फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   Kuano river above danger mark for 12 days; paddy crop starting to rot.

Basti News: कुआनो 12 दिन से खतरे के निशान से ऊपर, सड़ने लगी धान की फसल

Tue, 13 Oct 2026 03:14 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 13 Oct 2026 03:14 AM IST
विज्ञापन
Kuano river above danger mark for 12 days; paddy crop starting to rot.
कुवानो के बाढ़ के पानी से कंचनपुर गांव के किनारे डूबी धान की फसल व कंचनपुर धधरिया बेलवरिया मार् - फोटो : Archive
बभनान। कुआनो नदी की बाढ़ से गौर क्षेत्र में जनजीवन के साथ खेती-किसानी भी प्रभावित हो रही है। नदी 12 दिनों से खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। कंचनपुर-धधरिया से बेलवरिया जंगल को जोड़ने वाला संपर्क मार्ग पानी में डूब गया है, वहीं खेतों में तैयार धान की फसल लंबे समय तक जलमग्न रहने से सड़ने लगी है। रास्तों पर पानी भरने से ग्रामीणों की आवाजाही प्रभावित है। फसल बर्बाद होने की आशंका से किसानों की चिंता बढ़ गई है। प्रभावित ग्रामीणों को अब राहत और किसानों को मुआवजे का इंतजार है।
विज्ञापन

केंद्रीय जल आयोग के चंद्रदीप घाट, गोंडा के आंकड़ों के अनुसार, कुआनो नदी का जलस्तर एक अक्तूबर को 90.69 मीटर था। आठ अक्तूबर को यह बढ़कर 90.85 मीटर पहुंच गया था, जो खतरे के निशान 88.84 मीटर से 201 सेंटीमीटर ऊपर था। 11 अक्तूबर की शाम छह बजे नदी का जलस्तर 90.68 मीटर दर्ज किया गया। यह अब भी खतरे के निशान से 184 सेंटीमीटर ऊपर है। जलस्तर में मामूली गिरावट के बावजूद निचले इलाकों में बाढ़ का पानी जमा है।
विज्ञापन

डूबा संपर्क मार्ग, कटान का खतरा
कंचनपुर-धधरिया से बेलवरिया जंगल को जोड़ने वाली पक्की सड़क बाढ़ के पानी में डूबी हुई है। सड़क पर पानी भरने से आवागमन प्रभावित हो रहा है। वहीं, सड़क की गिट्टियां उखड़ने लगी हैं और किनारे की मिट्टी का कटान भी शुरू हो गया है। इस मार्ग से ग्रामीण बभनान-बेलवरिया मुख्य सड़क तक पहुंचते हैं। आसपास के खेत भी दूर तक पानी में डूबे हैं। कटान जारी रहने से सड़क को और नुकसान पहुंचने की आशंका है।
विज्ञापन
विज्ञापन

पकी धान की फसल पर संकट
बाढ़ का सबसे अधिक असर किसानों पर पड़ा है। खेतों में तैयार धान की बालियां पानी में गिर गई हैं और पौधे पीले पड़ने लगे हैं। लंबे समय तक पानी में डूबे रहने से फसल सड़ने लगी है। किसान बिक्रम कुमार और अशोक कुमार समेत अन्य किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फिरने की आशंका है। गन्ने के खेत भी जलमग्न हैं। धान की फसल को नुकसान के साथ अगली फसल की तैयारी को लेकर भी किसानों की चिंता बढ़ गई है।
कई गांवों में बाढ़ का असर
विकासखंड गौर के बेलवरिया जंगल, माझा मानपुर, मरवटिया, धधरिया, सांवडीह, बलुआ चौबे, तरैनी, हलुआ, बढ़नी, पड़री और जप्ती सहित कई गांवों में बाढ़ का असर है। प्रभावित क्षेत्रों में जलभराव से ग्रामीणों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों की मांग है कि बाढ़ से प्रभावित खेतों का सर्वे कराकर किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए और प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाए।

कुआनो ने बढ़ाई किसानों की चिंता

कुदरहा। सरयू का जलस्तर घटने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है लेकिन कुआनो का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण किसानों की परेशानी फिर बढ़ गई है। ग्रामीणों के अनुसार, अगया उर्फ भितिहा, छिबरा, सेल्हरा समेत आसपास के कई गांवों में धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। कई किसानों की खड़ी फसल नदी की धारा में बह गई। खेतों में पानी भर जाने से धान की फसल बर्बाद हो रही है। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed