फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   Team leaves to collect details of Amarmani's properties

Basti News: अमरमणि की संपत्तियों का ब्योरा जुटाने टीम रवाना

Fri, 08 Dec 2023 12:09 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Fri, 08 Dec 2023 12:09 AM IST
विज्ञापन
Team leaves to collect details of Amarmani's properties
व्यवसायी पुत्र राहुल मद्धेशिया अपहरण कांड में आरोपी पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी के खिलाफ कुर्की के आदेश पर अमल करने के प्रयास में नई टीम जुट गई है। सबसे पहले टीम पूर्व मंत्री अमरमणि की संपत्तियों का ब्योरा जुटाएगी। कोतवाल विनय कुमार पाठक ने बताया कि न्यायालय के आदेश के क्रम में गठित विशेष टीम ने अपना काम शुरू कर दिया है। अगली तारीख 20 दिसंबर से पहले कुर्की की कार्रवाई पूरी कर ली जाएगी।
विज्ञापन

इससे पहले न्यायालय के आदेश पर पूर्व मंत्री की गिरफ्तारी के लिए एसपी स्तर से पुलिस टीम का गठन किया गया था, लेकिन टीम कुछ नहीं कर पाई। इसके बाद न्यायालय ने कड़ी फटकार लगाते हुए कोतवाल को तलब कर लिया था। दो दिसंबर को दूसरी टीम का गठन करके कुर्की कर 20 दिसंबर तक अनुपालन आख्या प्रस्तुत करने का आदेश दिया था। इस आदेश के बाद बुधवार को एसपी गोपाल कृष्ण चौधरी ने कोतवाली के अतिरिक्त निरीक्षक कृपाशंकर मौर्य, क्राइम ब्रांच के निरीक्षक संजय कुमार, एसओ महिला थाना निधि यादव, एसओजी प्रभारी, स्वाॅट प्रभारी और चौकी इंचार्ज सिविल लाइंस को नई टीम में रखा गया है। टीम के पर्यवेक्षण का जिम्मा सीओ सिटी विनय चौहान को सौंपा गया है।
विज्ञापन


बता दें कि कुर्की की नोटिस के बावजूद दो दिसंबर को आरोपी अमरमणि त्रिपाठी के न्यायालय में हाजिर न होने की दशा में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सप्तम/विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए कोर्ट) प्रमोद कुमार गिरि ने सीआरपीसी-83 के तहत संपत्ति कुर्क करने का आदेश दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह है मामला
छह दिसंबर 2001 को व्यापारी धर्मराज मद्धेशिया के बेटे राहुल का अपहरण हो गया था। इस मामले में कोतवाली थाने में अपहरण का केस दर्ज कराया गया था। पुलिस ने इस मामले में अमरमणि समेत नौ लोगों को आरोपी बनाया था। आरोप है कि लखनऊ के जिस मकान से अपहृत बालक मिला था, वह तत्कालीन मंत्री अमरमणि का था। अमरमणि के खिलाफ 24 अक्तूबर 2011 से गैर जमानती वारंट जारी है। तीन नवंबर 2023 को मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने बस्ती कोतवाली पुलिस को सीआरपीसी-82 की कार्रवाई करने का आदेश दिया था। 16 नवंबर की सुनवाई में पुलिस ने सीआरपीसी-82 की कार्रवाई से कोर्ट को अवगत कराया, लेकिन न्यायाधीश ने खारिज करते हुए प्रभारी निरीक्षक कोतवाली के विरुद्ध कार्य में शिथिलता व लापरवाही का प्रकीर्णवाद दर्ज कर दो दिसंबर को तलब किया था।


पुलिस की कार्यप्रणाली से न्यायालय खफा



इस केस में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर न्यायालय कई बार असंतोष जाहिर कर चुका है। एसपी बस्ती और कोतवाली पुलिस के खिलाफ तल्ख टिप्पणी कर चुकी है। न्यायालय की नाराजगी इसलिए ज्यादा है कि 22 वर्ष पुराने मामले में पुलिस एक बार भी अमरमणि समेत तीन आरोपियों को अदालत के सामने पेश नहीं कर पाई। जबकि कवियत्री मधुमिता शुक्ला हत्याकांड में वह 20 वर्ष तक उम्रकैद की सजा काट कर पांच महीने पहले ही 24 अगस्त को रिहा हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed