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शिक्षक भर्ती परीक्षा खत्म होते ही लगा जाम
Mon, 07 Jan 2019 12:21 AM IST
राकेश पांडेय
बस्ती (ब्यूरो)
बस्ती (ब्यूरो)
Published by: राकेश पांडेय
Updated Mon, 07 Jan 2019 12:21 AM IST
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शिक्षक भर्ती परीक्षा खत्म होते ही लगा जाम
- फोटो : अमर उजाला
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बस्ती। परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में 6900 सहायक अध्यापकों की भर्ती के लिए रविवार को 18 केंद्रों पर निर्धारित समय से परीक्षा शुरू हुई। सहायक अध्यापक के लिए जिले में परीक्षा देने के बाबत 9307 अभ्यर्थियों का पंजीकरण हुआ था। इनमें से 8741 प्रतिभागी परीक्षा में शामिल हुए और 566 लोग परीक्षा में शामिल नहीं हुए।
परीक्षा सुबह 11 बजे से थी लेकिन परीक्षार्थियों की भीड़ साढ़े नौ बजे से ही परीक्षा केंद्रों पर जुटनी शुरू हो गई थी। इसके चलते गांधीनगर में यातायात भी प्रभावित रहा। वहीं पेपर छूटने के बाद शहर के प्रमुख मार्गों पर यातायात जाम हो गया। तमाम लोग जाम में फंस गए। प्रशासन व पुलिस की तरफ से नकलविहीन व शांतिपूर्ण तरीके से परीक्षा कराने के लिए जिले को सात सेक्टरों में बांटकर व्यवस्था की गई थी। इसके लिए 18 मजिस्ट्रेटों और इतनी ही संख्या में पर्यवेक्षकों की तैनात कर परीक्षा केंद्रों पर नजर बनाए रखनके निर्देश दिए गए थे। परीक्षा केंद्रों व आसपास सुरक्षा व्यवस्था के लिए एएसपी पंकज को जिम्मेदारी दी गई थी। परीक्षा सुबह 11 बजे से शुरू हुई और अपराह्न 1.30 बजे संपन्न हुई। अभ्यर्थियों को परीक्षा शुरू होने के 45 मिनट पहले केंद्र में प्रवेश दिया गया। नोडल अधिकारी सीआरओ आरडी पांडेय के मुताबिक 566 लोग अनुपस्थित रहे। एसपी दिलीप कुमार, एएसपी पंकज, नोडल अधिकारी आरडी पांडेय, एसडीएम और सीओ की टीमें सभी परीक्षा केंद्रों पर चक्कर लगाती रहीं।150 प्रश्नों के उत्तर देने में तमाम परीक्षार्थी परेशान रहे। हिंदी में व्याकरण के स्थान पर साहित्य से संबंधित प्रश्न ज्यादा पूछे गए थे। दूसरी बार शिक्षक भर्ती की परीक्षा दे रहीं सीमा शुक्ला का कहना था कि पेपर आसान था। जीके भी आसान था लेकिन विकल्प उलझाने वाले थे। सुबोध का कहना था कि सिलेबस में हिंदी व्याकरण था लेकिन जितने प्रश्न थे अधिकतर साहित्य से संबंधित पूछ लिए गए, जिससे थोड़ी बहुत परेशानी हुई। कुसौरा से आए राघवेंद्र चौधरी ने बताया कि बीएड करने के बाद पहली बार प्रतियोगी परीक्षा में बैठे हैं। पेपर विशेष टफ नहीं था इसलिए मेरिट हाई जाएगी। वहीं संतकबीर नगर से परीक्षा परीक्षा देने पहुंची बीना का कहना था कि सभी प्रश्न आसान थे। विकल्प मिलते जुलते होने से थोड़ा संभलकर उत्तर चुनना पड़ा।
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परीक्षा सुबह 11 बजे से थी लेकिन परीक्षार्थियों की भीड़ साढ़े नौ बजे से ही परीक्षा केंद्रों पर जुटनी शुरू हो गई थी। इसके चलते गांधीनगर में यातायात भी प्रभावित रहा। वहीं पेपर छूटने के बाद शहर के प्रमुख मार्गों पर यातायात जाम हो गया। तमाम लोग जाम में फंस गए। प्रशासन व पुलिस की तरफ से नकलविहीन व शांतिपूर्ण तरीके से परीक्षा कराने के लिए जिले को सात सेक्टरों में बांटकर व्यवस्था की गई थी। इसके लिए 18 मजिस्ट्रेटों और इतनी ही संख्या में पर्यवेक्षकों की तैनात कर परीक्षा केंद्रों पर नजर बनाए रखनके निर्देश दिए गए थे। परीक्षा केंद्रों व आसपास सुरक्षा व्यवस्था के लिए एएसपी पंकज को जिम्मेदारी दी गई थी। परीक्षा सुबह 11 बजे से शुरू हुई और अपराह्न 1.30 बजे संपन्न हुई। अभ्यर्थियों को परीक्षा शुरू होने के 45 मिनट पहले केंद्र में प्रवेश दिया गया। नोडल अधिकारी सीआरओ आरडी पांडेय के मुताबिक 566 लोग अनुपस्थित रहे। एसपी दिलीप कुमार, एएसपी पंकज, नोडल अधिकारी आरडी पांडेय, एसडीएम और सीओ की टीमें सभी परीक्षा केंद्रों पर चक्कर लगाती रहीं।150 प्रश्नों के उत्तर देने में तमाम परीक्षार्थी परेशान रहे। हिंदी में व्याकरण के स्थान पर साहित्य से संबंधित प्रश्न ज्यादा पूछे गए थे। दूसरी बार शिक्षक भर्ती की परीक्षा दे रहीं सीमा शुक्ला का कहना था कि पेपर आसान था। जीके भी आसान था लेकिन विकल्प उलझाने वाले थे। सुबोध का कहना था कि सिलेबस में हिंदी व्याकरण था लेकिन जितने प्रश्न थे अधिकतर साहित्य से संबंधित पूछ लिए गए, जिससे थोड़ी बहुत परेशानी हुई। कुसौरा से आए राघवेंद्र चौधरी ने बताया कि बीएड करने के बाद पहली बार प्रतियोगी परीक्षा में बैठे हैं। पेपर विशेष टफ नहीं था इसलिए मेरिट हाई जाएगी। वहीं संतकबीर नगर से परीक्षा परीक्षा देने पहुंची बीना का कहना था कि सभी प्रश्न आसान थे। विकल्प मिलते जुलते होने से थोड़ा संभलकर उत्तर चुनना पड़ा।
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