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Basti News: भीड़ नियंत्रित करने के लिए पुलिस प्रशासन ने झोंकी ताकत
Thu, 01 Aug 2024 01:38 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Thu, 01 Aug 2024 01:38 AM IST
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फुटहिया पिकअप प्वाइंट पर सुरक्षा व्यवस्था के बारे में फीडबैक लेते डीएम रवीश गुप्ता,एसपी गोपाल क
भद्रेश्वरनाथ मंदिर परिसर को दो जोन में बांटकर हो रही निगरानी
गर्भगृह के चारों तरफ बैरिकेडिंग, पश्चिम तरफ से निकासी का प्रबंध
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। कांवड़ियों का जलाभिषेक शांति और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक रखी है। भद्रेश्वरनाथ मंदिर परिसर को दो जोन में बांटकर निगरानी की जा रही है। गर्भगृह और माता पार्वती के मंदिर को अलग सेक्टर बनाकर चारों तरफ से बैरिकेडिंग की गई है। ऐसी व्यवस्था बनाई गई है ताकि जलाभिषेक करके लौटने वाले कांवड़ियों का जाने वाले कांवड़ियों से सामना न होने पाए। उन्हें पश्चिमी द्वार से निकाला जाएगा।
मंदिर परिसर की निगरानी के लिए 50 सीसीटीवी व दो ड्रोन कैमरे लगाए गए हैं। एएसपी, सीओ समेत 500 पुलिस कर्मियों को गर्भगृह से लेकर सड़क तक तैनात किया गया है। बुधवार रात से ही वे ड्यूटी प्वाइंट पर तैनात हो जाएंगे। गर्भगृह में महिला व पुरुष पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।
दो अपर पुलिस अधीक्षक, दस पुलिस उपाधीक्षक, 35 निरीक्षक, 280 उप निरीक्षक, 25 महिला उप निरीक्षक, आठ यातायात उप निरीक्षक, 1100 हेड कांस्टेबल, 250 महिला कांस्टेबल, 1.5 कंपनी पीएसी, 05 फायर टेंडर, 40 यातायात पुलिस की तैनाती की गई है। जगह-जगह सहायता केंद्र स्थापित किए गए हैं।
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डीएम रवीश गुप्ता व एसपी गोपाल कृष्ण चौधरी लगातार निगरानी कर रहे हैं। वैसे तो यह आयोजन जलाभिषेक को समर्पित रहता है, लेकिन लोगों की भीड़ को देखते हुए बड़ी संख्या में दुकानें भी सजाई गई हैं। जहां खाने-पीने के सामान के अलावा खिलौने, शृंगार प्रसाधन, खेती में काम आने वाले औजार, बच्चों के कपड़े आदि की दुकानें दिखाई दे रही हैं। बच्चों के मनोरंजन के लिए झूले, बैलून फायर, जंपिंग पैड आदि लगाए गए हैं।
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भद्रेश्वरनाथ के रास्ते पर वाहनों की नो इंट्री
भीड़ को देखते हुए शास्त्री चौक, कलक्ट्रेट चौराहे पर बैरियर लगाकर रामचंद्र शुक्ल तिराहे पर कांवड़ियों के रास्ते पर किसी प्रकार का वाहन नहीं जाने दिया जा रहा है। शहर से बाहर जाने वालों को मूड़घाट, बड़ेबन के रास्ते भेजा जा रहा है। पुराना डाकखाना, कटरा से आने वाले समस्त वाहनों को फव्वारा तिराहा होते हुए रौता की तरफ मोड़ दिया जा रहा है। चेतक तिराहे पर बैरियर लगाकर कंपनी बाग अथवा रामचंद्र शुक्ल मार्ग से आने वाले प्राइवेट वाहनों को वापस कंपनी बाग की तरफ मोड़ दिया जा रहा है। फव्वारा तिराहे से कोई वाहन कंपनी बाग की तरफ नहीं जा पा रहा है। गड़गोड़िया तिराहे, कांशीराम आवास से कोई भी वाहन डारीडिहा की तरफ नहीं जाने दिया जा रहा है। सभी वाहनों को अस्पताल चौराहे से सोनूपार की तरफ भेजा जा रहा है। सोनूपार तिराहा से कोई भी वाहन डारीडिहा के तरफ नहीं जाने दिया जा रहा है। वाहनों को अस्पताल की तरफ एवं कांवड़िया वाहन को सोनूपार तिराहे के पास स्थित बाग में पार्क कराया जा रहा है।
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जगह-जगह चल रहे भंड़ारे
मंदिर से लेकर फोरलेन तक जिधर देखें उधर कांवड़िये ही नजर आ रहे हैं। बुधवार रात को अमहट से भद्रेश्वरनाथ के बीच का करीब चार किलोमीटर का फासला मेले का शक्ल अख्तियार कर चुका था। जगह-जगह चल रहे भंडारे में देर रात कांवड़िये भोजन-नाश्ता करते आगे बढ़ते रहे। इसे देखते हुए मंदिर परिसर में व्यापक प्रबंध किए गए हैं। परिसर के बाहर स्थायी जिकजैक शेड से होकर कांवड़ियों को गर्भगृह के अंदर प्रवेश की व्यवस्था बनाई गई है।
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गर्भगृह के चारों तरफ बैरिकेडिंग, पश्चिम तरफ से निकासी का प्रबंध
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। कांवड़ियों का जलाभिषेक शांति और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक रखी है। भद्रेश्वरनाथ मंदिर परिसर को दो जोन में बांटकर निगरानी की जा रही है। गर्भगृह और माता पार्वती के मंदिर को अलग सेक्टर बनाकर चारों तरफ से बैरिकेडिंग की गई है। ऐसी व्यवस्था बनाई गई है ताकि जलाभिषेक करके लौटने वाले कांवड़ियों का जाने वाले कांवड़ियों से सामना न होने पाए। उन्हें पश्चिमी द्वार से निकाला जाएगा।
मंदिर परिसर की निगरानी के लिए 50 सीसीटीवी व दो ड्रोन कैमरे लगाए गए हैं। एएसपी, सीओ समेत 500 पुलिस कर्मियों को गर्भगृह से लेकर सड़क तक तैनात किया गया है। बुधवार रात से ही वे ड्यूटी प्वाइंट पर तैनात हो जाएंगे। गर्भगृह में महिला व पुरुष पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।
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दो अपर पुलिस अधीक्षक, दस पुलिस उपाधीक्षक, 35 निरीक्षक, 280 उप निरीक्षक, 25 महिला उप निरीक्षक, आठ यातायात उप निरीक्षक, 1100 हेड कांस्टेबल, 250 महिला कांस्टेबल, 1.5 कंपनी पीएसी, 05 फायर टेंडर, 40 यातायात पुलिस की तैनाती की गई है। जगह-जगह सहायता केंद्र स्थापित किए गए हैं।
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डीएम रवीश गुप्ता व एसपी गोपाल कृष्ण चौधरी लगातार निगरानी कर रहे हैं। वैसे तो यह आयोजन जलाभिषेक को समर्पित रहता है, लेकिन लोगों की भीड़ को देखते हुए बड़ी संख्या में दुकानें भी सजाई गई हैं। जहां खाने-पीने के सामान के अलावा खिलौने, शृंगार प्रसाधन, खेती में काम आने वाले औजार, बच्चों के कपड़े आदि की दुकानें दिखाई दे रही हैं। बच्चों के मनोरंजन के लिए झूले, बैलून फायर, जंपिंग पैड आदि लगाए गए हैं।
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भद्रेश्वरनाथ के रास्ते पर वाहनों की नो इंट्री
भीड़ को देखते हुए शास्त्री चौक, कलक्ट्रेट चौराहे पर बैरियर लगाकर रामचंद्र शुक्ल तिराहे पर कांवड़ियों के रास्ते पर किसी प्रकार का वाहन नहीं जाने दिया जा रहा है। शहर से बाहर जाने वालों को मूड़घाट, बड़ेबन के रास्ते भेजा जा रहा है। पुराना डाकखाना, कटरा से आने वाले समस्त वाहनों को फव्वारा तिराहा होते हुए रौता की तरफ मोड़ दिया जा रहा है। चेतक तिराहे पर बैरियर लगाकर कंपनी बाग अथवा रामचंद्र शुक्ल मार्ग से आने वाले प्राइवेट वाहनों को वापस कंपनी बाग की तरफ मोड़ दिया जा रहा है। फव्वारा तिराहे से कोई वाहन कंपनी बाग की तरफ नहीं जा पा रहा है। गड़गोड़िया तिराहे, कांशीराम आवास से कोई भी वाहन डारीडिहा की तरफ नहीं जाने दिया जा रहा है। सभी वाहनों को अस्पताल चौराहे से सोनूपार की तरफ भेजा जा रहा है। सोनूपार तिराहा से कोई भी वाहन डारीडिहा के तरफ नहीं जाने दिया जा रहा है। वाहनों को अस्पताल की तरफ एवं कांवड़िया वाहन को सोनूपार तिराहे के पास स्थित बाग में पार्क कराया जा रहा है।
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जगह-जगह चल रहे भंड़ारे
मंदिर से लेकर फोरलेन तक जिधर देखें उधर कांवड़िये ही नजर आ रहे हैं। बुधवार रात को अमहट से भद्रेश्वरनाथ के बीच का करीब चार किलोमीटर का फासला मेले का शक्ल अख्तियार कर चुका था। जगह-जगह चल रहे भंडारे में देर रात कांवड़िये भोजन-नाश्ता करते आगे बढ़ते रहे। इसे देखते हुए मंदिर परिसर में व्यापक प्रबंध किए गए हैं। परिसर के बाहर स्थायी जिकजैक शेड से होकर कांवड़ियों को गर्भगृह के अंदर प्रवेश की व्यवस्था बनाई गई है।