Basti News: पुलिस की गिरफ्त में आते ही ढीले पड़े तेवर, आरोपी नायब तहसीलदार बोला- आरोप बेबुनियाद
महिला अधिकारी से दुष्कर्म के प्रयास और हत्या की कोशिश के आरोपी नायब तहसीलदार घनश्याम शुक्ला को पकड़ने में पुलिस को दस दिन लग गए। शनिवार को इस मामले में घनश्याम के तीन रिश्तेदार को पुलिस ने हिरासत में लिया था, जिसमें आरोपी की बहन को कोतवाली से जमानत मिली थी।
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बस्ती जिले में निलंबित नायब तहसीलदार घनश्याम शुक्ला पूरे जिले में अपने तेवर के लिए जाना जाता था। सोमवार को पुलिस गिरफ्त में आते ही उसके तेवर ढीले पड़ गए थे। पुलिस की जीप में बैठने के दौरान सिर्फ इतना ही बोल सका कि सारे आरोप बेबुनियाद हैं। उसके साथ साजिश हुई है। कानून, न्यायालय, पुलिस और अधिकारियों की जांच पर पूरा भरोसा है। सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो के सवाल पर कहा कि नहीं सुना है।
महिला अधिकारी से दुष्कर्म के प्रयास और हत्या की कोशिश के आरोपी नायब तहसीलदार घनश्याम शुक्ला को पकड़ने में पुलिस को दस दिन लग गए। शनिवार को इस मामले में घनश्याम के तीन रिश्तेदार को पुलिस ने हिरासत में लिया था, जिसमें आरोपी की बहन को कोतवाली से जमानत मिली थी। वहीं रविवार को साले और ससुर को न्यायालय से जमानत हुई।
सूत्रों की मानें तो जब परिवार पर पुलिस ने दबाव बनाना शुरू किया तो घनश्याम टूट गया। उसने खुद ही कोर्ट में आत्मसमर्पण करने की तैयारी कर चुका था। सोमवार को वह रोडवेज तिराहे पर पहुंचा तो उसे एसओजी की मदद से गिरफ्तार कर लिया गया।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ ऑडियो
सोमवार को सोशल मीडिया पर एक ऑडियो वायरल हुआ। इसे घटना वाली रात का बताया जा रहा है। इसमें नायब तहसीलदार घनश्याम और तीसरे व्यक्ति के बीच बातचीत हो रही है। हालांकि अमर उजाला ऑडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता। ऑडियो में एक तरफ से काफी देर तक हेलो-हेलो की आवाज आ रही है। 4 मिनट 12 सेकेंड के ऑडियो में 34 सेकेंड तक हेलो-हेलो करने के बाद आवाज आती है कि बोलो यार....। ऐ बाबू... घर न जाएं...., जहां खड़े हैं वहीं रह जाएं...., बात कर लो दो मिनट.....। हेलो...हेलो...हेलो...बोलो....हेलो....बोलो यार, क्या कर रही हो.....। एक मिनट 26 सेकेंड के बाद दूसरी तरफ से लड़खड़ाती हुई आवाज आती है कि कहां गईं आप....कहां गईं....कहां गईं भाई आप.....। कहां गईं.....कहां गईं.....। दो मिनट 37 सेकेंड के बाद आवाज आती है कि क्या हुआ ? कौन बोल रहा है ? तीन मिनट 20 सेकेंड के बाद फोन पर गाली गलौज होता है। एक पूछ रहा है कि तू उसके घर में क्या कर रहा है। दूसरा गालियों से जवाब दे रहा है। इसके बाद दोनों तरफ से गालियों की बौछार होने लगती है।
आरोपी को नहीं लाया गया सामने
पुलिस नहीं चाहती थी कि आरोपी घनश्याम का मीडियाकर्मियों से सामना हो। इसीलिए प्रेसवार्ता में भी उसे नहीं लाया गया। एएसपी ने सोशल मीडिया ग्रुप में वीडियो जारी करके गिरफ्तारी की जानकारी दी। कोतवाली में भी घनश्याम को किसी से मिलने नहीं दिया गया। न्यायालय में पेशी के दौरान भी पुलिस की कोशिश में लगी रही कि किसी से उसकी बात नहीं हो सकी। इसी दौरान कुछ सवाल किया।
आरोपी निलंबित नायब तहसीलदार की गिरफ्तारी के बाद चौराहे से लेकर कचहरी तक चर्चा का बाजार गर्म रहा। कोई पुलिस को जानबूझकर दस दिन बाद गिरफ्तार करने का दोषी बताया तो कुछ लोग विशाखा कमेटी की रिपोर्ट को भ्रामक बता रहे थे। कई मामले के हाई प्रोफाइल होने की वजह से गिरफ्तारी में देरी की बात कह रहे थे।
कोई करीबी नहीं पहुंचा
गिरफ्तारी से लेकर न्यायालय में पेश किए जाने और जेल भेजे जाने के बीच घनश्याम शुक्ला का कोई करीबी नजर नहीं आया। पुलिस की सख्ती और दो रिश्तेदारों के जेल भेजे जाने के बाद सभी सहयोगी डर गए कि कहीं उन्हें भी पुलिस गिरफ्तार न कर ले। कोतवाली से कचहरी और जेल पहुंचाए जाने तक कोई परिवार का सदस्य भी नहीं दिखा।