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Basti News: कचरे में आग से खराब हो रही शहर की आबोहवा

Wed, 19 Jun 2024 03:10 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Wed, 19 Jun 2024 03:10 AM IST
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The city's climate is getting worse due to garbage burning.
अमहट के पास सड़क के किनारे भीषण गर्मी में सुलग रहा कूड़े का ढेर
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धुआं की गंध से थम जा रहीं सांसें, जहरीली गैस से गला हो रहा चोक
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। प्रचंड गर्मी से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। सामान्य दिनों में 12 घंटे दौड़भाग करने वाली जिंदगी महज चार से छह घंटों में दुबक कर रह गई है। इस प्रतिकूल माहौल में कूड़े में आग लगाकर किसी ने वातावरण में जानबूझकर जहर घोल दिया है। शहर में अमहट के रास्ते गुजरने वाले नागरिकों का सांस लेना दूभर हो गया है। नदी के इस तटीय क्षेत्र में कचरे की आग सुलग रही है। इससे शहर की आबोहवा और बिगड़ती जा रही है।
शहर के पश्चिमी-दक्षिणी किनारे पर स्थित कुआनो नदी के आसपास की आबोहवा काफी राहत पहुंचाती है। मगर, इस पर भी पर्यावरण के दुश्मनों की कुदृष्टि पड़ गई है। गर्मी से राहत पाने के लिए या सेहत बनाने वालों को यह जगह बेहद पसंद आती है। नदी के किनारे बने घाट, पुल और सूनी सड़कों पर टहलने से हर किसी का मन बहल जाता है। इसीलिए सुबह-शाम यहां बुजुर्ग, जवान, बच्चे, महिलाओं की अच्छी भीड़ होती है। मगर, यहां की रमणीयता काफी दिनों से छीनी जा रही है।
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अमहट से हाईवे जाने वाली सड़क के दोनों तरफ शहर से निकलने वाला कूड़ा-कचरा गिराया जा रहा है। नदी के तट से सड़क तक करीब 10 फीट ऊंचाई में कचरे का ढेर लगने के बाद इसमें आग लगा दी जा रही है। इससे यह कई-कई दिनों तक सुलगता रहता है। जब कचरा राख में तब्दील होकर नीचे खिसकता है तब फिर उस पर नया ढेर लगाया जा रहा है। इस खेल से शहर की आबोहवा खराब होती जा रही है।
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हाईवे से लेकर अमहट एवं बस्ती क्लब तक करीब एक किमी के क्षेत्रफल में सुलगते हुए कचरे की गंध फैली हुई है। आसमान पर काले धुएं के धब्बे दिखाई पड़ रहे हैं। इस दायरे में पहुंचने के बाद जहरीले धुएं की गंध लोग बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं। खुली हवा में टहलने का मन बनाकर आने वाले लोग मुंह और नाक पर रूमाल रखकर लौट जा रहे हैं। हल्की सी असावधानी बरतने पर लोगों को धुएं के चलते खांसी भी आ रही है। इससे सबसे ज्यादा बुजुर्ग और बच्चों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
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छह माह पहले भी सुलग रही थी आग
अमहट के पास सड़क के किनारे छह माह पहले भी कचरे के ढेर में आग सुलगा दी गई थी। इससे हाईवे से लेकर अमहट घाट एवं सिविल लाइंस क्षेत्र का वातावरण खराब हो गया था। मामला अधिकारियों के संज्ञान में आया तो आग बुझवा दी गई। मगर, घटना पुराना होते ही फिर वहीं खेल शुरू हो गया। लगातार कूड़े की डंपिंग की गई। फिर प्रचंड गर्मी के दौरान यहां आग सुलगा दी गई।
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अमहट से सटा क्षेत्र हैं वीवीआईपी
अमहट की आबोहवा तब खराब हो रही है जबकि इससे सटा क्षेत्र शहर का सबसे वीवीआईपी है। सिविल लाइंस क्षेत्र के नाम से चर्चित अमहट के आसपास डीएम, एसपी, कमिश्नर समेत कई प्रमुख अधिकारियों के आवास हैं। इसके अलावा बस्ती क्लब, वीआईपी सर्किट हाउस, पार्क आदि भी हैं। सुबह-शाम टहलने के शौकीन कुछ अधिकारी अपने आवास से निकलकर अमहट की ओर पहुंचते हैं। बावजूद इसके यहां के पर्यावरण से रोज खिलवाड़ हो रहा है।
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खुले में कूड़ा जलाने से निकलती हैं खतरनाक गैसें

शिवहर्ष किसान पीजी कॉलेज के वनस्पति विज्ञानी डॉ. शिवेंद्र मोहन पांडेय ने बताया कि कचरा जलाने से डाईऑक्सिन, फ़्यूरान, पारा और पॉलीक्लोरीनेटेड बाइफिनाइल जैसी ज़हरीली गैसें निकलती हैं। इसके अलावा, पॉली विनाइल क्लोराइड को जलाने से खतरनाक हैलोजन निकलते हैं, जो हवा को प्रदूषित करने के प्रमुख कारक हैं। इसका असर जलवायु परिवर्तन पर बहुत तेज पड़ता है। कचरे से निकलने वाले ज़हरीले पदार्थ वनस्पति, मनुष्य, पशु और पर्यावरण के लिए खतरा पैदा कर रहे हैं।

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डाईऑक्सिन सबसे अधिक खतरनाक

डॉ. शिवेंद्र मोहन पांडेय बताते हैं कि कचरा जलाने से निकलने वाली डाईऑक्सिन फसलों और जलमार्गों में जम जाती हैं, जहां से वह भोजन और फिर शरीर प्रणाली में प्रवेश करते हैं। ये डाईऑक्सिन घातक स्थाई कार्बनिक प्रदूषक (पीओपी) माने जाते हैं। इसका सबसे खराब घटक टेट्रा क्लोरोडिबेंजो-पी-डाईऑक्सिन होता है, जो एक जहरीला यौगिक है, यह कैंसर और तंत्रिका संबंधी क्षति का कारण बनता है। इससे प्रजनन थायरॉयड और श्वसन तंत्र बाधित होता है। इस प्रकार, प्लास्टिक कचरे को जलाने से हृदय रोग का खतरा बढ़ जाता है, अस्थमा और वातस्फीति जैसी श्वसन संबंधी बीमारियां बढ़ जाती हैं। इससे प्रभावित लोगों में चकत्ते, मतली या सिरदर्द के लक्षण दिखते हैं।

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कोट
शहर से निकलने वाले कूड़े-कचरे के निस्तारण के लिए कोईपुरा को डंपिंग जोन बनाया गया है। अमहट के पास कूड़ा गिराने की जानकारी नहीं है। यदि ऐसा है तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
सत्येंद्र सिंह, प्रभारी ईओ/ एसडीएम
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