{"_id":"6a95cdda6686d18de200fd65","slug":"laxity-in-uploading-childrens-projects-to-the-portal-warning-issued-basti-news-c-207-1-bst1001-165614-2026-09-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Basti News: पोर्टल पर बच्चों के प्रोजेक्ट अपलोड में ढिलाई, दी गई चेतावनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Basti News: पोर्टल पर बच्चों के प्रोजेक्ट अपलोड में ढिलाई, दी गई चेतावनी
विज्ञापन
बस्ती। इंस्पायर मानक अवार्ड पोर्टल पर बच्चों के इनोवेशन आइडियाज अपलोड करने की स्थिति संतोषजनक नहीं है। डीआईओएस व बीएसए ने प्रधानाचार्यों को चेतावनी पत्र जारी कर जल्द से जल्द बच्चों का प्रोजेक्ट पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए हैं।
कक्षा छह से 12 तक के बच्चों की वैज्ञानिक सोच को आगे बढ़ाने के लिए सरकार इंस्पायर मानक अवार्ड योजना संचालित कर रही है। इसके तहत जूनियर व माध्यमिक स्तर के बच्चों के इनोवेशन आइडियाज का आंकलन जिले व प्रदेश स्तर तक होगा। प्रोजेक्ट चयनित होने पर बच्चों को सहयोग राशि सरकार की तरफ से दी जाती है, जिससे वे अपने प्रोजेक्ट पर आगे भी काम कर सकें।
इंस्पायर अवार्ड पोर्टल पर जिले में 1064 विद्यालय पंजीकृत हैं। इनमें बेसिक व माध्यमिक के विद्यालय शामिल हैं। इनके 5,620 बच्चों का इनोवेशन आइडिया पोर्टल पर अपलोड करना है। यह कार्य 15 जुलाई से शुरू हुआ है, जो 15 सितंबर तक चलेगा। अभी तक 380 बच्चों का पोर्टल पर प्रोजेक्ट अपलोड किया गया है। कार्य में शिथिलता को लेकर डीआईओएस व बीएसए ने सभी प्रधानाचार्यों को चेतावनी पत्र जारी कर जल्द से जल्द लक्ष्य हासिल करने के लिए निर्देशित किया है। डीआईओएस संजय सिंह ने बताया कि समय से कार्य पूरा न करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- -- -
जिले व प्रदेश स्तर पर चयनित होता है प्रोजेक्ट
पोर्टल पर प्रोजेक्ट अपलोड करने के बाद डीआईओएस की अध्यक्षता में गठित कमेटी प्रोजेक्ट का आकलन करती है। जिले स्तर पर चयन होने के बाद बच्चे को 10 हजार रुपये शासन की तरफ से सहायता राशि दी जाएगी। इसके बाद चयनित बच्चों का माॅडल प्रदेश स्तर पर आकलन के लिए पोर्टल से फारवर्ड कर दिया जाएगा। यहां चयनित होने पर सहायता राशि दो गुना मिलती है।
विज्ञापन
कक्षा छह से 12 तक के बच्चों की वैज्ञानिक सोच को आगे बढ़ाने के लिए सरकार इंस्पायर मानक अवार्ड योजना संचालित कर रही है। इसके तहत जूनियर व माध्यमिक स्तर के बच्चों के इनोवेशन आइडियाज का आंकलन जिले व प्रदेश स्तर तक होगा। प्रोजेक्ट चयनित होने पर बच्चों को सहयोग राशि सरकार की तरफ से दी जाती है, जिससे वे अपने प्रोजेक्ट पर आगे भी काम कर सकें।
विज्ञापन
इंस्पायर अवार्ड पोर्टल पर जिले में 1064 विद्यालय पंजीकृत हैं। इनमें बेसिक व माध्यमिक के विद्यालय शामिल हैं। इनके 5,620 बच्चों का इनोवेशन आइडिया पोर्टल पर अपलोड करना है। यह कार्य 15 जुलाई से शुरू हुआ है, जो 15 सितंबर तक चलेगा। अभी तक 380 बच्चों का पोर्टल पर प्रोजेक्ट अपलोड किया गया है। कार्य में शिथिलता को लेकर डीआईओएस व बीएसए ने सभी प्रधानाचार्यों को चेतावनी पत्र जारी कर जल्द से जल्द लक्ष्य हासिल करने के लिए निर्देशित किया है। डीआईओएस संजय सिंह ने बताया कि समय से कार्य पूरा न करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
विज्ञापन
जिले व प्रदेश स्तर पर चयनित होता है प्रोजेक्ट
पोर्टल पर प्रोजेक्ट अपलोड करने के बाद डीआईओएस की अध्यक्षता में गठित कमेटी प्रोजेक्ट का आकलन करती है। जिले स्तर पर चयन होने के बाद बच्चे को 10 हजार रुपये शासन की तरफ से सहायता राशि दी जाएगी। इसके बाद चयनित बच्चों का माॅडल प्रदेश स्तर पर आकलन के लिए पोर्टल से फारवर्ड कर दिया जाएगा। यहां चयनित होने पर सहायता राशि दो गुना मिलती है।