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Basti News: नरम पड़े तूफान के तेवर, दो तीन दिन साफ रहेगा मौसम
Sun, 02 Nov 2025 02:13 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sun, 02 Nov 2025 02:13 AM IST
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कप्तानगंज क्षेत्र के कौड़ीकोल में अस्तव्यस्त धान की फसल- संवाद
बस्ती। चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ के कमजोर पड़ने के बाद जिले में मौसम सामान्य होने लगा है। किसानों के लिए राहत भरी खबर है कि आगामी 24 घंटे में हल्के बादल छाए रह सकते हैं, परंतु बारिश के आसार नहीं हैं। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कुमारगंज (अयोध्या) के मौसम वैज्ञानिक डॉ. अमरनाथ मिश्र का कहना है कि अगले दो से तीन दिन तक मौसम शुष्क रहेगा और धान की कटाई के लिए परिस्थितियां अनुकूल रहेंगी। शनिवार को अधिकतम तापमान सामान्य से एक डिग्री कम 29.0 डिग्री सेल्सियस रहा। न्यूनतम तापमान सामान्य से 3.8 डिग्री अधिक 22.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
तूफान और बारिश से खेतों में पानी भर गया। कई जगह धान की फसल झुककर गिर गई। किसान अब किसी तरह फसल को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। महसों के किसान रामसजीवन यादव ने बताया, कि दो दिन पहले ही कटाई की तैयारी थी, तभी बारिश आ गई। हर्रैया के किसान नंदलाल चौधरी ने बताया कि 20 बीघा धान बोया था। आधी फसल गिर है। अब जब मौसम साफ हुआ है तो प्रयास कर रहे हैं कि जितना बचा सकें, काट लें।
पकड़ी बुजुर्ग के किसान रामनयन चौहान ने कहा, धान की फसल तो किसी तरह समेट लेंगे, लेकिन नुकसान बहुत हुआ है। उम्मीद है सरकार मुआवजा दे ताकि अगली बुवाई की तैयारी हो सके। फिलहाल मौसम में सुधार ने किसानों को राहत दी है। खेतों में फिर हलचल शुरू हो गई है। उम्मीद यही है कि अब आसमान मेहरबान रहे और मेहनत का फल हाथ से न निकल पाए।
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तूफान और बारिश से खेतों में पानी भर गया। कई जगह धान की फसल झुककर गिर गई। किसान अब किसी तरह फसल को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। महसों के किसान रामसजीवन यादव ने बताया, कि दो दिन पहले ही कटाई की तैयारी थी, तभी बारिश आ गई। हर्रैया के किसान नंदलाल चौधरी ने बताया कि 20 बीघा धान बोया था। आधी फसल गिर है। अब जब मौसम साफ हुआ है तो प्रयास कर रहे हैं कि जितना बचा सकें, काट लें।
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पकड़ी बुजुर्ग के किसान रामनयन चौहान ने कहा, धान की फसल तो किसी तरह समेट लेंगे, लेकिन नुकसान बहुत हुआ है। उम्मीद है सरकार मुआवजा दे ताकि अगली बुवाई की तैयारी हो सके। फिलहाल मौसम में सुधार ने किसानों को राहत दी है। खेतों में फिर हलचल शुरू हो गई है। उम्मीद यही है कि अब आसमान मेहरबान रहे और मेहनत का फल हाथ से न निकल पाए।
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