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Basti News: कायमी प्रार्थना पत्र पर पक्ष में आदेश करने के एवज में तहसीलदार रिश्वत पर मांगने का आरोप

Sun, 17 May 2026 12:42 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 17 May 2026 12:42 AM IST
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Tehsildar accused of demanding bribe in exchange for passing favourable order on a permanent application
तहसीलदार के ​खिलाफ तहसील परिसर में अनशन पर बैठा परिवार-संवाद
हरैया। तहसीलदार अभयराज पर एक वाद में कायमी प्रार्थना पत्र स्वीकारने के बदले पांच लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हुए पीड़ित पक्ष ने शनिवार को तहसील परिसर में परिवार के लोगों के साथ अनशन शुरू कर दिया। तहसीलदार पर आरोप लगाते हुए नारेबाजी कर उनके कार्यों की जांच की मांग की। एसडीएम सतेंद्र सिंह ने पीड़ित से कायमी प्रार्थना पत्र लेकर सुनवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद पीड़ित पक्ष ने अनशन स्थगित किया।
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क्षेत्र के सहसराव गांव निवासी मीरा देवी और प्रेम प्रकाश वर्मा ने बताया कि उनका और राम तीरथ वर्मा का तहसीलदार कोर्ट में जमीन संबंधी एक वाद राम तीरथ बनाम भवानी भीख चल रहा था। इसमें वर्ष 2010 में मीरा देवी व राम तीरथ के पक्ष में फैसला हुआ था। इस फैसले के लगभग 13 वर्ष बाद पुराने अभिलेख प्रस्तुत कर तहसीलदार ने बिना कानूनी प्रक्रिया अपनाते हुए पहले हुए आदेश को खारिज कर दिया। आरोप है कि पूरी प्रक्रिया गुपचुप तरीके से होने के चलते उन्हें पता ही नहीं चला।
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करीब आठ महीने बाद जब पता चला तो उन्होंने अपने अधिवक्ता के जरिए कायमी प्रार्थना सुनवाई के लिए प्रस्तुत किया तो तहसीलदार अभयराज ने टाइमवार्ड बताकर सुनवाई करने से मना कर दिया। इस संबंध में पीड़ित एसडीएम और मुख्य राजस्व अधिकारी को शिकायती पत्र दिया तो इसकी जांच तहसीलदार को भेज दी गई। तब तहसीलदार ने अपना ही आदेश स्थगित करते हुए पत्रावली अपने पास सुरक्षित करते हुए आदेश की समीक्षा करने का पीड़ित आश्वासन को दिया।
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पीड़ित मीरा देवी, प्रेम प्रकाश वर्मा, रामतीरथ समेत अन्य का आरोप है कि इस बीच तहसीलदार ने उन्हें आठ मई को अपने कक्ष में बुलाकर कायमी प्रार्थना पत्र पर सुनवाई कर केस का फैसला पीड़ित के पक्ष में करने की एवज में पांच लाख रुपये की मांग की। पीड़ित ने आरोप लगाया कि तहसीलदार ने दूसरे पक्ष से पांच लाख रुपये की पेशकश किए जाने बात बताते हुए कहा कि दूसरा पक्ष दे रहा है।
तहसीलदार के रुख को भांपते हुए उन्होंने ने परिवार के साथ तहसील में अनशन देने का कदम उठाया। शनिवार को तहसील परिसर में अनशन पर बैठने की सूचना पर प्रशासनिक अधिकारियों में खलबली मच गई। पहले तहसीलदार अभयराज अनशनकारियों के बीच पहुंचे तो परिजनों ने घेर लिया और न्याय प्रभावित करने का आरोप लगाया तो वह बैरंग तहसील दिवस कार्यक्रम में चले गए।
बाद में प्रभारी निरीक्षक तहसीलदार सिंह के समझाने के बाद अनशनकारी एसडीएम सतेंद्र सिंह से उनके कक्ष में हुई वार्ता में शामिल हुए।एसडीएम ने उक्त वाद में एक पक्षीय आदेश पर कायमी प्रार्थना पत्र पर फिर से सुनवाई किए जाने का आश्वासन दिया। जिसके बाद अनशन स्थगित कर दिया।
कोट
अभी उक्त वाद में कोई नया आदेश नहीं हुआ है। अनशनकारी दबाव का हथकंडा अपनाकर न्याय प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं। जो भी आरोप लगा रहे हैं वह बेबुनियाद है।

-अभयराज, हसीलदार हर्रैया
कोट
अनशनकारियों व उनके अधिवक्ता से बातचीत के बाद न्यायिक प्रकिया अपनाकर गुण-दोष के आधार पर फैसला लिए जाने का निर्देश तहसीलदार को दिया गया है। मैं खुद इसकी निगरानी करूंगा।
-सतेंद्र सिंह, एसडीएम हर्रैया
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