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Basti News: जहरीली हो रही हवा, दिल दहला रहे कानफोड़ू डीजे
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दुकान पर बिकने के लिए रखी मिठाई। संवाद
बस्ती। शहर की हवा दिन-प्रतिदिन खराब हो रही है। रोजाना चार लाख गाड़ियों से निकलने वाला धुआं, एसी से निकलने वाली गैस हवा को जहरीली बना रही है। शहर की एक्यूआई 150 से अधिक पहुंच चुकी है। इधर ध्वनि प्रदूषण भी कम होने का नाम नहीं ले रहा है।
सहालग के सीजन में डीजे के शोर से दिल दहल जा रहा है। शीशा बंद गाड़ी में बैठने के बाद भी कान के परदे हिल रहे हैं। आसपास के घराें में तो डीजे का शोर गूंजने से बीमार लोगों की हालत खराब हो जा रही है। अब शहरवासियों को दिन में भी चैन नहीं मिल रहा है। सुबह होते ही गली, मोहल्लों और कॉलोनियों में घुमंतू कारोबारी बाइक, ई-रिक्शा, ठेला, छोटा हाथी आदि वाहनों पर सब्जी, फल, कपड़ा आदि जरूरत के सामान लेकर पहुंच रहे हैं।
इसके प्रचार के लिए इनके ठेला और वाहनों पर एक से दो चाइनीज लाउडस्पीकर यह सामानों के नाम और रेट के साथ कनफोड़ू आवाज की गूंज कर रहा है। जिससे कॉलोनियों में लोग दिन में भी चैन से नहीं रह पा रहे हैं। पढ़ने वाले बच्चे और बुजुर्ग इन लाउडस्पीकरों के बेहिसाब आवाज से परेशान हैं।
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शहर के प्रमुख बाजारों में तो शाम के समय चलने लायक नहीं है। बाजार में चल रहे लोगों के कान में चौतरफा आलू, प्याज, मटर, लहसुन आदि के मूल्य बताते हुए कनफोड़ू लाउडस्पीकरों की आवाज गूंज रही है। इससे ब्लड प्रेशर के मरीजों में चिड़चिड़ापन बढ़ रहा है। बेलवाडाड़ी के रहने पंकज सिंह कहते हैं कि शहर में अब जरूरत से ज्यादा ध्वनि प्रदूषण होने लगा है। बाजार, चौराहा की बात छोड़िए साइलेंट जोन वाली कॉलोनियाें की भी शांति छिन गई है। ओरीजोत के मिथिलेश पांडेय कहते हैं सुबह सात बजने के बाद से ही गली-मोहल्ले में चाइनीज लाउडस्पीकर लगाकर ठेले वाले सब्जी, फल बेचने निकल पड़ रहे हैं। पहले मुंह से आवाज लगाते थे तो कोई आपत्ति नहीं थी। अब बैट्री से संचालित चाइनीज लाउडस्पीकर से सामान बेच रहे हैं। तीव्र ध्वनि से निकलने वाली इसकी आवाज सहने योग्य नहीं रहती है। घर के अंदर सोते हुए लोग जाग जा रहे हैं। कभी-कभी तो बाहर निकलकर ठेले वाले को डांटकर लाउडस्पीकर बंद कराना पड़ता है।
गांधीनगर के व्यवसायी प्रदीप कुमार बताते हैं कि शाम के समय हनुमानगढ़ी से लेकर एसबीआई ब्रांच तक लाइन से लगे ठेलों पर चाइनीज लाउड स्पीकर बजाया जा रहा है। पूरे बाजार में इन लाउड स्पीकराें का इतना शोर हैं कि कोई भी शांति से खड़ा नहीं हो पाता है। कमोवेश यहीं हाल कंपनीबाग, रोडवेज और सुर्तीहट्टा बाजार का भी हो गया है।
दिन में तीन बजे के बाद सब्जी और फल के कारोबारी चाइनीज लाउडस्पीकर ऑन करके रात नौ बजे तक छोड़ दे रहे हैं। इनके शोरगुल में पास में खड़े लोग भी एक दूसरे की बात नहीं सुन पा रहे हैं।
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सहालग के सीजन में डीजे के शोर से दिल दहल जा रहा है। शीशा बंद गाड़ी में बैठने के बाद भी कान के परदे हिल रहे हैं। आसपास के घराें में तो डीजे का शोर गूंजने से बीमार लोगों की हालत खराब हो जा रही है। अब शहरवासियों को दिन में भी चैन नहीं मिल रहा है। सुबह होते ही गली, मोहल्लों और कॉलोनियों में घुमंतू कारोबारी बाइक, ई-रिक्शा, ठेला, छोटा हाथी आदि वाहनों पर सब्जी, फल, कपड़ा आदि जरूरत के सामान लेकर पहुंच रहे हैं।
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इसके प्रचार के लिए इनके ठेला और वाहनों पर एक से दो चाइनीज लाउडस्पीकर यह सामानों के नाम और रेट के साथ कनफोड़ू आवाज की गूंज कर रहा है। जिससे कॉलोनियों में लोग दिन में भी चैन से नहीं रह पा रहे हैं। पढ़ने वाले बच्चे और बुजुर्ग इन लाउडस्पीकरों के बेहिसाब आवाज से परेशान हैं।
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शहर के प्रमुख बाजारों में तो शाम के समय चलने लायक नहीं है। बाजार में चल रहे लोगों के कान में चौतरफा आलू, प्याज, मटर, लहसुन आदि के मूल्य बताते हुए कनफोड़ू लाउडस्पीकरों की आवाज गूंज रही है। इससे ब्लड प्रेशर के मरीजों में चिड़चिड़ापन बढ़ रहा है। बेलवाडाड़ी के रहने पंकज सिंह कहते हैं कि शहर में अब जरूरत से ज्यादा ध्वनि प्रदूषण होने लगा है। बाजार, चौराहा की बात छोड़िए साइलेंट जोन वाली कॉलोनियाें की भी शांति छिन गई है। ओरीजोत के मिथिलेश पांडेय कहते हैं सुबह सात बजने के बाद से ही गली-मोहल्ले में चाइनीज लाउडस्पीकर लगाकर ठेले वाले सब्जी, फल बेचने निकल पड़ रहे हैं। पहले मुंह से आवाज लगाते थे तो कोई आपत्ति नहीं थी। अब बैट्री से संचालित चाइनीज लाउडस्पीकर से सामान बेच रहे हैं। तीव्र ध्वनि से निकलने वाली इसकी आवाज सहने योग्य नहीं रहती है। घर के अंदर सोते हुए लोग जाग जा रहे हैं। कभी-कभी तो बाहर निकलकर ठेले वाले को डांटकर लाउडस्पीकर बंद कराना पड़ता है।
गांधीनगर के व्यवसायी प्रदीप कुमार बताते हैं कि शाम के समय हनुमानगढ़ी से लेकर एसबीआई ब्रांच तक लाइन से लगे ठेलों पर चाइनीज लाउड स्पीकर बजाया जा रहा है। पूरे बाजार में इन लाउड स्पीकराें का इतना शोर हैं कि कोई भी शांति से खड़ा नहीं हो पाता है। कमोवेश यहीं हाल कंपनीबाग, रोडवेज और सुर्तीहट्टा बाजार का भी हो गया है।
दिन में तीन बजे के बाद सब्जी और फल के कारोबारी चाइनीज लाउडस्पीकर ऑन करके रात नौ बजे तक छोड़ दे रहे हैं। इनके शोरगुल में पास में खड़े लोग भी एक दूसरे की बात नहीं सुन पा रहे हैं।

दुकान पर बिकने के लिए रखी मिठाई। संवाद