{"_id":"68f3f1fd50c78c4c680c2b62","slug":"the-style-of-celebration-is-changinggreen-trend-is-becoming-a-hit-in-the-firecracker-market-basti-news-c-207-1-sgkp1006-146081-2025-10-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Basti News: बदल रहा जश्न का अंदाज...पटाखा बाजार में ग्रीन ट्रेंड कर रहा हिट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Basti News: बदल रहा जश्न का अंदाज...पटाखा बाजार में ग्रीन ट्रेंड कर रहा हिट
Sun, 19 Oct 2025 01:31 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sun, 19 Oct 2025 01:31 AM IST
विज्ञापन
बस्ती। दिवाली के अवसर पर इस बार रोशनी की लड़ियों के साथ ईको फ्रेंडली (ग्रीन) पटाखे की भी धूम रहने की उम्मीद है। पटाखा बाजार में दुकानदारों ने सामान्य पटाखों से लेकर ग्रीन पटाखों को भी सजा रखा है। लोग पटाखा बाजार में ग्रीन पटाखों की मांग भी कर रहे हैं।
शहर में तीन स्थानों पर पटाखा बाजार लगाया गया है। जहां दुकानों पर आकर्षक और तेज धमाके वाले पटाखे सजाए गए हैं। इनके बीच ग्रीन पटाखों की भी मांग है। पटाखा दुकानदार राजेश ने बताया कि हर साल तेज आवाज के पटाखों की मांग रहती है। सामान्य पटाखे जैसे अनार, चकरी, फुलझडी, चटाई आदि प्रमुख हैं। इस बार 15 शॉट की बजाय 16 शॉट का पटाखा बाजार में आया है जो बहुत अच्छा है। ग्रीन पटाखे भी बाजार में आए हैं।
मालवीय रोड निवासी राहुल सिंह ने कहा कि पर्यावरण की सुरक्षा की जिम्मेदारी सभी पर है। दीपोत्सव की खुशियां पटाखा के बजाय मिठाई बांट कर मनाएं। रोडवेज निवासी ऋचा मिश्रा बताती हैं कि दीपावली पर घरों में पकवान बनाएं, खुद खाएं और आने वालों को भी खिलाएं। पटाखों से लोगों को दूर रहने के लिए प्रेरित करें।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि दीपावली पर पिछले दो साल से वह पटाखे जलाने के बजाय मिठाई बांटती हैं। गरीब परिवारों को कपड़े व मिठाई देकर उन्हें बेहद सुखद अनुभूति होती है। दीपोत्सव खुशियों का पर्व है। पटाखे पर्यावरण को दूषित करते हैं। इससे बचिए, पर्यावरण को भी प्रदूषित होने से बचाएं।
विज्ञापन
शहर में तीन स्थानों पर पटाखा बाजार लगाया गया है। जहां दुकानों पर आकर्षक और तेज धमाके वाले पटाखे सजाए गए हैं। इनके बीच ग्रीन पटाखों की भी मांग है। पटाखा दुकानदार राजेश ने बताया कि हर साल तेज आवाज के पटाखों की मांग रहती है। सामान्य पटाखे जैसे अनार, चकरी, फुलझडी, चटाई आदि प्रमुख हैं। इस बार 15 शॉट की बजाय 16 शॉट का पटाखा बाजार में आया है जो बहुत अच्छा है। ग्रीन पटाखे भी बाजार में आए हैं।
विज्ञापन
मालवीय रोड निवासी राहुल सिंह ने कहा कि पर्यावरण की सुरक्षा की जिम्मेदारी सभी पर है। दीपोत्सव की खुशियां पटाखा के बजाय मिठाई बांट कर मनाएं। रोडवेज निवासी ऋचा मिश्रा बताती हैं कि दीपावली पर घरों में पकवान बनाएं, खुद खाएं और आने वालों को भी खिलाएं। पटाखों से लोगों को दूर रहने के लिए प्रेरित करें।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि दीपावली पर पिछले दो साल से वह पटाखे जलाने के बजाय मिठाई बांटती हैं। गरीब परिवारों को कपड़े व मिठाई देकर उन्हें बेहद सुखद अनुभूति होती है। दीपोत्सव खुशियों का पर्व है। पटाखे पर्यावरण को दूषित करते हैं। इससे बचिए, पर्यावरण को भी प्रदूषित होने से बचाएं।