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Basti News: एडीए में शामिल बस्ती के 126 गांवों में फिर से खींचा जाएगा विकास का खाका
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बस्ती सीमा में पूरेहिन्दू गांव के पास एडीए का स्वागत बोर्ड संवाद
- फोटो : reasi news
बस्ती। नव्य, दिव्य अयोध्या के विकास की नई उड़ान में शामिल पड़ोसी जनपद बस्ती के 126 गांवों में फिर से विकास कार्यों का खाका खींचा जाएगा। इसकी सुगबुगाहट फिर से तेज हो गई है। पहले चरण में बनी महायोजना-2031 में कुछ तकनीकी सुझाव के बाद अब संशोधन के बाद फिर से महायोजना बनेगी। यह निर्णय अयोध्या, बस्ती और गोंडा जिले के अधिकारियों के साथ हुई एडीए बोर्ड बैठक में हुआ है।
अयोध्या के वैश्विक नगरी बनने के बाद के बाद अवध की धमक मख क्षेत्र के गांवों में दिख रहा है। सीमावर्ती 126 गांव अयोध्या विकास प्राधिकरण में शामिल किए गए थे और महायोजना के तहत कार्य शुरू थे। बताया गया कि इसी के जरिये यहां प्रभु श्रीराम की नगरी का विस्तार हो रहा है। यहां के लोगों का कहना है कि राम की कृपा भी घर-घर बरस रही है। सरयू के उत्तरी छोर पर रसे बसे इन गांवों से भी नव्य, दिव्य, भव्य अयोध्या की पहचान बनाने की दिशा में पहल तेज हो गई है। इससे इस क्षेत्र के गांवों की तस्वीर जल्द बदलने वाली है। मख क्षेत्र यानी जिले का मखौड़ा धाम।
यह आज भी प्रभु श्रीराम के उद्भव स्थल की साक्षी है। त्रेता काल में महाराजा दशरथ ने ऋषियों के सुझाव पर पुत्र कामेष्टि यज्ञ के लिए इसी स्थल का चयन किया था। कलयुग में अवध अब नई उड़ान भर रही है तो आभा विस्तार में यह क्षेत्र भी शामिल है। आसपास के 126 गांवों में विकास की नई इबारत गढ़ी जाएगी। सुनियोजित विकास का पूर्व में खाका खींचा गया था, लेकिन अब नये सिरे से महायोजना पर कार्य होने जा रहा है। इसको लेकर बैठक में दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं। बताया गया कि इन गांवों में राम के आने के साथ-साथ प्रगति एवं तरक्की की नई खुशी भी जल्द दिखेगी।
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अयोध्या में नव्य मंदिर में रामलला के विराजने के उत्सव के साथ इन गांवों पर भी विकास का नया रंग चढ़ने जा रहा है। बताया गया है कि एडीएम का दायरा 133 वर्ग किमी से बढ़कर 873 वर्ग किमी हो गया है। अब एडीए राम नगरी को लेकर गोंडा और बस्ती जिले की सीमा में पहुंच गई है। इस सीमा विस्तार में अयोध्या की नगर पंचायत भदरसा और 154 राजस्व गांव, गोंडा जिले की नगर पालिका परिषद नवाबगंज और सीमावर्ती 63 राजस्व गांव तथा बस्ती के सीमावर्ती 126 राजस्व गांव शामिल किए जा चुके हैं।
यहां विकास कार्य के लिए पूर्व में महायोजना 2031 तैयार की गई थी, जिस पर आपत्तियां अधिक होने के बाद निराकरण किया गया। बाद में एडीए बोर्ड बैठक में गोंडा, अयोध्या और बस्ती के अधिकारियों को शामिल करके नई महायोजना की जानकारी दी गई। बताया गया कि जल्द ही महायोजना के तहत कार्य शुरू होाग।
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नई महायोजना में राहत जैसी उम्मीद
काश्तकारों के लिए अवध के विस्तार की यह पहली सौगात है। अभी चौड़ी सड़क, नाली, विद्युतीकरण, सीवरलाइन, पार्क आदि विकास से संबंधित कार्य होने बाकी हैं। एडीए इन गांवों में विकास के नए आयाम लेकर अब नई महायोजना के तहत उतरेगा तो यह गांव भी महानगरों की भांति सुखद दृश्य संजोएंगे। इसीलिए यहां के काश्तकार भी अब सजग हो गए हैं। शहरों की तरह यहां भी एक-एक इंच जमीन सहेजी जा रही है।
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इन गांवों को किया गया है शामिल
जिले के परसरामपुर ब्लॉक के हैदराबाद, जगन्नाथपुर, जोगापुर, परवरपारा, शेरपुर, रिधौरा, कंचनपुर, पिकौरा, शिवपुर, मिर्ज़ापुर और माचा व अन्य तथा विक्रमजोत ब्लॉक के सीतारामपुर, कल्यानपुर, गौरियानैन, विक्रमजोत, फूलडीह, बाघानाला, पटखापुर, उदयपुर खुर्द, बछईपुर, कलन्दरहा, धुसैनिया, हियारूपुर, सरसंडा, चिरिहवा, पचवस, सरनपुर, लालपुर, भौसिया, त्रिलोकपुर, कन्हईपुर, सहजौरा पाठक, बड़ा गांव, चकिया, संगतपुर, भरथापुर, रायपुर, छतौना, नेतवर पट्टी, संदलपुर, पकड़ी संग्राम, आइलिया, पूरेमोती, जगन्नाथपुर, चौरा, सुखरामपुर, सलेमपुर, पूरे गंगाराम, काजीपुर, पूरेचेतन, पकड़ीसंग्राम, आराजीडूही, पूरेसोन, नैपुरा, पिपरी संग्राम, पूरे संग्राम, पिकौरा चौबे, माझा भटना, लकड़ी पांडे, सोहगिया, जोत आसरे, गंगापुर पांडे, देवखर, हिलसी, गोपालपुर, लखना, गोपालपुर पांडेय, नरसिंहपुर, सौरी, रमदत्तपुर, अर्जुनपुर, कंजा मिश्र, लक्ष्मणपुर, हनुमानपुर, पिकौरा, शिवपुर आदि शामिल किए गए हैं।
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कोट
महायोजना-2031 पर आई आपत्तियों के निराकरण के बाद एडीए बोर्ड बैठक में नई महयोजना बनाने के प्रस्ताव पर मुहर लगी है। संशोधन महायोजना तैयार होने के बाद बस्ती जनपद के शामिल 126 गांवों के विकास का खाका खींचा जाएगा। इसकी जानकारी दी जा रही है।
- हरिओम गुप्ता, एक्सईएन, बस्ती विकास प्राधिकारण, बस्ती।
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अयोध्या के वैश्विक नगरी बनने के बाद के बाद अवध की धमक मख क्षेत्र के गांवों में दिख रहा है। सीमावर्ती 126 गांव अयोध्या विकास प्राधिकरण में शामिल किए गए थे और महायोजना के तहत कार्य शुरू थे। बताया गया कि इसी के जरिये यहां प्रभु श्रीराम की नगरी का विस्तार हो रहा है। यहां के लोगों का कहना है कि राम की कृपा भी घर-घर बरस रही है। सरयू के उत्तरी छोर पर रसे बसे इन गांवों से भी नव्य, दिव्य, भव्य अयोध्या की पहचान बनाने की दिशा में पहल तेज हो गई है। इससे इस क्षेत्र के गांवों की तस्वीर जल्द बदलने वाली है। मख क्षेत्र यानी जिले का मखौड़ा धाम।
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यह आज भी प्रभु श्रीराम के उद्भव स्थल की साक्षी है। त्रेता काल में महाराजा दशरथ ने ऋषियों के सुझाव पर पुत्र कामेष्टि यज्ञ के लिए इसी स्थल का चयन किया था। कलयुग में अवध अब नई उड़ान भर रही है तो आभा विस्तार में यह क्षेत्र भी शामिल है। आसपास के 126 गांवों में विकास की नई इबारत गढ़ी जाएगी। सुनियोजित विकास का पूर्व में खाका खींचा गया था, लेकिन अब नये सिरे से महायोजना पर कार्य होने जा रहा है। इसको लेकर बैठक में दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं। बताया गया कि इन गांवों में राम के आने के साथ-साथ प्रगति एवं तरक्की की नई खुशी भी जल्द दिखेगी।
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अयोध्या में नव्य मंदिर में रामलला के विराजने के उत्सव के साथ इन गांवों पर भी विकास का नया रंग चढ़ने जा रहा है। बताया गया है कि एडीएम का दायरा 133 वर्ग किमी से बढ़कर 873 वर्ग किमी हो गया है। अब एडीए राम नगरी को लेकर गोंडा और बस्ती जिले की सीमा में पहुंच गई है। इस सीमा विस्तार में अयोध्या की नगर पंचायत भदरसा और 154 राजस्व गांव, गोंडा जिले की नगर पालिका परिषद नवाबगंज और सीमावर्ती 63 राजस्व गांव तथा बस्ती के सीमावर्ती 126 राजस्व गांव शामिल किए जा चुके हैं।
यहां विकास कार्य के लिए पूर्व में महायोजना 2031 तैयार की गई थी, जिस पर आपत्तियां अधिक होने के बाद निराकरण किया गया। बाद में एडीए बोर्ड बैठक में गोंडा, अयोध्या और बस्ती के अधिकारियों को शामिल करके नई महायोजना की जानकारी दी गई। बताया गया कि जल्द ही महायोजना के तहत कार्य शुरू होाग।
नई महायोजना में राहत जैसी उम्मीद
काश्तकारों के लिए अवध के विस्तार की यह पहली सौगात है। अभी चौड़ी सड़क, नाली, विद्युतीकरण, सीवरलाइन, पार्क आदि विकास से संबंधित कार्य होने बाकी हैं। एडीए इन गांवों में विकास के नए आयाम लेकर अब नई महायोजना के तहत उतरेगा तो यह गांव भी महानगरों की भांति सुखद दृश्य संजोएंगे। इसीलिए यहां के काश्तकार भी अब सजग हो गए हैं। शहरों की तरह यहां भी एक-एक इंच जमीन सहेजी जा रही है।
इन गांवों को किया गया है शामिल
जिले के परसरामपुर ब्लॉक के हैदराबाद, जगन्नाथपुर, जोगापुर, परवरपारा, शेरपुर, रिधौरा, कंचनपुर, पिकौरा, शिवपुर, मिर्ज़ापुर और माचा व अन्य तथा विक्रमजोत ब्लॉक के सीतारामपुर, कल्यानपुर, गौरियानैन, विक्रमजोत, फूलडीह, बाघानाला, पटखापुर, उदयपुर खुर्द, बछईपुर, कलन्दरहा, धुसैनिया, हियारूपुर, सरसंडा, चिरिहवा, पचवस, सरनपुर, लालपुर, भौसिया, त्रिलोकपुर, कन्हईपुर, सहजौरा पाठक, बड़ा गांव, चकिया, संगतपुर, भरथापुर, रायपुर, छतौना, नेतवर पट्टी, संदलपुर, पकड़ी संग्राम, आइलिया, पूरेमोती, जगन्नाथपुर, चौरा, सुखरामपुर, सलेमपुर, पूरे गंगाराम, काजीपुर, पूरेचेतन, पकड़ीसंग्राम, आराजीडूही, पूरेसोन, नैपुरा, पिपरी संग्राम, पूरे संग्राम, पिकौरा चौबे, माझा भटना, लकड़ी पांडे, सोहगिया, जोत आसरे, गंगापुर पांडे, देवखर, हिलसी, गोपालपुर, लखना, गोपालपुर पांडेय, नरसिंहपुर, सौरी, रमदत्तपुर, अर्जुनपुर, कंजा मिश्र, लक्ष्मणपुर, हनुमानपुर, पिकौरा, शिवपुर आदि शामिल किए गए हैं।
कोट
महायोजना-2031 पर आई आपत्तियों के निराकरण के बाद एडीए बोर्ड बैठक में नई महयोजना बनाने के प्रस्ताव पर मुहर लगी है। संशोधन महायोजना तैयार होने के बाद बस्ती जनपद के शामिल 126 गांवों के विकास का खाका खींचा जाएगा। इसकी जानकारी दी जा रही है।
- हरिओम गुप्ता, एक्सईएन, बस्ती विकास प्राधिकारण, बस्ती।