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महंगाई के खिलाफ व्यापारियों ने उठाई आवाज
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अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते जिलाध्यक्ष सुभाष शुक्ला।
- फोटो : BASTI
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महंगाई के खिलाफ व्यापारियों ने उठाई आवाज
बस्ती। राष्ट्रीय व्यापारी दिवस पर शुक्रवार को शहर के पचपेड़िया मार्ग स्थित डीपीएस स्कूल में व्यापारी सम्मेलन में महंगाई सहित विभिन्न मुद्दों पर व्यापारियों ने आवाज उठाई। तीन सितंबर को व्यापारी दिवस घोषित करने के अलावा सात सूत्री मांगे भी रखी गईं, जिस पर ध्वनिमत से व्यापारियों ने प्रस्ताव पारित कर दिया।
व्यापारियों ने सम्मेलन में व्यापारी दिवस की मांग के अलावा सभी पेट्रोलियम पदार्थों को जीएसटी के दायरे में लाकर महंगाई कम करने, जीएसटी लागू होने के प्रथम दो वर्ष के देयकों का ब्याज माफ करने, जीएसटी की सभी विसंगतियों को दूर करने, आयकर दाताओं को एक उम्र के बाद पेशन देने, प्रदेश के सभी जिलों में ट्रांसपोर्ट नगर बसाए जाने की मांग उठ्राई। जय पूर्वांचल व्यापार मंडल व अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल की ओर से आयोजित सम्मेलन को संबोधित करते हुए मंडल प्रभारी राधेश्याम कमलापुरी ने कहा कि सरकार व्यापारियों के कल्याण को लेकर कभी नहीं सोचती। लेकिन अब समय बदल गया है। व्यापारी एकजुट होकर सरकार को हित में निर्णय लेने को मजबूर कर देंगे। संगठन के प्रांतीय उपाध्यक्ष अमरमणि पांडेय ने कहा कि सर्वाधिक राजस्व देने वाला व्यापारी कोरोना काल में भी मानवता के साथ खड़ा था, मगर सरकार व्यापारियों पर ब्याज, बिजली बिल का बकाया, व जीएसटी पर अर्थदंड लगाकर पीड़ित कर रही है। सरकार से मांग उठाई कि कोरोना काल के दौरान व्यवसायिक बिजली बिल माफ किया जाए, मृत व्यापारियों के आश्रितों को दस लाख रुपये मुआवजा दिया जाए।
जिलाध्यक्ष सुबाष चंद्र शुक्ल ने कहा कि सभी वर्ग के लिए दिवस घोषित है, मगर सर्वाधिक राजस्व देने वाला व्यापारी इससे भी अछूता है। ऐसे में तीन सितंबर को व्यापारी दिवस घोषित किया जाए। इस मौके पर जिला महामंत्री रामविनय पांडेय व बृजेश सिंह मुन्ना रमेश सिंह, सत्यपाल टीटू, प्रमोद गाडिया, जितेंद्र मिश्रा, जयेश सिंह मुन्ना, अखिलेश दूबे, सुनील मिश्रा, रामबाबू श्रीवास्तव, रामसुरेमन यादव, डॉ. वीरेंद्र त्रिपाठी, शिव श्याम चौधरी, गौरी शंकर पाल, सीके अग्रहरि, महेंद्र नाथ पांडेय, अरविंद श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
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बस्ती। राष्ट्रीय व्यापारी दिवस पर शुक्रवार को शहर के पचपेड़िया मार्ग स्थित डीपीएस स्कूल में व्यापारी सम्मेलन में महंगाई सहित विभिन्न मुद्दों पर व्यापारियों ने आवाज उठाई। तीन सितंबर को व्यापारी दिवस घोषित करने के अलावा सात सूत्री मांगे भी रखी गईं, जिस पर ध्वनिमत से व्यापारियों ने प्रस्ताव पारित कर दिया।
व्यापारियों ने सम्मेलन में व्यापारी दिवस की मांग के अलावा सभी पेट्रोलियम पदार्थों को जीएसटी के दायरे में लाकर महंगाई कम करने, जीएसटी लागू होने के प्रथम दो वर्ष के देयकों का ब्याज माफ करने, जीएसटी की सभी विसंगतियों को दूर करने, आयकर दाताओं को एक उम्र के बाद पेशन देने, प्रदेश के सभी जिलों में ट्रांसपोर्ट नगर बसाए जाने की मांग उठ्राई। जय पूर्वांचल व्यापार मंडल व अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल की ओर से आयोजित सम्मेलन को संबोधित करते हुए मंडल प्रभारी राधेश्याम कमलापुरी ने कहा कि सरकार व्यापारियों के कल्याण को लेकर कभी नहीं सोचती। लेकिन अब समय बदल गया है। व्यापारी एकजुट होकर सरकार को हित में निर्णय लेने को मजबूर कर देंगे। संगठन के प्रांतीय उपाध्यक्ष अमरमणि पांडेय ने कहा कि सर्वाधिक राजस्व देने वाला व्यापारी कोरोना काल में भी मानवता के साथ खड़ा था, मगर सरकार व्यापारियों पर ब्याज, बिजली बिल का बकाया, व जीएसटी पर अर्थदंड लगाकर पीड़ित कर रही है। सरकार से मांग उठाई कि कोरोना काल के दौरान व्यवसायिक बिजली बिल माफ किया जाए, मृत व्यापारियों के आश्रितों को दस लाख रुपये मुआवजा दिया जाए।
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जिलाध्यक्ष सुबाष चंद्र शुक्ल ने कहा कि सभी वर्ग के लिए दिवस घोषित है, मगर सर्वाधिक राजस्व देने वाला व्यापारी इससे भी अछूता है। ऐसे में तीन सितंबर को व्यापारी दिवस घोषित किया जाए। इस मौके पर जिला महामंत्री रामविनय पांडेय व बृजेश सिंह मुन्ना रमेश सिंह, सत्यपाल टीटू, प्रमोद गाडिया, जितेंद्र मिश्रा, जयेश सिंह मुन्ना, अखिलेश दूबे, सुनील मिश्रा, रामबाबू श्रीवास्तव, रामसुरेमन यादव, डॉ. वीरेंद्र त्रिपाठी, शिव श्याम चौधरी, गौरी शंकर पाल, सीके अग्रहरि, महेंद्र नाथ पांडेय, अरविंद श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
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