर दो घंटे पढ़ाई करती है। उसने अपनी सफलता का श्रेय मां नीतू और पिता मोहित केसरवानी के साथ ही अपने प्रधानाचार्य पंकज शर्मा और अन्य शिक्षकों को दिया है।
दिशा से एक नंबर कम 586 नंबर पाने वाली प्रगति त्रिपाठी पुत्री रमापति त्रिपाठी ने 97.67 प्रतिशत अंक के साथ प्रदेश में चौथा स्थान पाया है। प्रगति के पिता एक साधारण किसान हैं। पांच बहनों में सबसे छोटी प्रगति स्कूल की पढ़ाई के बाद घर पर आठ घंटे पढ़ती थी। दिल्ली में अपने बड़े भाई प्रवीन कुमार त्रिपाठी के पास मौजूद प्रगति ने कहा कि वह इंटर में टॉप थ्री में स्थान बनाना चाहती है। उसका सपना डॉक्टर बनकर मरीजों की सेवा करना है।
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तीसरा स्थान पाने वाली दिशा केसरवानी पुत्री मोहित केसरवानी को हाईस्कूल में 97.83 प्रतिशत अंक मिले हैं। 600 पूर्णांक में 587 अंक पाने वाली दिशा केसरवानी के पिता मोहित केसरवानी की हर्रैया कस्बे के अंजहिया बाजार में कपड़े की दुकान है। प्रतिदिन 15 से 16 घंटे की पढ़ाई करने वाली दिशा का लक्ष्य इंटर में भी ऐसी ही कामयाबी हासिल कर इंजीनियर बनने की है। उसका पसंदीदा विषय गणित है, जिसमें उसे 99 नंबर मिले हैं। स्कूल से आने के बाद कई शिफ्ट में रात 11 बजे तक पढ़ाई करने वाली दिशा सुबह साढ़े पांच बजे जगकर दो घंटे पढ़ाई करती है। उसने अपनी सफलता का श्रेय मां नीतू और पिता मोहित केसरवानी के साथ ही अपने प्रधानाचार्य पंकज शर्मा और अन्य शिक्षकों को दिया है।
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दिशा से एक नंबर कम 586 नंबर पाने वाली प्रगति त्रिपाठी पुत्री रमापति त्रिपाठी ने 97.67 प्रतिशत अंक के साथ प्रदेश में चौथा स्थान पाया है। प्रगति के पिता एक साधारण किसान हैं। पांच बहनों में सबसे छोटी प्रगति स्कूल की पढ़ाई के बाद घर पर आठ घंटे पढ़ती थी। दिल्ली में अपने बड़े भाई प्रवीन कुमार त्रिपाठी के पास मौजूद प्रगति ने कहा कि वह इंटर में टॉप थ्री में स्थान बनाना चाहती है। उसका सपना डॉक्टर बनकर मरीजों की सेवा करना है।
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