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Basti News: ड्राॅप आउट बच्चों का होगा सर्वे, पंजीकरण के लिए करेंगे प्रेरित
Tue, 08 Jul 2025 01:23 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Tue, 08 Jul 2025 01:23 AM IST
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बस्ती। परिषदीय स्कूलों से ड्राॅप आउट बच्चों का सर्वे कराया जाएगा। इसके लिए बीईओ को निर्देश दिए गए हैं। स्कूल चलो अभियान के दूसरे चरण में ऐसे अभिभावकों से शिक्षक, प्रधान अध्यापक संपर्क करेंगे और उन्हें पुन: पंजीकरण कराने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
स्कूल चलो अभियान के दूसरे चरण में कहा गया है कि ड्राॅप आउट एवं आउट आफ स्कूल के बच्चों के नामांकन के लिए सर्वे किया जाए। ऐसे बच्चों की सूची बनाई जाए। इनका चिह्नांकन किया जाए, जिसके लिए घर-घर जाकर परिवार का सर्वेक्षण किया जाए। यह कार्य नगरीय और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में किया जाए। इसके साथ ही आउट आफ बच्चों को चिन्हित करने के लिए गांवों में परिवारों से मिले इसके साथ ही ईंट भट्ठों, खदानों कारखानों, होटलों, ढाबों एवं मलिन बस्तियों का निरंतर सर्वे करें यहां 6 से 14 वर्ष के बच्चे मिलते हैं चिह्नीकरण कर उनका नामांकन सुसंगत कक्षाओं में कराया जाए।
बीएसए अनूप कुमार ने कहा कि जो बच्चे स्कूलों में अनुपस्थित रहते हैं उनकी उपस्थिति बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास करने की आवश्यकता है। यदि कोई बच्चा तीन दिन तक अनुपस्थित रहता है तो शिक्षक उसके अभिभावक से दूरभाष पर संपर्क करें तथा बुलावा टोली को उसके घर भेजें। कोई बच्चा यदि 6 या उससे अधिक दिन तक अनुपस्थित रहता है तो प्रधान अध्यापक उसके घर संपर्क करें बच्चे को स्कूल आने के लिए प्रेरित करें। इसी तरह कोई बच्चा एक माह में दस दिन से अधिक अनुपस्थित रहता है तो अगले माह शिक्षक अभिभावक बैठक में उनकी काउंसिलिंग कर बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित करें।
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बीएसए ने कहा कि जिन बच्चों के ड्रॉप आउट की आशंका होती है, उन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रधान अध्यापकों से कहा गया है कि वे ऐसे बच्चों को अभिभावकों के संपर्क में रहे और बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित करते रहें। उन्होंने कहा कि आउट आफ स्कूल बच्चों के नामांकन के लिए भी प्रयास किया जा रहा है।
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स्कूल चलो अभियान के दूसरे चरण में कहा गया है कि ड्राॅप आउट एवं आउट आफ स्कूल के बच्चों के नामांकन के लिए सर्वे किया जाए। ऐसे बच्चों की सूची बनाई जाए। इनका चिह्नांकन किया जाए, जिसके लिए घर-घर जाकर परिवार का सर्वेक्षण किया जाए। यह कार्य नगरीय और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में किया जाए। इसके साथ ही आउट आफ बच्चों को चिन्हित करने के लिए गांवों में परिवारों से मिले इसके साथ ही ईंट भट्ठों, खदानों कारखानों, होटलों, ढाबों एवं मलिन बस्तियों का निरंतर सर्वे करें यहां 6 से 14 वर्ष के बच्चे मिलते हैं चिह्नीकरण कर उनका नामांकन सुसंगत कक्षाओं में कराया जाए।
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बीएसए अनूप कुमार ने कहा कि जो बच्चे स्कूलों में अनुपस्थित रहते हैं उनकी उपस्थिति बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास करने की आवश्यकता है। यदि कोई बच्चा तीन दिन तक अनुपस्थित रहता है तो शिक्षक उसके अभिभावक से दूरभाष पर संपर्क करें तथा बुलावा टोली को उसके घर भेजें। कोई बच्चा यदि 6 या उससे अधिक दिन तक अनुपस्थित रहता है तो प्रधान अध्यापक उसके घर संपर्क करें बच्चे को स्कूल आने के लिए प्रेरित करें। इसी तरह कोई बच्चा एक माह में दस दिन से अधिक अनुपस्थित रहता है तो अगले माह शिक्षक अभिभावक बैठक में उनकी काउंसिलिंग कर बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित करें।
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बीएसए ने कहा कि जिन बच्चों के ड्रॉप आउट की आशंका होती है, उन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रधान अध्यापकों से कहा गया है कि वे ऐसे बच्चों को अभिभावकों के संपर्क में रहे और बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित करते रहें। उन्होंने कहा कि आउट आफ स्कूल बच्चों के नामांकन के लिए भी प्रयास किया जा रहा है।