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भानपुर सीएचसी में एक भी महिला डॉक्टर नहीं

Tue, 08 Jan 2019 11:33 PM IST
basti Published by: राकेश पांडेय Updated Tue, 08 Jan 2019 11:33 PM IST
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tere is not any woman doctor in chc
सीएचसी भानपुर। - फोटो : amar ujala
भानपुर। 30 शैय्या वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भानपुर में सृजित पदों के सापेक्ष डॉक्टरों की तैनाती नहीं हो सकी है। इससे मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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सबसे ज्यादा परेशानी अस्पताल आने वाली महिला मरीजों को होती है। जहां एक अधीक्षक और एक मेडिकल अफसर तथा फार्मासिस्ट के सहारे किसी तरह दिन में ओपीडी की व्यवस्था संचालित की जा रही है। वहीं, रात की व्यवस्था एक फार्मासिस्ट और वार्ड ब्वॉय के सहारे ही रह जाती है। डॉक्टरों की कमी के चलते अस्पताल आने वाले अधिकतर मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद सीधे जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया जाता है। कभी-कभी दिन में भी अधीक्षक की ओर से किसी मीटिंग के लिए जिला मुख्यालय या टीकाकरण आदि की निगरानी के लिए क्षेत्र भ्रमण पर जाने के बाद ओपीडी की जिम्मेदारी एक मेडिकल अफसर और फार्मासिस्ट के भरोसे ही किसी तरह चलती है।
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भानपुर में प्रतिदिन सौ से अधिक मरीजों का अस्पताल में आना होता है। वहीं, अस्पताल में महिलाओं के प्रसव के लिए दो संविदा नर्सों से किसी तरह काम चलाया जा रहा है। महिला डॉक्टर न होने से सबसे ज्यादा परेशानी महिला मरीजों को झेलनी पड़ती है। वर्ष 2001 में इसे पीएचसी से सीएचसी का दर्जा तो दे दिया गया लेकिन संसाधन और सृजित पदों के सापेक्ष डॉक्टरों की तैनाती नहीं हो सकी। सीएचसी पर अधीक्षक सहित एक जनरल फिजीशियन, जनरल सर्जन, एक डेंटल सर्जन, एक नेत्र सर्जन, गायनिक सर्जन, पैथालाजिस्ट/रेडियोलॉजिस्ट एक, एमओ के तीन पद, स्टाफ नर्स तीन, एलटी दो, एक्सरे टेक्नीशियन एक, ईसीजी टेक्नीशियन एक, फार्मासिस्ट दो, चीफ फार्मासिस्ट एक, डेंटल हाईजेनिस्ट एक, फिजियोथेरेपिस्ट एक, नेत्र सहायक, डार्करूम सहायक एक, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी एक सहायक शोध अधिकारी एक, स्वास्थ्य पर्यवेक्षक छह, स्वास्थ्य पर्यवेक्षिका एक, प्रतिरक्षण अधिकारी एक, लिपिक दो, वाहन चालक एक, स्वीपर तीन, चौकीदार दो, चपरासी एक, वार्ड ब्वॅाय दो, वार्ड आया एक, आयुष चिकित्सक एक, बीएचडब्लू पुरुष छह, बीएचडब्लू महिला के बाइस पद सृजित हैं। इसके सापेक्ष सिर्फ एक अधीक्षक, एक मेडिकल अफसर, एक एलटी, तीन फार्मासिस्ट, एक चीफ फार्मासिस्ट, एक डेंटल हाईजेनिस्ट, एक नेत्र सहायक, एक स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी, एक लिपिक, दो वॉर्ड ब्वॅाय, एक वार्ड आया, दो बीएचडब्लू पुरुष तथा बाइस महिला बीएचडब्लू के सहारे अस्पताल की व्यवस्था संचालित की जाती है। यहां तैनात लिपिक के पास टीबी अस्पताल के कार्यों का भी प्रभार है, जिसके चलते उनका अधिकतर समय जिले पर ही बीतता है। इस बाबत सीएचसी अधीक्षक डॉ विवेक विस्वास का कहना है कि स्टाफ की कमी के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पत्र लिखकर अवगत कराया जा चुका है। बताया कि लिपिक के पास दो जगह का प्रभार है लेकिन उनके तीन दिन बुधवार, गुरुवार और शनिवार को भानपुर में तथा तीन दिन टीबी अस्पताल में बैठने का समय निर्धारित है।
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