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Basti News: विभाग ने शुरू की सख्ती, बोतल बंद पानी के लिए गए नमूने, खामियों पर दी चेतावनी

Tue, 20 Jan 2026 12:22 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 20 Jan 2026 12:22 AM IST
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The department began strict measures, taking samples of bottled water and issuing warnings about deficiencies.
बस्ती। जिले में शुद्ध पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने पानी की पैकिंग करने वाली फर्मों पर सख्ती बढ़ा दी है।
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खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की टीम ने जिले के विभिन्न इलाकों में संचालित पाउच और बोतलबंद वाले पानी की जांच की। इस दौरान अलग-अलग स्थानों से कुल छह नमूने संग्रहीत किए गए, जिन्हें जांच के लिए लखनऊ स्थित प्रयोगशाला भेजा गया है।
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इंदौर में दूषित पानी की वजह से हुई घटना के बाद से प्रदेश में पानी की शुद्धता को लेकर सख्ती बरती जा रही है। प्रशासन पाइपलाइन से होने वाली सप्लाई को लेकर जांच कराने के साथ ही क्षतिग्रस्त पाइपलाइनों की मरम्मत भी करा रहा है। इसके अलावा नालों के अंदर से गुजरी पाइपलाइनों को बाहर निकाला जा रहा है।
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इसके साथ ही पाउच वाले पानी की निगरानी भी शुरू हो गई है। अधिकारियों के अनुसार हाल के दिनों में पाउच और बोतलबंद वाले पानी की बढ़ती खपत के साथ-साथ गुणवत्ता को लेकर शिकायतें भी सामने आ रही थीं।
ऐसे में किसी भी तरह की लापरवाही जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। इसे देखते हुए जिले में विशेष अभियान चलाकर जांच की गई। टीम ने पैकिंग यूनिटों में उपयोग होने वाले पानी के स्रोत, फिल्ट्रेशन प्रक्रिया, पाउचों की सफाई, पैकिंग तिथि, बैच नंबर और लाइसेंस की वैधता की भी पड़ताल की। कई स्थानों पर फर्म संचालकों को साफ-सफाई बनाए रखने और मानकों का पालन करने के निर्देश दिए गए। जांच के दौरान कुछ यूनिटों में रिकॉर्ड अपडेट न होने और लेबलिंग में खामियां भी पाई गईं, जिस पर संबंधित संचालकों को चेतावनी दी गई।
जिला अभिहित अधिकारी चितरंजन कुमार सिंह ने बताया कि लिए गए नमूनों की जांच भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के मानकों के अनुसार की जाएगी। रिपोर्ट आने के बाद यदि पानी की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई तो संबंधित फर्मों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इसमें जुर्माना, लाइसेंस निलंबन या रद्द करने तक की कार्रवाई हो सकती है।

मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अनिल कुमार सिंह ने बताया कि जिले में नौ पानी बोतलबंद निर्माण इकाई संचालित हैं। तीन बंद पाए गए थे, उन्हें नोटिस जारी किया गया है।
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