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Basti News: बिजली निगम के एक्सईएन और एसडीओ को तीन-तीन माह की सजा

Sat, 22 Aug 2026 12:42 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 22 Aug 2026 12:42 AM IST
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Three months imprisonment to XEN and SDO of Electricity Corporation
बस्ती। उपभोक्ता आयोग ने आदेश का अनुपालन नहीं करने के मामले में विद्युत वितरण खंड द्वितीय के एक्सईएन अरुण कुमार सिंह और कुदरहा के एसडीओ संतोष कुमार चौधरी को तीन-तीन माह की सजा सुनाई है। आयोग ने दोनों अधिकारियों पर 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर उन्हें एक-एक माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
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जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष न्यायाधीश अमरजीत वर्मा और सदस्य अजय प्रकाश सिंह ने यह फैसला सुनाया। जिले में 1991 में उपभोक्ता फोरम की स्थापना हुई थी, जो बाद में उपभोक्ता आयोग में तब्दील हो गया। इन 35 वर्षों में जिले में पहली बार किसी मामले में उपभोक्ता आयोग ने सजा सुनाई है। भानपुर निवासी ऑटोमोबाइल एजेंसी संचालक मानवेंद्र सिंह ने वर्ष 2024 में आयोग में दाखिल किए गए परिवाद में आरोप लगाया था कि मीटर और बिल में गड़बड़ी के संबंध में 9 जनवरी 2024 को उन्होंने बिजली निगम में शिकायत की थी। इसके बावजूद अप्रैल में तीन महीने का 59 हजार रुपये का बिल भेज दिया गया जिसे उन्होंने जमा कर दिया। इसके बाद मई का बिल 8,566 रुपये आया। पोर्टल पर शिकायत करने पर बकाया राशि 62,143 रुपये दिखने लगी। इसके बाद उन्होंने उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया।
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आयोग ने लगाया था 1.20 लाख रुपये हर्जाना
दोनों पक्षों को सुनने के बाद आयोग ने एक जनवरी 2026 को जारी आदेश में अप्रैल 2024 के बाद मानवेंद्र को जारी किए गए सभी बिजली बिल निरस्त कर दिए थे। साथ ही विद्युत निगम को उपभोक्ता को 1.20 लाख रुपये हर्जाना देने का आदेश दिया था। आयोग ने 45 दिन के भीतर आदेश के अनुपालन के निर्देश दिए थे। निर्धारित अवधि में अनुपालन नहीं होने पर 12 प्रतिशत ब्याज देने का भी आदेश था। आरोप है कि निगम के अधिकारियों ने आदेश का पालन नहीं किया। इसके बाद उपभोक्ता मानवेंद्र ने इजरा वाद दाखिल किया। इसके साथ ही उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम की धारा-72 के तहत प्रकीर्ण वाद भी दाखिल किया था।
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वारंट के बाद भी नहीं पहुंचे आयोग
आयोग ने एक्सईएन और एसडीओ के खिलाफ वारंट जारी किए। वारंट तामील करने के बाद भी दोनों न तो आयोग के समक्ष उपस्थित हुए और न ही आदेश का अनुपालन किया। आयोग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए धारा-72 के तहत दोनों अधिकारियों को तीन-तीन माह के कारावास और 25-25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। मामले की सुनवाई की अगली तारीख 20 अक्तूबर तय की गई है।
कोट
किसी अधिकारी को आयोग द्वारा जिले में पहली बार सजा सुनाई गई है। इससे पहले एक ट्रैक्टर एजेंसी के कर्मचारी को आदेश न मानने पर जेल भिजवाया गया था।
- अमरजीत वर्मा, अध्यक्ष, उपभोक्ता आयोग, बस्ती
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