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Basti News: बेल्जियम से बस्ती पॉलिटेक्निक पहुंचा 308 पहियों का ट्रक, उमड़ी भीड़
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बलरामपुर जा रहा बायलर पहुंचा बस्ती नेशनल हाइवे पर स्थित पालीटेक्निक चौराहा लोगो की लगी देखने की
बस्ती। पॉलिटेक्निक चौराहे पर सोमवार को 308 पहियों वाला विशालकाय महाट्रक पहुंचा तो लोग उसे देखने के लिए रुक गए। ट्रेलर पर लदा 200 टन का वेसल और उसका विशाल आकार लोगों के कौतूहल का केंद्र बन गया। चौराहे पर बिजली के तार रास्ते में बाधा बने तो उन्हें हटवाकर ट्रक को आगे निकाला गया। बलरामपुर चीनी मिल जा रहे इस महाट्रक को देखने के लिए लोगों की भीड़ जुटी रही।
ट्रक ले जा रहे लोगों ने बताया कि बेल्जियम से आया यह वेसल समुद्री मार्ग से ओडिशा के पारादीप बंदरगाह पहुंचा था। वहां से क्रेन की मदद से इसे 308 पहियों वाले विशेष ट्रेलर पर लादा गया। इसके बाद ओडिशा से झारखंड और बिहार के औरंगाबाद, रोहतास व कैमूर होते हुए यह उत्तर प्रदेश पहुंचा।
चंदौली, वाराणसी और गाजीपुर से गुजरने के बाद सोमवार को बस्ती पहुंचा। अब इसे बलरामपुर चीनी मिल ले जाया जा रहा है, जहां एथेनॉल प्लांट से जुड़े काम में इसका इस्तेमाल होना है।
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इनसेट
वजन के हिसाब से लगाए गए 308 पहिये
करीब 200 टन वजन वाले वेसल को सुरक्षित तरीके से ले जाने के लिए विशेष ट्रेलर का इस्तेमाल किया जा रहा है। इतने भारी भार को संभालने और सड़क पर संतुलन बनाए रखने के लिए इसमें 308 पहिये लगाए गए हैं। वजन और रास्ते की चुनौतियों के कारण महाट्रक रोजाना महज 10 से 12 किलोमीटर का सफर तय कर पा रहा है। इसके गुजरने के लिए कई स्थानों पर यातायात रोकना पड़ा, जबकि बिजली के खंभे और तार भी हटाने पड़े। कैमूर में इसे निकालने के लिए पुल तोड़े जाने की जानकारी भी सामने आई थी।
इनसेट
दो करोड़ का फूंक चुका डीजल
इस ट्रक के यहां तक पहुंचने में करीब दो करोड़ रुपये का डीजल फूंकने का दावा किया गया है। उधर, बस्ती के पॉलिटेक्निक चौराहे पर भी ट्रक के रास्ते में बिजली के तार बाधा बने। इसके साथ चल रही पुलिस और प्रशासन की टीम ने तार हटवाकर इसे आगे रवाना कराया। विशालकाय ट्रेलर को देखने के लिए राहगीरों और स्थानीय लोगों की भीड़ लगी रही। लोग मोबाइल से तस्वीरें और वीडियो बनाते नजर आए। अपने आकार और पहियों की असाधारण संख्या के कारण यह महाट्रक रास्ते में जहां भी पहुंच रहा है, वहां लोगों के बीच चर्चा का विषय बन जा रहा है।
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ट्रक ले जा रहे लोगों ने बताया कि बेल्जियम से आया यह वेसल समुद्री मार्ग से ओडिशा के पारादीप बंदरगाह पहुंचा था। वहां से क्रेन की मदद से इसे 308 पहियों वाले विशेष ट्रेलर पर लादा गया। इसके बाद ओडिशा से झारखंड और बिहार के औरंगाबाद, रोहतास व कैमूर होते हुए यह उत्तर प्रदेश पहुंचा।
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चंदौली, वाराणसी और गाजीपुर से गुजरने के बाद सोमवार को बस्ती पहुंचा। अब इसे बलरामपुर चीनी मिल ले जाया जा रहा है, जहां एथेनॉल प्लांट से जुड़े काम में इसका इस्तेमाल होना है।
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वजन के हिसाब से लगाए गए 308 पहिये
करीब 200 टन वजन वाले वेसल को सुरक्षित तरीके से ले जाने के लिए विशेष ट्रेलर का इस्तेमाल किया जा रहा है। इतने भारी भार को संभालने और सड़क पर संतुलन बनाए रखने के लिए इसमें 308 पहिये लगाए गए हैं। वजन और रास्ते की चुनौतियों के कारण महाट्रक रोजाना महज 10 से 12 किलोमीटर का सफर तय कर पा रहा है। इसके गुजरने के लिए कई स्थानों पर यातायात रोकना पड़ा, जबकि बिजली के खंभे और तार भी हटाने पड़े। कैमूर में इसे निकालने के लिए पुल तोड़े जाने की जानकारी भी सामने आई थी।
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दो करोड़ का फूंक चुका डीजल
इस ट्रक के यहां तक पहुंचने में करीब दो करोड़ रुपये का डीजल फूंकने का दावा किया गया है। उधर, बस्ती के पॉलिटेक्निक चौराहे पर भी ट्रक के रास्ते में बिजली के तार बाधा बने। इसके साथ चल रही पुलिस और प्रशासन की टीम ने तार हटवाकर इसे आगे रवाना कराया। विशालकाय ट्रेलर को देखने के लिए राहगीरों और स्थानीय लोगों की भीड़ लगी रही। लोग मोबाइल से तस्वीरें और वीडियो बनाते नजर आए। अपने आकार और पहियों की असाधारण संख्या के कारण यह महाट्रक रास्ते में जहां भी पहुंच रहा है, वहां लोगों के बीच चर्चा का विषय बन जा रहा है।