फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   Transport Corporation buses are parked on the highway, passengers on the footpath.

Basti News: हाईवे पर खड़ी होती हैं परिवहन निगम की बसें, फुटपाथ पर यात्री

Wed, 29 Apr 2026 01:13 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 29 Apr 2026 01:13 AM IST
विज्ञापन
Transport Corporation buses are parked on the highway, passengers on the footpath.
हरैया। सूबे की दूसरी सबसे बड़ी तहसील हरैया की स्थापना करीब डेढ़ सौ वर्ष पहले ब्रिटिश सरकार में हुई। जिसके बाद लगभग दस लाख की आबादी वाले इस तहसील मुख्यालय पर अब तक परिवहन निगम का स्थायी बस अड्डा नहीं बन सका। ऐसे में चाहे कड़ाके की ठंड हो या धूप व मूसलाधार बारिश, इसका सामना हर यात्री को करना पड़ता है।
विज्ञापन

बता दें कि हरैया तहसील क्षेत्र में गौर ब्लाॅक को छोड़कर हरैया, कप्तानगंज, परशुरामपुर, विक्रमजोत व दुबौलिया ब्लाॅक का समूचा क्षेत्र रेल सेवा से वंचित हैं। ऐसी दशा में यात्रा व्यवस्था सड़क मार्ग व खासकर परिवहन निगम बस सेवा पर निर्भर है। दूरस्थ यात्रा करने के लिए आने-जाने वाले तहसील क्षेत्र के अधिकतर यात्री हरैया से ही बस पकड़ते हैं। जहां हालत यह है कि नगर की पूर्वी छोर पर तेनुआ से लगाय महूघाट तक हाईवे के बगल स्थित ढाबों व होटलों पर बस चालक व परिचालक मनमाने ढंग से अपनी सुविधानुसार बसें खड़ी करते हैं।
विज्ञापन


ऐसे में कई बार एक जगह रुक कर बस की प्रतीक्षा कर रहे यात्री दौड़ कर बस तक पहुंचे, इससे पहले वह रवाना हो जाती हैं। हाईवे पर बसों के खड़ी कर सवारी भरने व उतारने से दुर्घटना की आशंकाएं बनी रहती है तो फुटपाथ पर खड़े यात्री भी सुरक्षा को लेकर चिंतित रहते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


शनिवार को हरैया में बस की प्रतीक्षा कर रहे गोरखपुर के खजनी के रहने वाले मजीद खान व अभिषेक ओझा ने बताया कि आवश्यक कार्य से हरैया आए थे। एक घंटे से खड़े होकर बस की प्रतीक्षा कर रहे हैं। कड़ाके की धूप में सिर चकरा रहा है। दो होटल पर बसें नही रुकी तो अब तीसरे ठिकाने पर रुके हैं। हरैया के ही जोगापुर गांव निवासी त्रयंबक सिंह बताते हैं कि प्रायः लखनऊ व अयोध्या, गोरखपुर तथा दिल्ली आदि कारोबार के सिलसिले में जाना-आना होता है।
कौन सी बस कहां खड़ी होगी, कोई पता नहीं रहता। सबसे बड़ी समस्या तब होती है, जब वह होटल व ढाबे जहां पहले से यात्रियों की भीड़ चाय-नाश्ता करती रहती है, दुकानदार अंदर बैठने भी नही देते। ऐसे में जाड़ा, गर्मी व बरसात में मौसम की मार खाते यात्री मारे मारे फिरते हैं।

पहले चेक पोस्ट पर निश्चित रुकती थी बसें, अब वह भी हो चुका है बंद

हरैया नगर पंचायत के सभासद धर्मध्वज सिंह पप्पू कहते हैं कि फोरलेन बनने से पहले हरैया-बभनान चौराहे पर प्रत्येक बस परिवहन निगम के चेकपोस्ट पर खड़ी होती थी। फोरलेन बनने के बाद यह चेकपोस्ट मनोरमा नदी के दक्षिण हाईवे पर चला गया। यहां भी सभी बसों का अनिवार्य रूप से ठहराव होता था। पिछले करीब दस सालों से कौन बस कहां खड़ी होगी, कोई ठिकाना नहीं। ऐसे में यात्री दुर्गति झेलने को लाचार हैं। लोगो ने अस्थायी बस अड्डा बनाने की मांग की है।




हर्रैया में बस खड़ी करने के लिए पूर्व में चिन्हित चेक पोस्ट स्थल पर ही बसें खड़ी हो रही है। वहां से सवारियों को बिठाया जाता है। एक साल पहले जन प्रतिनिधियों के प्रस्ताव पर बस स्टेशन के लिए उपयुक्त भूमि की मांग की गई। पत्राचार शासन में भी किया गया, लेकिन अभी तक भूमि न मिलने के कारण आगे की कार्रवाई नहीं हो सकी है।
-आयुष भटनागर, एआरएम बस्ती
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed