फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   There were plans to sell fake cheese... it was exposed.

Basti News: नकली पनीर खपाने की थी तैयारी... हो गया भंडाफोड़

Sun, 30 Nov 2025 12:37 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 30 Nov 2025 12:37 AM IST
विज्ञापन
There were plans to sell fake cheese... it was exposed.
नकली पनीर को किया गय नष्ट।
बस्ती। जिले में मिलावटखोर मुनाफा कमाने के लिए लोगों की सेहत का भी ध्यान नहीं रख रहे हैं। हानिकारक रंग और रसायन से मिलावटी खाद्य पदार्थों की खेप तैयार कर रहे और सहालग में खपा रहे हैं। इसमें सर्वाधिक मिलावट पनीर में कर रहे हैं। सहालग में बड़े पैमाने पर किए जा रहे इस खेल का विभाग ने खुलासा किया है। इसके अलावा शहर के कई और स्थल चिह्नित किए जा रहे हैं। पुलिस भी अब धंधेबाजों पर कार्रवाई को लेकर सक्रिय हो गई है।
विज्ञापन

शहर के मंगला कॉलोनी नाला के बगल किराये के मकान में बृहस्पतिवार को मिलावटी पनीर पकड़े जाने के बाद जिलेभर के दूध व पनीर से जुड़े दुकानदारों में हड़कंप है। डेयरी में पनीर की बुकिंग कराने वाले दुकानदार भी सकते में हैं। क्योंकि अभी बहुत अधिक शादियां हैं और लोगों ने महीनों पहले से पनीर व दूध की बुकिंग की थी। खाद्य विभाग ने 2.80 क्विंटल पनीर नष्ट करा दिया है। ऐसे में ग्राहकों को डिमांड पूरा करने के लिए दूसरे विकल्प खोजने पड़ेंगे।
विज्ञापन

डेयरी में बृहस्पतिवार को खाद्य सुरक्षा विभाग ने छापा मारा तो वहां से करीब 2.80 क्विंटल नकली पनीर मिला। डेयरी से ही स्थानीय होटलों, ढाबों के साथ सहालग में शादी-विवाह के आयोजनों के लिए बड़ी मात्रा में पनीर की बुकिंग की जाती है। दुकानदारों की चिंता यह है कि अगर लग्न के लिए पनीर नहीं मिला तो ग्राहक हंगामा करेंगे ही रुपये भी वापस करने पड़ेंगे। बताया कि जिले के कई संदिग्ध डेयरी के यहां पनीर की खेप पहुंचती है, वहां से दुकानों से बाइक सवार भी पनीर लेकर ग्रामीणों इलाकों में बेचते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

जानकारों ने बताया कि यह पनीर पाउडर समेत अन्य रसायन से तैयार कर खपाते हैं। कम लागत आती है, लेकिन असली पनीर का दाम लेकर धंधेबाज बेंच रहे। मुनाफे के लिए ये धंधेबाज लोगों की सेहत से खेल भी रहे हैं।
वहीं, डेयरी संचालक और फर्म पर केस दर्ज होने के बाद कोतवाली पुलिस संबंधित डेयरी और कारखाना के साथ आसपास के लोगों और संबंधित दुकानदारों से भी संपर्क कर ब्योरा जुटा रही है।
150 रुपये में बनाकर 220 रुपये में करते बिक्री ः जानकारों का कहना है कि नकली पनीर बेचकर धंधेबाज दोगुना कमाई करते हैं। सपरेटा दूध, पाम ऑयल और केमिकल का उपयोग करते हैं। बताते हैं कि करीब 150 रुपये प्रतिकिलो की लागत आती है। इसे डेयरी पर 220 रुपये किलो के हिसाब से बेचते हैं। डेयरी वाले इस पनीर को 320 से 350 रुपये किलो के भाव में बिक्री करते हैं।
मांग पर तीन से चार घंटे में तैयार होता है पनीर ः जानकारों का कहना है कि सहालग के चलते दूध, पनीर और खोआ की मांग तीन गुना से अधिक बढ़ गई है। मिलावट माफिया ऑर्डर मिलने पर तीन से चार घंटे में ही नकली पनीर बनाकर आपूर्ति कर देते हैं। डेयरी संचालक से हुई पूछताछ में बताया कि कोई भी पनीर के लिए आए, आर्डर लेकर उसी दिन दे दिया जाता है। वहीं, डेयरियों पर खपाने के अलावा सहालग में ऑन डिमांड भी नकली पनीर बनता है।
ऐसे कर सकते हैं असली-नकली पनीर का पता ः पनीर को हाथ से मसल सकते हैं। ऐसे में अगर पनीर टूट कर गिर रहा है, तो यानी ये पनीर मिलावट वाला हो सकता है। महक से पता लगा सकते हैं। पनीर को सूंघना है अगर इसमें से दूध वाली महक आ रही है तो ये पनीर असली होता है। जबकि, नकली पनीर में ऐसी कोई महक नहीं आती है।
पनीर को उबालकर भी जान सकते हैं कि पनीर मिलावट वाला है या असली है। मिलावट करने वाले लोग पनीर में स्टार्च मिला देते हैं। पनीर के कुछ टुकड़े ले लें और फिर इन पर आयोडीन सॉल्यूशन की कुछ बूंदें डाल दें। इसके बाद अगर पनीर नीला या फिर काले रंग का हो जाता है तो ये पनीर मिलावट वाला हो सकता है। वहीं, असली पनीर का रंग नहीं बदलता है।

लिवर-किडनी रोग का खतरा ः जिला अस्पताल के सर्जन डॉ. विजय तिवारी कहते हैं कि नकली पनीर और मिलावटी खाद्य सामग्री खाने-पीने से फूड पॉयजनिंग, पेट में अल्सर और किडनी-लिवर के खराब होने का खतरा सबसे ज्यादा है। मधुमेह, कोलेस्ट्रॉल और कैंसर का भी खतरा रहता है। बच्चों की शारीरिक विकास भी प्रभावित हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed