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मेडिकल कॉलेज भर्ती में गूंज राजधानी पहुंची

Thu, 05 Sep 2019 11:12 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 05 Sep 2019 11:12 PM IST
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The buzz of recruitment reached the capital
राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय बस्ती।- - फोटो : BASTI
मेडिकल कॉलेज : भर्ती की गूंज राजधानी पहुंची
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बस्ती। महर्षि वशिष्ठ मेडिकल कॉलेज में भर्ती को लेकर गोलमाल के आरोप की गूंज लखनऊ पहुंच गई है। यह आवाज कप्तानगंज के विधायक व लोक लेखा समिति सदस्य चंद्र प्रकाश शुक्ल ने तीन सितंबर को उठाई। इस दिन यहां समिति की बैठक थी, जिसमें प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं शिक्षा रजनीश दूबे भी मौजूद थे। विधायक के इस मुद्दे को उन्होंने गंभीरता से लेेते हुए जांच का आश्वासन दिया। प्रकरण की जांच के लिए समिति गठित करने को कहा है।
मेडिकल कॉलेज मे भर्ती को लेकर तमाम सवाल उठ रहे हैं। आउट सोर्सिंग कंपनी ने तमाम आरोप-प्रत्यारोपों को दर किनार करते हुए पिछले दिनों 90 स्टाफ नर्स व अन्य कर्मियों की सूची तैनाती के लिए प्रधानाचार्य को भेज दी थी, मगर प्रधानाचार्य ने इनको ज्वाइंन कराने के बजाय इनकी कार्य क्षमता की जांच के लिए दो दिन काम लिया। इसके बाद काम करने से मना कर दिया। खबर है कि प्रधानाचार्य डॉ. नवनीत कुमार ने इन कर्मियों की भर्ती को लेकर शासन को पत्र भी लिखा है। इस पूरे प्रकरण में शुरुआती दौर से ही सवाल उठने लगे थे, मगर बाद में सोशल मीडिया पर जन प्रतिनिधियों के लेटरपैड पर तैनाती का मामला जिले में चर्चा का विषय बन गया। इसके चलते सरकार की पारदर्शी व्यवस्था भी कटघरे में आ गई।
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विधायक सीए चंद्र प्रकाश शुक्ल ने कहा कि मेडिकल कॉलेज में भर्ती के नाम पर लूट हुई है। अभ्यर्थियों का आर्थिक शोषण आउट सोर्सिंग कंपनी की ओर से की गई है। इस नाते मामले को लखनऊ पहुंचा दिया गया है। कहा कि बैठक में प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा से यह भी शिकायत कर दी गई है कि आउट सोर्सिंग कंपनी ने अभ्यर्थियों से 590 रुपये प्रति अभ्यर्थी वसूला है, क्या इसका अधिकार उसे प्राप्त है की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानाचार्य एक पद पर तीन अभ्यर्थी मांगे हैं, यह भी अनुचित है। कथित तौर पर साक्षात्कार की बात भी गलत है। यदि चयन करना है तो प्रक्रिया के तहत परीक्षा कराई जाए, जिससे योग्य अभ्यर्थी चयनित हो सकें। प्रधानाचार्य डॉ. नवनीत कुमार ने स्वीकार किया कि जिन अभ्यर्थियों को यहां ज्वाइनिंग के लिए भेजा गया था उन्हें काम से रोक दिया गया है। इस मामले में शासन से पत्राचार कर लिया गया है।
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