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Basti News: आसपा नेता ने खुद ही रची थी अपने अपहरण की साजिश
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पुलिस की हिरासत में अपहरण का नाटक करने का आरोपी। स्रोत पुलिस
बस्ती। आजाद समाज पार्टी के युवा मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष व रुधौली थाना क्षेत्र के बिजलपुर गांव निवासी सोनू चौधरी (22) के नाटकीय ढंग से अपहरण का सोमवार को पटाक्षेप हो गया।
पुलिस के अनुसार, खुद ही थाने पर हाजिर होकर उसने अपहरण की कहानी रचने के पीछे की वजह बताई। पुलिस को बताया कि वह कर्ज और मानसिक तनाव से परेशान था, इसलिए उसे ऐसा नाटक करने के लिए मजबूर होना पड़ा। पुलिस का कहना है कि सोनू पर विधिक कार्रवाई की जा रही है। रुधौली थाने के प्रभारी निरीक्षक संजय दूबे ने बताया कि सात फरवरी संजय चौधरी ने सूचना दी थी कि उसका भाई सोनू चौधरी छह फरवरी की रात कोहरा नहर पुलिया के पास से लापता हो गया है। संजय ने पुलिस को यह भी बताया था कि सोनू ने अपनी मंगेतर को फोन कर बताया था कि पांच-छह लोग उसे घेर कर मारपीट रहे हैं और अपहरण कर ले जा रहे हैं। तहरीर के आधार पर पुलिस सोनू के अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कर उसकी तलाश में जुटी थी। एसपी ने अपहरण की वारदात के पर्दाफाश के लिए रुधौली के प्रभारी निरीक्षक के नेतृत्व में टीम गठित कर दी थी।
प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि छानबीन के दौरान पता चला कि सोनू ने स्वयं ऑटो चालक गुलाम हुसैन अंसारी को फोन कर बुलाया था। ऑटो चालक ने घटना स्थल से करीब 25 किमी दूर बस्ती के बड़ेवन चौराहे पर उसे छोड़ा था। सीसीटीवी में भी वारदात के करीब 55 मिनट बाद सोनू बस्ती शहर में सुरक्षित पैदल चलते हुए देखा गया था। पुलिस की पूछताछ में भी ऑटो चालक ने इस बात को स्वीकार किया था। उन्होंने बताया कि तलाश के बीच सोनू चौधरी सोमवार को स्वयं थाने पर उपस्थित होकर अपना बयान दर्ज कराया है।
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उसने स्वीकार किया कि उसने कुछ लोगों से रुपये उधार लिए थे और वे लगातार रुपये लौटाने का दबाव बना रहे थे। पारिवारिक समस्याओं और कर्ज के कारण वह अत्यधिक तनाव में था। अपनी मंगेतर को अपहरण की झूठी सूचना देकर वह स्वयं अपनी कार और मोबाइल वहीं छोड़कर ऑटो से बस्ती चला गया था। वहां से वह अयोध्या गया, वहां उसने दो दिन रामलला के दर्शन किए और धर्मशाला में रुककर मानसिक शांति प्राप्त करने का प्रयास किया।
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पुलिस के अनुसार, खुद ही थाने पर हाजिर होकर उसने अपहरण की कहानी रचने के पीछे की वजह बताई। पुलिस को बताया कि वह कर्ज और मानसिक तनाव से परेशान था, इसलिए उसे ऐसा नाटक करने के लिए मजबूर होना पड़ा। पुलिस का कहना है कि सोनू पर विधिक कार्रवाई की जा रही है। रुधौली थाने के प्रभारी निरीक्षक संजय दूबे ने बताया कि सात फरवरी संजय चौधरी ने सूचना दी थी कि उसका भाई सोनू चौधरी छह फरवरी की रात कोहरा नहर पुलिया के पास से लापता हो गया है। संजय ने पुलिस को यह भी बताया था कि सोनू ने अपनी मंगेतर को फोन कर बताया था कि पांच-छह लोग उसे घेर कर मारपीट रहे हैं और अपहरण कर ले जा रहे हैं। तहरीर के आधार पर पुलिस सोनू के अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कर उसकी तलाश में जुटी थी। एसपी ने अपहरण की वारदात के पर्दाफाश के लिए रुधौली के प्रभारी निरीक्षक के नेतृत्व में टीम गठित कर दी थी।
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प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि छानबीन के दौरान पता चला कि सोनू ने स्वयं ऑटो चालक गुलाम हुसैन अंसारी को फोन कर बुलाया था। ऑटो चालक ने घटना स्थल से करीब 25 किमी दूर बस्ती के बड़ेवन चौराहे पर उसे छोड़ा था। सीसीटीवी में भी वारदात के करीब 55 मिनट बाद सोनू बस्ती शहर में सुरक्षित पैदल चलते हुए देखा गया था। पुलिस की पूछताछ में भी ऑटो चालक ने इस बात को स्वीकार किया था। उन्होंने बताया कि तलाश के बीच सोनू चौधरी सोमवार को स्वयं थाने पर उपस्थित होकर अपना बयान दर्ज कराया है।
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उसने स्वीकार किया कि उसने कुछ लोगों से रुपये उधार लिए थे और वे लगातार रुपये लौटाने का दबाव बना रहे थे। पारिवारिक समस्याओं और कर्ज के कारण वह अत्यधिक तनाव में था। अपनी मंगेतर को अपहरण की झूठी सूचना देकर वह स्वयं अपनी कार और मोबाइल वहीं छोड़कर ऑटो से बस्ती चला गया था। वहां से वह अयोध्या गया, वहां उसने दो दिन रामलला के दर्शन किए और धर्मशाला में रुककर मानसिक शांति प्राप्त करने का प्रयास किया।