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Basti News: अधिवक्ताओं और प्रशासन के बीच बढ़ी खींचतान... सीएम तक पहुंचा मामला
Mon, 12 Feb 2024 11:47 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Mon, 12 Feb 2024 11:47 PM IST
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- प्रशासन की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार वादकारियों ने उठाया हड़ताल से नुकसान का मुद्दा
- वादकारियों की तरफ से की गई कार्रवाई की मांग, अधिवक्ताओं ने ऐसी किसी जानकारी से किया इन्कार
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। राजस्व संबंधी मामलों को लेकर आंदोलित अधिवक्ताओं और प्रशासन के बीच खींचतान बढ़ती जा रही है। सोमवार को इस मामले में उस समय नया मोड़ आ गया जब जिला प्रशासन के अधीन सूचना कार्यालय से विज्ञप्ति जारी कर यह बताया गया कि 700 से अधिक वादकारियों ने हड़ताल के विरोध में मुख्यमंत्री से लिखित शिकायत की है।
अधिवक्ता पिछले महीने से कलेक्ट्रेट समेत सभी राजस्व न्यायालयों में न्यायिक कार्य नहीं कर रहे हैं। इससे मुकदमों के निस्तारण की प्रक्रिया रुकी हुई है। अधिवक्ताओं का कहना है कि मुकदमों के निस्तारण में जल्दबाजी बरती जा रही है। इससे निष्पक्ष सुनवाई नहीं हो पा रही है। कई निर्णय गलत दे दिए गए हैं। वादकारी और अधिवक्ता दोनों इससे प्रभावित हैं। इसबीच सोमवार को प्रशासन की ओर से सूचना विभाग से जारी विज्ञप्ति में 700 से अधिक वादकारियों द्वारा मुख्यमंत्री को पत्र भेजने की जानकारी दी गई है।
विज्ञप्ति के अनुसार वादकारियों का कहना है कि अधिवक्ताओं के न्यायिक कार्य से विरत रहने के कारण उन्हें नुकसान हो रहा है। वादकारियों की ओर से त्वरित न्याय प्रदान करने के लिए प्रभावी कार्रवाई करने का अनुरोध भी किया जाना बताया गया है। वादकारियों की मांग है कि न्यायिक कार्यवाही नियत तिथि पर हर हाल में की जाए। न्यायिक कार्य बाधित होने से बचाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। साथ ही न्यायिक कार्य से विरत रहने के कारण विधि विशेषज्ञ की उच्चस्तरीय समिति से दंडित कराते हुए जुर्माने की राशि वादकारियों के हित में खर्च किए जाने की व्यवस्था बनें। विज्ञप्ति में धर्मेंद्र, रामगोपाल, राकेश कुमार, सुधांशु त्रिपाठी, उत्कर्ष शुक्ल समेत तमाम वादकारियों का नाम भी उल्लिखित किया गया है।
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अधिवक्ता बोले- हमें कुछ नहीं मालूम
वादकारियों की तरफ से मुख्यमंत्री को क्या शिकायत की गई है इस बारे में हमें कोई जानकारी नहीं है। हम लोगों का संघर्ष वादकारियों से अलग नहीं बल्कि उन्हीं के हित के लिए है। यह आंदोलन को दबाने की सुनियोजित साजिश है या नहीं अभी यह भी नहीं बता सकते हैं। मंगलवार को इस मुद्दे पर संयुक्त बार की बैठक बुलाई गई। इसमें जो भी निर्णय होगा उसे सार्वजनिक किया जाएगा। फिलहाल हड़ताल जारी है।
-जवाहर लाल मिश्र, अध्यक्ष, जनपद बार एसोसिएशन।
डीएम के निर्देश पर जारी हुई विज्ञप्ति
समूचे प्रकरण पर जिला सूचना अधिकारी जितेंद्र कुमार ने बताया कि डीएम के निर्देश पर वादकारियों के शिकायत संबंधी विज्ञप्ति जारी की गई है। हमें जो निर्देश मिला है उसका पालन किया गया है।
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- वादकारियों की तरफ से की गई कार्रवाई की मांग, अधिवक्ताओं ने ऐसी किसी जानकारी से किया इन्कार
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। राजस्व संबंधी मामलों को लेकर आंदोलित अधिवक्ताओं और प्रशासन के बीच खींचतान बढ़ती जा रही है। सोमवार को इस मामले में उस समय नया मोड़ आ गया जब जिला प्रशासन के अधीन सूचना कार्यालय से विज्ञप्ति जारी कर यह बताया गया कि 700 से अधिक वादकारियों ने हड़ताल के विरोध में मुख्यमंत्री से लिखित शिकायत की है।
अधिवक्ता पिछले महीने से कलेक्ट्रेट समेत सभी राजस्व न्यायालयों में न्यायिक कार्य नहीं कर रहे हैं। इससे मुकदमों के निस्तारण की प्रक्रिया रुकी हुई है। अधिवक्ताओं का कहना है कि मुकदमों के निस्तारण में जल्दबाजी बरती जा रही है। इससे निष्पक्ष सुनवाई नहीं हो पा रही है। कई निर्णय गलत दे दिए गए हैं। वादकारी और अधिवक्ता दोनों इससे प्रभावित हैं। इसबीच सोमवार को प्रशासन की ओर से सूचना विभाग से जारी विज्ञप्ति में 700 से अधिक वादकारियों द्वारा मुख्यमंत्री को पत्र भेजने की जानकारी दी गई है।
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विज्ञप्ति के अनुसार वादकारियों का कहना है कि अधिवक्ताओं के न्यायिक कार्य से विरत रहने के कारण उन्हें नुकसान हो रहा है। वादकारियों की ओर से त्वरित न्याय प्रदान करने के लिए प्रभावी कार्रवाई करने का अनुरोध भी किया जाना बताया गया है। वादकारियों की मांग है कि न्यायिक कार्यवाही नियत तिथि पर हर हाल में की जाए। न्यायिक कार्य बाधित होने से बचाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। साथ ही न्यायिक कार्य से विरत रहने के कारण विधि विशेषज्ञ की उच्चस्तरीय समिति से दंडित कराते हुए जुर्माने की राशि वादकारियों के हित में खर्च किए जाने की व्यवस्था बनें। विज्ञप्ति में धर्मेंद्र, रामगोपाल, राकेश कुमार, सुधांशु त्रिपाठी, उत्कर्ष शुक्ल समेत तमाम वादकारियों का नाम भी उल्लिखित किया गया है।
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अधिवक्ता बोले- हमें कुछ नहीं मालूम
वादकारियों की तरफ से मुख्यमंत्री को क्या शिकायत की गई है इस बारे में हमें कोई जानकारी नहीं है। हम लोगों का संघर्ष वादकारियों से अलग नहीं बल्कि उन्हीं के हित के लिए है। यह आंदोलन को दबाने की सुनियोजित साजिश है या नहीं अभी यह भी नहीं बता सकते हैं। मंगलवार को इस मुद्दे पर संयुक्त बार की बैठक बुलाई गई। इसमें जो भी निर्णय होगा उसे सार्वजनिक किया जाएगा। फिलहाल हड़ताल जारी है।
-जवाहर लाल मिश्र, अध्यक्ष, जनपद बार एसोसिएशन।
डीएम के निर्देश पर जारी हुई विज्ञप्ति
समूचे प्रकरण पर जिला सूचना अधिकारी जितेंद्र कुमार ने बताया कि डीएम के निर्देश पर वादकारियों के शिकायत संबंधी विज्ञप्ति जारी की गई है। हमें जो निर्देश मिला है उसका पालन किया गया है।