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Basti News: संस्थागत प्रसव का गिर रहा ग्राफ...लक्ष्य से अभी 32 हजार पीछे

Wed, 11 Mar 2026 01:09 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 11 Mar 2026 01:09 AM IST
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The graph of institutional deliveries is falling...still 32 thousand behind the target.
महिला अस्पताल में प्रसव के लिए पहुंची गर्भवती महिलाएं संवाद
बस्ती। सरकार लाखों रुपये खर्च कर रही है कि ज्यादा से ज्यादा गर्भवतियों का प्रसव सरकारी अस्पतालों में हो, लेकिन जिले में सरकार की यह पहल परवान नहीं चढ़ पा रही है।
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पिछले कई साल से सरकारी अस्पतालों में प्रसव की दर में गिरावट आई है। वहीं निजी अस्पतालों की ओर अधिकांश रुख कर गए। चालू सत्र में 20 दिन शेष है, अभी सिर्फ 58 प्रतिशत संस्थागत प्रसव का लक्ष्य हासिल हुआ है। अभी लक्ष्य के अनुसार, 32 हजार के करीब प्रसव कराए जाने हैं।
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सरकार की ओर से सरकारी अस्पतालों में प्रसव को लेकर बहुत जोर दिया जा रहा है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीण स्तर पर सीएचओ, एएनएम और आशा कार्यकर्ता की तैनाती भी किए है, ताकि गर्भवती को कोई दिक्कत हो तो वह संबंधित कर्मचारी से संपर्क कर अस्पताल पहुंच सकती है।
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सरकार इन पर हर माह लाखों रुपये से ज्यादा का खर्च कर रही है, लेकिन सरकार की योजना को पंख नहीं लगा पा रहा है। हाल यह है कि साल दर साल सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में प्रसव की संख्या घट रही है। इसका सीधा फायदा निजी अस्पताल उठा रहे हैं।

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्रसव का लक्ष्य 78441 था, इसके सापेक्ष 46,036 प्रसव हुए, जिसमें 25,937 सरकारी अस्पतालों में हो पाए थे, जबकि 20,099 प्रसव निजी केंद्रों पर हुए हैं।
32,405 प्रसव अभी लक्ष्य के अनुसार नहीं हो पाए हैं। वहीं, सरकारी अस्पतालों में प्रसव दर घटा जबकि निजी अस्पताल के संचालकों ने खूब लाभ उठाया।
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