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PM की शाबाशी से बढ़ा हौसला: 66 दिन की थकान दूर, आकाश की टीम बोली- नदी को निर्मल बनाकर दम लेंगे दम
Mon, 01 Jun 2026 01:43 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अनिल ओझा, संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
अनिल ओझा, संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 01 Jun 2026 01:43 AM IST
सार
आकाश बताते हैं कि शुरुआत में मुश्किलें आईं और कई लोगों ने हमारा मनोबल तोड़ने की भी कोशिश की। आम जनता का सहयोग पाने के लिए हमने सोशल मीडिया पर माई विलेज ब्लॉग बनाकर उस पर सफाई कार्य के वीडियो डाले। इसके बाद हमें अपने ही गांव के युवा विकास गौतम, सुरजीत गौतम, छोटू गौड़, नितिन गौड़, बिट्टू गौतम और आदेश गौतम का साथ मिला।
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मनोरमा नदी की युवाओं ने की सफाई।
विस्तार
रविवार का दिन हर्रैया के लजघटा गांव के आकाश गुप्ता और उनकी सात सदस्यीय टीम के लिए बहुत खास था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शाबाशी मिलते ही लगा कि 66 दिन की थकान पल में दूर हो गई। अब हमारे कदम नहीं रूकेंगे। मनोरमा नदी को स्वच्छ बनाकर ही हम दम लेंगे।
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आकाश बताते हैं कि मनोरमा नदी की हालत देखकर दुख होता था क्योंकि हमने बचपन में इसे साफ और जीवंत देखा था। समय के साथ उस नदी में प्लाॅस्टिक जमा होने लगी थी। गंदगी बढ़ती जा रही थी। आकाश कहते हैं कि हमने स्व-प्रेरणा से काम शुरू किया था। आज जब देश के सामने नाम आया तो शब्द ही नहीं मिल रहे हैं। बस हमारा संकल्प और मजबूत हो गया है।
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माई विलेज ब्लॉग से हुई शुरुआत
आकाश बताते हैं कि शुरुआत में मुश्किलें आईं और कई लोगों ने हमारा मनोबल तोड़ने की भी कोशिश की। आम जनता का सहयोग पाने के लिए हमने सोशल मीडिया पर माई विलेज ब्लॉग बनाकर उस पर सफाई कार्य के वीडियो डाले।
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इसके बाद हमें अपने ही गांव के युवा विकास गौतम, सुरजीत गौतम, छोटू गौड़, नितिन गौड़, बिट्टू गौतम और आदेश गौतम का साथ मिला। उन्होंने कहा, आवश्यक संसाधन जुटाकर पूरी मनवर नदी को निर्मल बनाने का लक्ष्य लेकर हमने यह अभियान शुरू किया। पिछले 66 दिनों से हम लोग अपने निजी संसाधनों से लगातार नदी की सफाई में जुटे हुए हैं।
नौकरी से ज्यादा तवज्जो खेती को दी
आकाश कहते हैं कि शुरुआत में मुझे लगता था कि डिग्री लेकर नौकरी करूंगा। दो साल ग्रेजुएशन में दिए पर मन की बात सुनी और खेती पर ध्यान देना शुरू कर दिया। कृषि हमारी पहचान है।