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आटीआई के प्रधानाचार्य को मंत्री ने निलंबित किया
ब्यूरो अमर उजाला/ बस्ती
Updated Thu, 18 Aug 2016 12:05 AM IST
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बालिकाओं को कन्या विद्या धन का चेक वितरण करने आए जिले के प्रभारी मंत्री महबूब अली ने बुधवार को अचानक आईटीआई का निरीक्षण किया। कमियां पाए जाने पर प्रधानाचार्य बीबी सिंह, फोरमैन मस्तराम वर्मा और श्रीरामपति को मौके पर ही निलंबित करने का निर्देश दिया। अचानक हुई इस कार्रवाई से आईटीआई का पूरा स्टाफ हैरान रह गया। एक माह पहले इसी मंत्री की ओर से बस्ती के आईटीआई को प्रदेश के सर्वोत्तम आईटीआई और प्रधानाचार्य बीबी सिंह और एक अनुदेशक को पुरस्कार दिया गया था।
आईटीआई के प्रधानाचार्य ने बताया कि बुधवार को लगभग एक बजकर 35 मिनट पर प्रभारी मंत्री आईटीआई पहुंचे और सीधे टर्नर वाले क्लास में चले गए, वहां पर काफी दिनों से कंडम घोषित पड़ी मशीनों को देखकर नाराज हो गए। जबकि उन्हें बताया गया कि यह मशीन मंडम घोषित की जा चुकी है, और इसकी जानकारी शासन और विभाग को भी दी जा चुकी है। उसके बाद मंत्री ने प्रशासनिक भवन पहुंचे और प्रधानाचार्य बीबी सिंह, फोरमैन मस्तराम वर्मा और श्रीरामपति को निलंबित करने का निर्देश दे दिया।
प्रधानाचार्य ने बताया कि किसी को समझ में नहीं आया कि किस बात पर नाराज होकर मंत्री ने निलंबन की घोषणा की। जबकि किसी की कोई भी गलती नहीं है। एक महीने में ही मंत्री का दो तरह का निर्णय लोगों की समझ से परे है। लोगों का कहना है कि अगर बस्ती आईटीआई और यहां के प्रधानाचार्य प्रदेश में सर्वोत्तम थे तो अचानक ही वह खराब कैसे हो गए।
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आईटीआई के प्रधानाचार्य ने बताया कि बुधवार को लगभग एक बजकर 35 मिनट पर प्रभारी मंत्री आईटीआई पहुंचे और सीधे टर्नर वाले क्लास में चले गए, वहां पर काफी दिनों से कंडम घोषित पड़ी मशीनों को देखकर नाराज हो गए। जबकि उन्हें बताया गया कि यह मशीन मंडम घोषित की जा चुकी है, और इसकी जानकारी शासन और विभाग को भी दी जा चुकी है। उसके बाद मंत्री ने प्रशासनिक भवन पहुंचे और प्रधानाचार्य बीबी सिंह, फोरमैन मस्तराम वर्मा और श्रीरामपति को निलंबित करने का निर्देश दे दिया।
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प्रधानाचार्य ने बताया कि किसी को समझ में नहीं आया कि किस बात पर नाराज होकर मंत्री ने निलंबन की घोषणा की। जबकि किसी की कोई भी गलती नहीं है। एक महीने में ही मंत्री का दो तरह का निर्णय लोगों की समझ से परे है। लोगों का कहना है कि अगर बस्ती आईटीआई और यहां के प्रधानाचार्य प्रदेश में सर्वोत्तम थे तो अचानक ही वह खराब कैसे हो गए।
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