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Basti News: पिपरपाती में पैमाइश करने पहुंची टीम, असंतुष्ट दिखे किसान
Sun, 12 Jan 2025 05:09 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sun, 12 Jan 2025 05:09 AM IST
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रामजानकी मार्ग के चौड़ीकरण में कुदरहा के कुछ किसानों की गई है जमीन
संवाद न्यूज एजेंसी
कुदरहा। रामजानकी मार्ग के चौड़ीकरण में गई जमीन के मुआवजा के लिए किसानों ने जिला मजिस्ट्रेट संतकबीरनगर के आदेश के विरुद्ध इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट के आदेश पर धनघटा तहसील के नायब तहसीलदार के नेतृत्व में पांच सदस्यीय टीम ने मौके पर पैमाइश की। हालांकि, किसान पैमाइश से संतुष्ट नहीं थे और बीच में ही पैमाइश रोकवा दी।
कुदरहा ब्लॉक के पिपरपाती गांव के कुछ किसानों की भूमि संतकबीरनगर जिले के घनघटा तहसील के अंतर्गत आती है। रामजानकी मार्ग के चौड़ीकरण में पिपरपाती गांव के कुछ किसानों की भूमि चली गई है। इसके मुवावजा के लिए किसानों ने घनघटा तहसील का कई बार चक्कर कटा। मगर, उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। उस के बाद जिला मजिस्ट्रेट संकबीरनगर न्यायालय में मुआवजा के लिए याचिका दायर की।
वहां से किसानों की याचिका खारिज हो गई। किसान थकहार कर वर्ष 2020 में इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की। करीब चार वर्ष बाद हाईकोर्ट ने जिला मजिस्ट्रेट के आदेश को रद्द कर दिया और याचिकाकर्ताओं व उनके प्रतिनिधियों की मौजूदगी में उचित सर्वेक्षण के बाद मामले को 12 मई 2016 के सरकारी आदेश के अनुसार निर्णय लेने के लिए जिला स्तरीय समिति को वापस भेज दिया। साथ ही, यह आदेश दिया कि जिला स्तरीय समिति विवाद का निर्णय करते समय सभी राजस्व अभिलेखों की जांच करेगी।
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शनिवार को नायब तहसीलदार धनघटा हरिराम यादव के नेतृत्व में टी चकिया गांव के भरवलिया उर्फ टिकुईया पहुंची। रामजानकी मार्ग के बगल पैमाइश करने लगी। मगर, संतुष्ट नहीं होने पर किसानों ने पैमाइश रोकवा दी।
टीम प्रभारी एसडीएम अरुण कुमार वर्मा बताया कि लंबे समय से किसानों की मांग उच्च न्यायालय में विचारधीन था। किसानों की जमीन का सीमांकन कर रिपोर्ट शीघ्र सौंप दी जाएगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुदरहा। रामजानकी मार्ग के चौड़ीकरण में गई जमीन के मुआवजा के लिए किसानों ने जिला मजिस्ट्रेट संतकबीरनगर के आदेश के विरुद्ध इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट के आदेश पर धनघटा तहसील के नायब तहसीलदार के नेतृत्व में पांच सदस्यीय टीम ने मौके पर पैमाइश की। हालांकि, किसान पैमाइश से संतुष्ट नहीं थे और बीच में ही पैमाइश रोकवा दी।
कुदरहा ब्लॉक के पिपरपाती गांव के कुछ किसानों की भूमि संतकबीरनगर जिले के घनघटा तहसील के अंतर्गत आती है। रामजानकी मार्ग के चौड़ीकरण में पिपरपाती गांव के कुछ किसानों की भूमि चली गई है। इसके मुवावजा के लिए किसानों ने घनघटा तहसील का कई बार चक्कर कटा। मगर, उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। उस के बाद जिला मजिस्ट्रेट संकबीरनगर न्यायालय में मुआवजा के लिए याचिका दायर की।
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वहां से किसानों की याचिका खारिज हो गई। किसान थकहार कर वर्ष 2020 में इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की। करीब चार वर्ष बाद हाईकोर्ट ने जिला मजिस्ट्रेट के आदेश को रद्द कर दिया और याचिकाकर्ताओं व उनके प्रतिनिधियों की मौजूदगी में उचित सर्वेक्षण के बाद मामले को 12 मई 2016 के सरकारी आदेश के अनुसार निर्णय लेने के लिए जिला स्तरीय समिति को वापस भेज दिया। साथ ही, यह आदेश दिया कि जिला स्तरीय समिति विवाद का निर्णय करते समय सभी राजस्व अभिलेखों की जांच करेगी।
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शनिवार को नायब तहसीलदार धनघटा हरिराम यादव के नेतृत्व में टी चकिया गांव के भरवलिया उर्फ टिकुईया पहुंची। रामजानकी मार्ग के बगल पैमाइश करने लगी। मगर, संतुष्ट नहीं होने पर किसानों ने पैमाइश रोकवा दी।
टीम प्रभारी एसडीएम अरुण कुमार वर्मा बताया कि लंबे समय से किसानों की मांग उच्च न्यायालय में विचारधीन था। किसानों की जमीन का सीमांकन कर रिपोर्ट शीघ्र सौंप दी जाएगी।

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