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Basti News: बाढ़ से बेतौहा के 70 फीसदी फसल बर्बाद, गेहूं की बुआई पर भी संकट
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टिनिच। कुआनो नदी की बाढ़ ने भानपुर तहसील क्षेत्र के बेतौहा गांव के किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। गांव के करीब 70 प्रतिशत किसानों की फसल बाढ़ की चपेट में आने से बर्बाद हो गई है। खेतों में लंबे समय से पानी भरा होने के कारण किसानों को धान की फसल के नुकसान के साथ गेहूं की बोआई पिछड़ने की भी चिंता सता रही है। किसानों का आरोप है कि नुकसान के आकलन के लिए अब तक प्रशासनिक टीम गांव नहीं पहुंची है।
कुआनो नदी के किनारे बसे बेतौहा गांव में करीब 250 किसान खेती करते हैं। इनमें लगभग 70 प्रतिशत किसानों के खेत निचले इलाकों में हैं। नदी में आई बाढ़ के कारण इन खेतों में लगी धान समेत अन्य फसलें पानी में डूब गईं। किसानों को इस बार धान की अच्छी पैदावार की उम्मीद थी, लेकिन बाढ़ ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया। गांव के किसान ओमप्रकाश निषाद ने बताया कि अधिकांश किसानों की जमीन निचले इलाके में है।
बाढ़ का पानी भरने से फसलें बर्बाद हो गई हैं। खेतों से समय पर पानी नहीं निकला तो गेहूं की बुवाई भी प्रभावित होगी। इससे किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ेगी। गोकरन, जवाहिर, परमात्मा प्रसाद, शिवपूजन, आधारे, मिल्लू, रमेश चंद्र निषाद और संतोष कुमार समेत अन्य किसानों ने बताया कि फसल नुकसान की सूचना तहसील प्रशासन को मौखिक रूप से दी गई है लेकिन अब तक आकलन के लिए कोई टीम गांव नहीं पहुंची। किसानों को नुकसान के मुआवजे का इंतजार है। एसडीएम भानपुर हिमांशु कुमार ने बताया कि बाढ़ से प्रभावित फसलों के नुकसान का आकलन करने के लिए तहसीलदार के नेतृत्व में राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीम लगाई गई है।
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कुआनो नदी के किनारे बसे बेतौहा गांव में करीब 250 किसान खेती करते हैं। इनमें लगभग 70 प्रतिशत किसानों के खेत निचले इलाकों में हैं। नदी में आई बाढ़ के कारण इन खेतों में लगी धान समेत अन्य फसलें पानी में डूब गईं। किसानों को इस बार धान की अच्छी पैदावार की उम्मीद थी, लेकिन बाढ़ ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया। गांव के किसान ओमप्रकाश निषाद ने बताया कि अधिकांश किसानों की जमीन निचले इलाके में है।
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बाढ़ का पानी भरने से फसलें बर्बाद हो गई हैं। खेतों से समय पर पानी नहीं निकला तो गेहूं की बुवाई भी प्रभावित होगी। इससे किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ेगी। गोकरन, जवाहिर, परमात्मा प्रसाद, शिवपूजन, आधारे, मिल्लू, रमेश चंद्र निषाद और संतोष कुमार समेत अन्य किसानों ने बताया कि फसल नुकसान की सूचना तहसील प्रशासन को मौखिक रूप से दी गई है लेकिन अब तक आकलन के लिए कोई टीम गांव नहीं पहुंची। किसानों को नुकसान के मुआवजे का इंतजार है। एसडीएम भानपुर हिमांशु कुमार ने बताया कि बाढ़ से प्रभावित फसलों के नुकसान का आकलन करने के लिए तहसीलदार के नेतृत्व में राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीम लगाई गई है।
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