फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   The 'dirty' business continued to grow with the support of white-collar criminals.

Basti News: सफेदपोशों की शह पर बढ़ता गया ‘गंदा’ धंधा

Sat, 08 Nov 2025 01:24 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Sat, 08 Nov 2025 01:24 AM IST
विज्ञापन
The 'dirty' business continued to grow with the support of white-collar criminals.
समूह लोन की खबर में मनीता की फाइल फोटो
बस्ती। हर्रैया की घटना के बाद पुलिस अब अन्य कस्बों और शहर के मोहल्लों में सक्रिय ऐसे स्पा सेंटर, मसाज पार्लर और ब्यूटी पार्लरों की भी जांच कर रही है, जिनकी आड़ में देह व्यापार का धंधा पनप रहा है।
विज्ञापन

सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने शहर के कई पॉश इलाकों और आधा दर्जन कॉलोनियों की सूची तैयार की है, जहां किराये के मकानों में यह अवैध कारोबार खुलेआम संचालित हो रहा है।
विज्ञापन

हर्रैया क्षेत्र में ग्राम प्रधान के रेस्टोरेंट में चल रहे जिस्मफरोशी के रैकेट की तह तक जाने के लिए पुलिस ने तेज जांच शुरू की है। संचालक और वहां पकड़े गए चिकित्सक से पूछताछ के आधार पर पुलिस अब रैकेट से जुड़ी अन्य कड़ियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। टीम मोबाइल डिटेल, बैंक ट्रांजेक्शन और सीसीटीवी फुटेज के जरिए नेटवर्क की गहराई तक पड़ताल कर रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

सीओ हर्रैया संजय सिंह ने बताया कि एक-एक मोबाइल नंबर की जांच की जा रही है और पकड़े गए संचालक की संपत्ति की भी जांच की जाएगी। पुलिस को शक है कि इस नेटवर्क में कई सफेदपोश चेहरे और रसूखदार लोग भी शामिल हैं, जो पर्दे के पीछे रहकर इस अवैध धंधे को संरक्षण दे रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने बताया कि इन मकानों में दिनभर सन्नाटा रहता है, लेकिन रात में संदिग्ध लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है। कई बार बाहर नंबर प्लेट ढंके वाहन देखे गए हैं। लोगों को यहां आने-जाने वाली महिलाओं और युवकों की गतिविधियों पर शक होता है, लेकिन डर या बदनामी के कारण कोई खुलकर शिकायत नहीं करता।
संपर्क सूत्रों और डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल : इस पूरे रैकेट में सोशल मीडिया की भूमिका भी सामने आ रही है। कई युवतियों से संपर्क सोशल मीडिया के जरिए होता था। ग्राहकों से बातचीत के लिए फर्जी नाम और नंबर का इस्तेमाल किया जाता था।
पुलिस अब साइबर सेल की मदद से मोबाइल डेटा, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और डिजिटल ट्रांजेक्शन का विश्लेषण कर रही है। कुछ नंबर ऐसे भी मिले हैं जो लखनऊ, गोरखपुर, बलरामपुर और सिद्धार्थनगर के विभिन्न मोबाइल टावरों से लगातार संपर्क में थे। इससे स्पष्ट है कि नेटवर्क जिला सीमाओं से परे फैला है।

पिछली कार्रवाई पर उठे सवाल : अभी हाल में कोतवाली क्षेत्र के बड़ेवन के पास एक मकान में भी ऐसा ही अड्डा पकड़ा गया था, जहां से कई चर्चित नाम सामने आए थे। उस मामले में पुलिस ने शुरुआत तो जोरदार की थी, लेकिन जांच आगे नहीं बढ़ पाई। कई प्रभावशाली लोगों के नाम सामने आने पर मामला ठंडे बस्ते में चला गया। इस बार हालांकि पुलिस का रवैया आक्रामक दिख रहा है। सूत्रों के मुताबिक, इस बार एसपी और डीआईजी स्तर से सख्त निर्देश हैं कि किसी भी सूरत में अपराधियों को बख्शा न जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed